फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Condition of 750 cattle in Nandishala of Municipal Council of Bhiwani is pathetic

Bhiwani: जंग लगी व्यवस्था के मझधार में फंसे 750 नंदी, सरकार से नहीं मिली चारे के लिए एक रुपये की मदद

Thu, 16 Feb 2023 09:28 AM IST
नवीन दलाल संजय वर्मा, भिवानी (हरियाणा)
संजय वर्मा, भिवानी (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 16 Feb 2023 09:28 AM IST
सार

भिवानी के नगर परिषद शहर में घूम रहे लावारिस नंदियों की व्यवस्था बनाने के लिए 2018 में नंदीशाला तो बना दी, मगर यहां रहने वाले नंदियों की भूख मिटाने का कोई प्रबंध नहीं हो पाया। सरकार ने भी नंदीशाला में चारे के लिए कोई मदद या बजट नहीं दिया। 

विज्ञापन
Condition of 750 cattle in Nandishala of Municipal Council of Bhiwani is pathetic
नंदीशाला में गोदाम में रखा सूखा चारा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जंग लगी व्यवस्था के कारण नगर परिषद की नंदीशाला में 750 गोवंशों का हाल बेहाल है। पहले नंदीशाला में हर रोज 15 से 20 नंदियों की भूख से मौत हो जाती थी। हालांकि अब मृत्यु दर के आंकड़ों में भी काफी कमी आई है। सामाजिक संस्था जेसीआई नौ माह से नगर परिषद की नंदीशाला में रह रहे नंदियों के चारे की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी संभाल रही है। गोशालाओं के पंजीकृत नहीं होने से सरकार से कोई मदद नहीं मिल रही है। नतीजतन गोशाला संचालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन


संस्था के 195 सदस्य हर माह उठाते हैं नंदीशाला के चारे का खर्च
इस संस्था के 195 सदस्य हर माह नंदीशाला के चारे का खर्च उठाते हैं। भिवानी नगर परिषद ने शहर में घूम रहे लावारिस नंदियों की व्यवस्था बनाने के लिए 2018 में नंदीशाला तो बना दी, मगर यहां रहने वाले नंदियों की भूख मिटाने का कोई प्रबंध नहीं हो पाया। सरकार ने भी नंदीशाला में चारे के लिए कोई मदद या बजट नहीं दिया। जिला प्रशासन ने भी नंदीशाला में चारे के इंतजाम का कोई प्रावधान नहीं किया। जैसे तैसे कई महीनों तक समाजसेवी लोगों के सहारे व्यवस्था बनाई गई, मगर डेढ़ से दो हजार नंदियों के लिए हर माह लाखों के बजट का प्रबंध करते-करते ये लोग भी थक गए।
विज्ञापन


11 सदस्यों की कमेटी ने हर मुश्किल को किया पार
नंदीशाला में रह रहे नंदी भूखे-प्यासे यहां सिर्फ बंदी बनकर रह गए। मई 2022 में सामाजिक संस्था जेसीआई भिवानी ने नंदीशाला में भूख से तड़प रहे नंदियों की हालत देखी नहीं गई। संस्था के सदस्यों ने नंदीशाला में चारे की व्यवस्था कराने का जिम्मा खुद थामा। शुरुआत में संस्था के सदस्यों को भी काफी कठिनाई हुई। मगर, संस्था के 11 सदस्यों की कमेटी ने हर मुश्किल को पार किया। फिलहाल संस्था के 195 सदस्य ऐसे हैं जो कि नंदीशाला के लिए हर माह 1100 रुपये का अनुदान नियमित रूप से देते आ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

हर माह 14 लाख रुपये आ रहा नंदीशाला में चारे का खर्च

जेसीआई भिवानी के सदस्य अमित बंसल ने बताया कि उनकी संस्था का हर माह नंदीशाला में चारे पर करीब 14 लाख रुपये खर्च आ रहा है। नंदीशाला में हर रोज करीब 30 क्विंटल सूखे और 80 क्विंटल हरे चारे जरूरत पड़ती है। प्रत्येक नंदी पर यहां 100 रुपये रोजाना खर्च आ रहा है। फिलहाल संस्था 750 नंदियों के लिए रोजाना तीन ट्राली सूखी तूड़ी, सात से आठ ट्राली हरा चारा मुहैया करा रही है।

जमीन या आमदनी का कोई जरिया नहीं
नगर परिषद की नंदीशाला में ज्यादातर लावारिस सांड़ हैं, जबकि 100 के करीब लावारिस गाय भी हैं। यहां दुधारू कोई पशु नहीं है। नंदीशाला के पास कोई उपजाऊ जमीन या फिर खुद की आमदनी अर्जित करने का भी कोई जरिया नहीं है। न ही गोसेवा आयोग से कोई नियमित मदद मिल रही है। क्योंकि ये नंदीशाला रजिस्टर्ड नहीं है। संस्था अब यहां नंदीशाला में शेड का निर्माण भी करवा रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने किए पत्राचार, नहीं आया एक का भी जवाब

जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद ने नंदीशाला तो बना दी और शहर से लावारिस नंदियों को पकड़कर यहां बंद कर दिया। मगर, इनके खाने की कोई व्यवस्था नहीं बनी। नंदियों के लिए चारे की व्यवस्था के लिए कई प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यालय में पत्राचार भी किए, मगर एक का भी जवाब नहीं आया। सरकार ने नंदीशाला में चारा मुहैया कराने के लिए आज तक कोई बजट तक नहीं दिया।

प्रतिक्रिया
नंदीशाला में चारे का प्रबंध कराने के संबंध में हमने अभी तक कोई प्रावधान नहीं किया है। सरकार की तरफ से भी इस मद में कोई बजट नहीं आ रहा है। फिलहाल नंदीशाला में नंदियों के चारे की व्यवस्था सामाजिक संस्था व स्वयंसेवी लोग ही करा रहे हैं।, अशोक कुमार दांगी, सचिव नगर परिषद भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed