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अब नागरिक अस्पताल में होंगे पीटी, पीटीआई, आईएनआर टेस्ट
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39 चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल ।
- फोटो : Bhiwani
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हेपेटाइटिस सी के मरीजों को अब इलाज के लिए दूसरी जिलों या प्राइवेट अस्पतालों में नहीं भागना पड़ेगा और न ही जेब ढीली करनी होगी। नागरिक अस्पताल में ही अब मरीजों को पूरा इलाज मिलेगा। इसके लिए पीटी, पीटीआई, आईएनआर टेस्ट भी अब शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए चार विशेषज्ञों की चंडीगढ़ में ट्रेनिंग करवाई गई है।
हेपेटाइटिस का इलाज काफी महंगा पड़ता है और मरीजों को हर महीने 15 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ते है। अब हेपेटाइटिस्ट सी का पूरा इलाज ही नागरिक अस्पताल में नि:शुल्क मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए एक प्राइवेट लैब को भी पैनल में शामिल किया गया है। इसी कड़ी में अब पीटी, पीटीआई, आईएनआर टेस्ट सामान्य अस्पताल की लैब में ही शुरू किए जाएंगे। अब तक इन टेस्टों के लिए मरीजों को प्राइवेट लैब में जेबें ढीली करनी पड़ती थी। अब महज 45 रुपये में मरीजों को नागरिक अस्पताल में यह सुविधा मिलेगी। प्राइवेट लैब में यह टेस्ट 250 से 300 रुपये में होता है।
क्या है ये टेस्ट : प्रोथ्रोंबिन टाइम टेस्ट ब्लीडिंग डिसऑर्डर का पता लगाने और उनके उपचार के लिए किया जाता है। इस टेस्ट से ब्लीडिंग डिसऑर्डर के अलावा बहुत अधिक थक्के बनने की समस्या की भी जांच की जाती है। इससे पता लगता है कि खून को पतला करने वाली दवा किस तरह काम कर रही है। यह लीवर की समस्या के इलाज के लिए, शरीर में खून के थक्के बनाने की क्षमता पता करने के लिए किया जाता है। प्रोथ्रोंबिन टाइम टेस्ट में यह मापा जाता है कि आपका खून कितनी जल्दी थक्का बनाता है। इस टेस्ट को कभी पीटी तो कभी प्रो टाइम टेस्ट कहते हैं। इस टेस्ट को ब्लड टेस्ट की मदद से करते है। प्रोथ्रोंबिन लीवर द्वारा बनाए जाने वाला एक तरह का प्रोटीन होता है। यह खून के थक्के जमने के कई फैक्टर्स में से एक है। यानी इसके अलावा भी कई फैक्टर्स होते है, जो हमारे के खून के थक्के जमाने में मदद करते है। खून को पतला करने वाली दवाओं का सेवन करने वालों का परिणाम प्रोथ्रोंबिन टाइम टेस्ट को इंटरनेशल नॉर्मलाइज्ड रेशियों (आईएनआर) नाम से व्यक्ति किए जाते हैं।
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एक साल में सामने आए 160 मरीज, दो बंदी इसके शिकार : पिछले एक साल के दौरान 160 मरीज हेपेटाइटिस सी के सामने आए है। जिनमें 86 ठीक हो गए है तो बाकी का इलाज चल रहा है। पिछले दिनों जेल में मरीजों की जांच की तो दो नए मामले सामने आए। अब इन्हें दवा दी गई है।
हेपेटाइटिस ए, बी, सी,डी और ई का इलाज अब अस्पताल मेें ही मिलेगा। अस्पताल में अब पीटी, पीटीआई, आईएनआर टेस्ट की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इसके लिए ट्रेनिंग भी स्टाफ को दिलाई गई है। एलटी की भी ट्रेनिंग होगी। इससे हेपेटाइटिस मरीजों को काफी फायदा होगा।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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हेपेटाइटिस का इलाज काफी महंगा पड़ता है और मरीजों को हर महीने 15 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ते है। अब हेपेटाइटिस्ट सी का पूरा इलाज ही नागरिक अस्पताल में नि:शुल्क मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए एक प्राइवेट लैब को भी पैनल में शामिल किया गया है। इसी कड़ी में अब पीटी, पीटीआई, आईएनआर टेस्ट सामान्य अस्पताल की लैब में ही शुरू किए जाएंगे। अब तक इन टेस्टों के लिए मरीजों को प्राइवेट लैब में जेबें ढीली करनी पड़ती थी। अब महज 45 रुपये में मरीजों को नागरिक अस्पताल में यह सुविधा मिलेगी। प्राइवेट लैब में यह टेस्ट 250 से 300 रुपये में होता है।
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क्या है ये टेस्ट : प्रोथ्रोंबिन टाइम टेस्ट ब्लीडिंग डिसऑर्डर का पता लगाने और उनके उपचार के लिए किया जाता है। इस टेस्ट से ब्लीडिंग डिसऑर्डर के अलावा बहुत अधिक थक्के बनने की समस्या की भी जांच की जाती है। इससे पता लगता है कि खून को पतला करने वाली दवा किस तरह काम कर रही है। यह लीवर की समस्या के इलाज के लिए, शरीर में खून के थक्के बनाने की क्षमता पता करने के लिए किया जाता है। प्रोथ्रोंबिन टाइम टेस्ट में यह मापा जाता है कि आपका खून कितनी जल्दी थक्का बनाता है। इस टेस्ट को कभी पीटी तो कभी प्रो टाइम टेस्ट कहते हैं। इस टेस्ट को ब्लड टेस्ट की मदद से करते है। प्रोथ्रोंबिन लीवर द्वारा बनाए जाने वाला एक तरह का प्रोटीन होता है। यह खून के थक्के जमने के कई फैक्टर्स में से एक है। यानी इसके अलावा भी कई फैक्टर्स होते है, जो हमारे के खून के थक्के जमाने में मदद करते है। खून को पतला करने वाली दवाओं का सेवन करने वालों का परिणाम प्रोथ्रोंबिन टाइम टेस्ट को इंटरनेशल नॉर्मलाइज्ड रेशियों (आईएनआर) नाम से व्यक्ति किए जाते हैं।
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एक साल में सामने आए 160 मरीज, दो बंदी इसके शिकार : पिछले एक साल के दौरान 160 मरीज हेपेटाइटिस सी के सामने आए है। जिनमें 86 ठीक हो गए है तो बाकी का इलाज चल रहा है। पिछले दिनों जेल में मरीजों की जांच की तो दो नए मामले सामने आए। अब इन्हें दवा दी गई है।
हेपेटाइटिस ए, बी, सी,डी और ई का इलाज अब अस्पताल मेें ही मिलेगा। अस्पताल में अब पीटी, पीटीआई, आईएनआर टेस्ट की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इसके लिए ट्रेनिंग भी स्टाफ को दिलाई गई है। एलटी की भी ट्रेनिंग होगी। इससे हेपेटाइटिस मरीजों को काफी फायदा होगा।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन