{"_id":"61f83051a8a9b97a6e1a929c","slug":"chit-fund-scam-main-promoters-of-two-companies-who-pretend-to-double-their-money-sent-to-jail-bhiwani-news-hsr62322947","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिटफंड घोटाला : रुपये दोगुने करने का झांसा देने वाली दो कंपनियों का मुख्य प्रमोटर भेजा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिटफंड घोटाला : रुपये दोगुने करने का झांसा देने वाली दो कंपनियों का मुख्य प्रमोटर भेजा जेल
विज्ञापन
आर्थिक अपराध शाखा द्वारा पकड़ा गया कंपनी का मुख्य प्रमोटर मनोज कुमार।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। चिटफंड घोटाला कर लोगों के करीब दस करोड़ रुपये लेकर फरार होने वाली कंपनी का मुख्य प्रमोटर डाबर कॉलोनी निवासी मनोज को जेल भेजा है। मुख्य प्रमोटर से पुलिस ने करीब 13 लाख कीमत के दो प्लॉटों की रजिस्ट्रियां भी जब्त की हैं। वहीं, आरोपी के बैंक खाते भी सील किए गए हैं।
अब तक चिट फंड घोटाले में कंपनी के मालिक सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में पुलिस जुटी है।
सिविल लाइन थाना पुलिस को अप्रैल 2019 में भिवानी निवासी नरेंद्र, राजकुमार, सिरसा घोघड़ा निवासी पवन कुमार, इमलौटा निवासी राजबीर सिंह, खेड़ी दौलतपुर निवासी सूबे सिंह, राजेश कुमार बड़ाला, रामपुरा निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित क्राउन प्लाजा में किम फ्यूचर विजन सर्विस एंड नेटर कॉमर्शियल लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोला गया था। इस कार्यालय में पंजाब के अमृतसर निवासी रवींद्र सिंह सिंधू ने प्रमोटर हरीश पाल नेगी और राजेश भारद्वाज के साथ मिलकर लोगों से उनकी कंपनी में रुपये जमा कराकर पांच साल में दोगुना रकम लौटाने का झांसा दिया था। ये लोग मजदूर तबके व भोले भाले लोगों को उनकी खून पसीने की कमाई को कंपनी में जमा कराकर कम समय में ज्यादा ब्याज का लालच देकर फांसने लगे। बाद में कंपनी अपना कार्यालय बंद कर अधिकारी भी भूमिगत हो गए। इस संबंध में पुलिस ने धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सतपाल सिंह ने बताया कि अब तक पुलिस चिटफंड घोटाले में कंपनी के मालिक रवींद्र सिंह सिंधू, कंपनी के प्रमोटर हरीशपाल नैगी, राजेश भारद्वाज, ब्रांच मैनेजर जय शर्मा, टीएम रोशनलाल, मुख्य प्रमोटर मनोज को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस चिटफंड घोटाले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में भी जुटी है।
विज्ञापन
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
चिटफंड घोटाले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने कंपनी के मुख्य प्रमोटर मनोज कुमार को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान आरोपी से करीब 13 लाख कीमत के दो प्लॉटों की रजिस्ट्रियां बरामद की हैं, जिन्हें उसने कंपनी में जमा पैसों से खरीद किया था। फिलहाल उसके बैंक खाते सीज कर जांच की जा रही है। आरोपी को रिमांड के बाद जेल भेजा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
- एएसआई संजय सैनी, जांच अधिकारी आर्थिक अपराध शाखा भिवानी।
विज्ञापन
अब तक चिट फंड घोटाले में कंपनी के मालिक सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में पुलिस जुटी है।
सिविल लाइन थाना पुलिस को अप्रैल 2019 में भिवानी निवासी नरेंद्र, राजकुमार, सिरसा घोघड़ा निवासी पवन कुमार, इमलौटा निवासी राजबीर सिंह, खेड़ी दौलतपुर निवासी सूबे सिंह, राजेश कुमार बड़ाला, रामपुरा निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित क्राउन प्लाजा में किम फ्यूचर विजन सर्विस एंड नेटर कॉमर्शियल लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोला गया था। इस कार्यालय में पंजाब के अमृतसर निवासी रवींद्र सिंह सिंधू ने प्रमोटर हरीश पाल नेगी और राजेश भारद्वाज के साथ मिलकर लोगों से उनकी कंपनी में रुपये जमा कराकर पांच साल में दोगुना रकम लौटाने का झांसा दिया था। ये लोग मजदूर तबके व भोले भाले लोगों को उनकी खून पसीने की कमाई को कंपनी में जमा कराकर कम समय में ज्यादा ब्याज का लालच देकर फांसने लगे। बाद में कंपनी अपना कार्यालय बंद कर अधिकारी भी भूमिगत हो गए। इस संबंध में पुलिस ने धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सतपाल सिंह ने बताया कि अब तक पुलिस चिटफंड घोटाले में कंपनी के मालिक रवींद्र सिंह सिंधू, कंपनी के प्रमोटर हरीशपाल नैगी, राजेश भारद्वाज, ब्रांच मैनेजर जय शर्मा, टीएम रोशनलाल, मुख्य प्रमोटर मनोज को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस चिटफंड घोटाले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में भी जुटी है।
विज्ञापन
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
चिटफंड घोटाले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने कंपनी के मुख्य प्रमोटर मनोज कुमार को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान आरोपी से करीब 13 लाख कीमत के दो प्लॉटों की रजिस्ट्रियां बरामद की हैं, जिन्हें उसने कंपनी में जमा पैसों से खरीद किया था। फिलहाल उसके बैंक खाते सीज कर जांच की जा रही है। आरोपी को रिमांड के बाद जेल भेजा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
- एएसआई संजय सैनी, जांच अधिकारी आर्थिक अपराध शाखा भिवानी।