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Bhiwani News: पुराने परिसर में लग रहीं कक्षाएं, लाइब्रेरी नए कैंपस में स्थानांतरित
Wed, 31 Jan 2024 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 31 Jan 2024 10:39 PM IST
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सीबीएलयू भिवानी के न्यू कैंपस में स्थानांतरित होने के बाद पुराने कैंपस की लाइब्रेरी की हालत।
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान अब विद्यार्थियों को किताबों के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है। यूनिवर्सिटी के पुराने कैंपस में कक्षाएं लग रही हैं जबकि लाइब्रेरी को गांव प्रेमनगर के नए कैंपस में स्थानांतरित किया गया है। पुराने कैंपस में पढ़ रहे विद्यार्थियों को किताबों के लिए भी करीब आने और जाने के लिए दस किलोमीटर लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। जबकि लाइब्रेरी पहले पुराने कैंपस में ही थी।
अब पुराने कैंपस के लाइब्रेरी कक्ष पर ताला लटक रहा है। वहीं नए कैंपस की लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए भी बहुत कम विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत तो पाठ्यक्रम से जुड़ी पुस्तकें लेने में आ रही हैं। क्योंकि उन्हें अपने नाम इश्यू कराने के लिए पहले यूनिवर्सिटी के नए कैंपस में जाना पड़ता है और फिर पुराने कैंपस में आकर पढ़ाई करनी जरूरी है। इसके अलावा लाइब्रेरी में आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का अध्ययन करने के लिए भी बहुत कम विद्यार्थी ही वहां तक पहुंच रहे हैं।
सीबीएलयू के पुराने कैंपस में पीजी कोर्स की हिंदी, राजनीतिक विज्ञान, अंग्रेजी, वाणिज्य, मैनेजमेंट, योगा, सोशल वर्क, पत्रकारिता एवं संचार अध्ययन विभाग की कक्षाएं लग रही हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों की कक्षाओं का संचालन भी पुराने कैंपस में ही हो रहा है।
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अब पुराने कैंपस के लाइब्रेरी कक्ष पर ताला लटक रहा है। वहीं नए कैंपस की लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए भी बहुत कम विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत तो पाठ्यक्रम से जुड़ी पुस्तकें लेने में आ रही हैं। क्योंकि उन्हें अपने नाम इश्यू कराने के लिए पहले यूनिवर्सिटी के नए कैंपस में जाना पड़ता है और फिर पुराने कैंपस में आकर पढ़ाई करनी जरूरी है। इसके अलावा लाइब्रेरी में आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का अध्ययन करने के लिए भी बहुत कम विद्यार्थी ही वहां तक पहुंच रहे हैं।
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सीबीएलयू के पुराने कैंपस में पीजी कोर्स की हिंदी, राजनीतिक विज्ञान, अंग्रेजी, वाणिज्य, मैनेजमेंट, योगा, सोशल वर्क, पत्रकारिता एवं संचार अध्ययन विभाग की कक्षाएं लग रही हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों की कक्षाओं का संचालन भी पुराने कैंपस में ही हो रहा है।
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