{"_id":"5e483fbd8ebc3ee5fe47ed80","slug":"class-primary-school-girls-bhiwani-news-rtk5424457108","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मशाला में लग रही राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला की कक्षाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मशाला में लग रही राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला की कक्षाएं
विज्ञापन
धर्मशाला जहां लगती है गांव जमालपुर के राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला की कक्षाएं।
- फोटो : Bhiwani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव जमालपुर के राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला-2 कक्षाएं पिछले लगभग छह माह से गांव की धानक समाज की धर्मशाला में लग रही है, लेकिन प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। इन कक्षाओं में जहां बच्चों, शिक्षकों को रोजाना समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है वहीं धर्मशाला तोशाम-हांसी मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण अभिभावकों की जान पर बन आती है कि कहीं उनके बच्चे किसी बड़े वाहन की चपेट में न आ जाएं।
एक ही हॉल में लग रही कक्षाएं : अगर देखा जाए तो शिक्षा विभाग समय समय पर बड़े-बड़े दावे करता है और विद्यालयों में कमरों, शौचालय, किचन आदि बनवाने सहित तमाम सुविधाएं देने की बात करता है, लेकिन अगस्त 2019 से इस धर्मशाला में स्थापित स्कूल के लिए कोई भवन की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण एक ही हॉल में दो शिक्षकों को कक्षाएं लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
धर्मशाला में नहीं कोई सुविधा : धर्मशाला की न तो चहारदीवारी है और न ही इसमें कोई सुविधा है। विद्यालय में 81 बच्चे है लेकिन एक ही हॉल में कक्षाएं लगती है, लेकिन साथ साथ कक्षाएं लगने के कारण पढ़ाई बाधित होती है। खेल का मैदान न होने के कारण बच्चे अक्सर इससे बाहर निकल जाते हैं जो खतरे से खाली नहीं है। गांव में विवाह होने पर धर्मशाला बुक हो जाती है जिससे उस दिन विद्यालय की छुट्टी करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विद्यालय में कार्यरत अध्यापक रामनिवास ने बताया कि विद्यालय भवन न होने व सुविधाएं न होने के लिए विभाग को लिखित में सूचित किया जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई सुविधा के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं मिली है। बच्चों व शिक्षकों को इससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
एक ही हॉल में लग रही कक्षाएं : अगर देखा जाए तो शिक्षा विभाग समय समय पर बड़े-बड़े दावे करता है और विद्यालयों में कमरों, शौचालय, किचन आदि बनवाने सहित तमाम सुविधाएं देने की बात करता है, लेकिन अगस्त 2019 से इस धर्मशाला में स्थापित स्कूल के लिए कोई भवन की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण एक ही हॉल में दो शिक्षकों को कक्षाएं लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
धर्मशाला में नहीं कोई सुविधा : धर्मशाला की न तो चहारदीवारी है और न ही इसमें कोई सुविधा है। विद्यालय में 81 बच्चे है लेकिन एक ही हॉल में कक्षाएं लगती है, लेकिन साथ साथ कक्षाएं लगने के कारण पढ़ाई बाधित होती है। खेल का मैदान न होने के कारण बच्चे अक्सर इससे बाहर निकल जाते हैं जो खतरे से खाली नहीं है। गांव में विवाह होने पर धर्मशाला बुक हो जाती है जिससे उस दिन विद्यालय की छुट्टी करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विद्यालय में कार्यरत अध्यापक रामनिवास ने बताया कि विद्यालय भवन न होने व सुविधाएं न होने के लिए विभाग को लिखित में सूचित किया जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई सुविधा के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं मिली है। बच्चों व शिक्षकों को इससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।