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भिवानी में स्वीट्स हब बनाने का रास्ता साफ, बिधनोई में चार एकड़ जगह चिह्नित
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हांसी रोड स्थित चिलिंग प्लांट। संवाद
- फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
भिवानी। अब भिवानी को स्वीट्स हब बनाने का रास्ता साफ हो गया है। बहल क्षेत्र के गांव बिधनोई में चार एकड़ जगह चिह्नित हो चुकी है। जिसकी भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया भी जारी है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले कुछ माह में गांव बिधनोई में करीब पांच करोड़ से वीटा का नया चिलिंग प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
नए चिलिंग प्लांट लगाने की तैयारियां भी हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ के अधिकारियों ने शुरू कर दी है। वहीं करीब ढाई साल पहले भिवानी में नए चिलिंग प्लांट की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। फिलहाल भिवानी में एक चिलिंग प्लांट चल रहा है। जिसमें लोहारू, बहल, सिवानी और आसपास के क्षेत्र दूर दराज इलाके से यहां दूध लाने में उसकी गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
लोहारू विधानसभा क्षेत्र में इंडियन स्वीट्स फैक्टरी यानी यहां के दूध से भारतीय मिठाइयां तैयार किए जाने की योजना है। जिसके तहत नया चिलिंग प्लांट का लगाया जाना भी प्रस्तावित किया गया है। इसी को लेकर पिछले करीब ढाई साल से हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ जगह को लेकर उधेड़बुन में जुटा था। पहले गांव सेरला में चार एकड़ जगह देखी गईं। उसकी औपचारिकताएं पूरी हो पातीं, इससे पहले ही ये जगह गांव के जोहड़ की निकल आई। इसके बाद राजस्व विभाग मुख्यालय ने इस जगह के स्थानांतरण पर आपत्ति जता दी। इसी के बाद नई जगह का चयन शुरू हुआ। अब गांव बिधनोई में चार एकड़ पंचायती भूमि को चिह्नित किया गया है। इस भूमि को ग्राम पंचायत से हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ में स्थानांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है। जिसका मसौदा भी राजस्व विभाग मुख्यालय को भेजा गया है।
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पांच हजार पशुपालक कर रहे रोजाना 70 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादन
वीटा के रोहतक मिल्क प्लांट से भिवानी और चरखी दादरी जिलों में करीब 47 बीएमसी (बुल्क मिल्क कुलिंग) से करीब पांच हजार पशुपालक दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। ये भिवानी के चिलिंग प्लांट के जरिये रोहतक मिल्क प्लांट तक दुध पहुंचाते हैं। रोजाना करीब 70 हजार लीटर से अधिक दूध का उत्पादन दोनों जिलों में होता है। चरखी दादरी में फिलहाल कोई चिलिंग प्लांट नहीं है।
बंद पड़ीं दुग्ध समितियां होंगी शुरू
भिवानी जिले के बहल, लोहारू, बाढड़ा और ढिगावा मंडी क्षेत्र के अलावा चरखी दादरी क्षेत्र के सैकड़ों पशुपालकों को नए चिलिंग प्लांट बनने से फायदा होगा। इन इलाकों के पशुपालक और किसान अपने दूध को यहां बेच सकेंगे। उसी दूध से भारतीय मिठाइयों का निर्माण संभव होगा। भिवानी के चिलिंग प्लांट तक आने में करीब 60 से 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। जिसकी वजह से यहां लाते लाते दूध कई बार खराब भी हो जाता है। नए प्लांट चालू होने से बंद पड़ी दुग्ध समितियां चालू होंगी। वहीं प्राइवेट डेयरियों में दूध देने वाले भी वीटा समूह से जुड़ेंगे। जिसका इलाके के पशुपालकों और किसानों को सीधा फायदा होगा। (संवाद)
पंचायत से जमीन खरीदेगी सरकार
गांव बिधनोई में पहले भूमि लीज पर लेने की प्रकिया थी, मगर अब सरकार इस भूमि को पंचायत से खरीदेगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है। स्वीट्स हब और नए चिलिंग प्लांट निर्माण पर करीब पांच करोड़ का बजट खर्च आएगा। नए चिलिंग प्लांट बनने के बाद इलाके की दुग्ध समितियों का दूध दूरदराज नहीं भेजना पड़ेगा, बल्कि उसका यहीं इस्तेमाल होगा। मिठाइयां तैयार की जाएंगी, जिसे वीटा के बूथों पर बिक्री किया जाएगा।
-एसएस कोहली, सीजीएम, हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ पंचकूला।
जल्द शुरू होगा काम
किसान और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में लोहारू विधानसभा क्षेत्र में नए चिलिंग प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसे जल्द ही सिरे चढ़ाकर मिल्ट प्लांट निर्माण का काम शुरू करा दिया जाएगा। इस इलाके में दूध उत्पादन करने वाले पशुपालकों और किसानों को अपना दूध दूरदराज बेचने नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें यहीं पर अच्छे दाम मिलेंगे।
-जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं पशुपालन मंत्री, हरियाणा सरकार।
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भिवानी। अब भिवानी को स्वीट्स हब बनाने का रास्ता साफ हो गया है। बहल क्षेत्र के गांव बिधनोई में चार एकड़ जगह चिह्नित हो चुकी है। जिसकी भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया भी जारी है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले कुछ माह में गांव बिधनोई में करीब पांच करोड़ से वीटा का नया चिलिंग प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
नए चिलिंग प्लांट लगाने की तैयारियां भी हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ के अधिकारियों ने शुरू कर दी है। वहीं करीब ढाई साल पहले भिवानी में नए चिलिंग प्लांट की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। फिलहाल भिवानी में एक चिलिंग प्लांट चल रहा है। जिसमें लोहारू, बहल, सिवानी और आसपास के क्षेत्र दूर दराज इलाके से यहां दूध लाने में उसकी गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
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लोहारू विधानसभा क्षेत्र में इंडियन स्वीट्स फैक्टरी यानी यहां के दूध से भारतीय मिठाइयां तैयार किए जाने की योजना है। जिसके तहत नया चिलिंग प्लांट का लगाया जाना भी प्रस्तावित किया गया है। इसी को लेकर पिछले करीब ढाई साल से हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ जगह को लेकर उधेड़बुन में जुटा था। पहले गांव सेरला में चार एकड़ जगह देखी गईं। उसकी औपचारिकताएं पूरी हो पातीं, इससे पहले ही ये जगह गांव के जोहड़ की निकल आई। इसके बाद राजस्व विभाग मुख्यालय ने इस जगह के स्थानांतरण पर आपत्ति जता दी। इसी के बाद नई जगह का चयन शुरू हुआ। अब गांव बिधनोई में चार एकड़ पंचायती भूमि को चिह्नित किया गया है। इस भूमि को ग्राम पंचायत से हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ में स्थानांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है। जिसका मसौदा भी राजस्व विभाग मुख्यालय को भेजा गया है।
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पांच हजार पशुपालक कर रहे रोजाना 70 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादन
वीटा के रोहतक मिल्क प्लांट से भिवानी और चरखी दादरी जिलों में करीब 47 बीएमसी (बुल्क मिल्क कुलिंग) से करीब पांच हजार पशुपालक दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। ये भिवानी के चिलिंग प्लांट के जरिये रोहतक मिल्क प्लांट तक दुध पहुंचाते हैं। रोजाना करीब 70 हजार लीटर से अधिक दूध का उत्पादन दोनों जिलों में होता है। चरखी दादरी में फिलहाल कोई चिलिंग प्लांट नहीं है।
बंद पड़ीं दुग्ध समितियां होंगी शुरू
भिवानी जिले के बहल, लोहारू, बाढड़ा और ढिगावा मंडी क्षेत्र के अलावा चरखी दादरी क्षेत्र के सैकड़ों पशुपालकों को नए चिलिंग प्लांट बनने से फायदा होगा। इन इलाकों के पशुपालक और किसान अपने दूध को यहां बेच सकेंगे। उसी दूध से भारतीय मिठाइयों का निर्माण संभव होगा। भिवानी के चिलिंग प्लांट तक आने में करीब 60 से 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। जिसकी वजह से यहां लाते लाते दूध कई बार खराब भी हो जाता है। नए प्लांट चालू होने से बंद पड़ी दुग्ध समितियां चालू होंगी। वहीं प्राइवेट डेयरियों में दूध देने वाले भी वीटा समूह से जुड़ेंगे। जिसका इलाके के पशुपालकों और किसानों को सीधा फायदा होगा। (संवाद)
पंचायत से जमीन खरीदेगी सरकार
गांव बिधनोई में पहले भूमि लीज पर लेने की प्रकिया थी, मगर अब सरकार इस भूमि को पंचायत से खरीदेगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है। स्वीट्स हब और नए चिलिंग प्लांट निर्माण पर करीब पांच करोड़ का बजट खर्च आएगा। नए चिलिंग प्लांट बनने के बाद इलाके की दुग्ध समितियों का दूध दूरदराज नहीं भेजना पड़ेगा, बल्कि उसका यहीं इस्तेमाल होगा। मिठाइयां तैयार की जाएंगी, जिसे वीटा के बूथों पर बिक्री किया जाएगा।
-एसएस कोहली, सीजीएम, हरियाणा डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ पंचकूला।
जल्द शुरू होगा काम
किसान और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में लोहारू विधानसभा क्षेत्र में नए चिलिंग प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसे जल्द ही सिरे चढ़ाकर मिल्ट प्लांट निर्माण का काम शुरू करा दिया जाएगा। इस इलाके में दूध उत्पादन करने वाले पशुपालकों और किसानों को अपना दूध दूरदराज बेचने नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें यहीं पर अच्छे दाम मिलेंगे।
-जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं पशुपालन मंत्री, हरियाणा सरकार।