फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Child marriage an obstacle in the path of education: Dr. Sinha

बाल विवाह शिक्षा की राह में एक रुकावट: डॉ. सिन्हा

Thu, 20 Apr 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 20 Apr 2023 11:15 PM IST
विज्ञापन
Child marriage an obstacle in the path of education: Dr. Sinha
 जीडीसी महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित अध्यापक व विद्यार्थी।
बहल। जीडीसी महाविद्यालय के सभागार में बाल विवाह रोकथाम एवं एंटी रैगिंग विषयों के ऊपर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। वीरवार को आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं बीआरसीएम शिक्षण संस्थान के निदेशक व जीडीसी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एसके सिन्हा ने कहा कि बाल विवाह शिक्षा की राह में एक रुकावट है।
विज्ञापन

कार्यक्रम में वक्ताओं ने दोनों बुराइयों को समाज के विकास में घातक बताते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे इनके खिलाफ जन जाग्रति आंदोलन का रूप देते हुए इसके दुष्प्रभाव से लोगों को जागरूक करें।
विज्ञापन

इस दौरान डॉ. एसके सिन्हा ने कहा कि अल्पायु में विवाह के अनेक दुष्प्रभाव बालक एवं उनके परिवार को सहन करने पड़ते हैं। एक युवा की अपने कॅरिअर को लेकर जो उम्मीदें होती है, वो शादी के बंधन में बंधने के बाद अक्सर खत्म हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं रैगिंग के विषय में उन्होंने कहा कि यह एक दंडनीय अपराध है। विद्यार्थियों को इस प्रकार की गतिविधियों से परहेज करना चाहिए। बाल विवाह विषय पर राजनीतिक विज्ञान के सह प्राध्यापक अनिल कुमार ने बताया कि बाल विवाह किस प्रकार सामाजिक उत्थान में बाधक है। बाल विवाह के कारण होने वाली समस्याओं एवं इसके लिए समय समय पर बने कानूनों के बारे में भी अवगत कराया।

वहीं एंटी रैगिंग विषय पर सह प्राध्यापक डॉ. संजय गौड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में जब वरिष्ठ छात्र अपने कनिष्क छात्रों को किसी भी शारीरिक मानसिक अथवा आर्थिक या अन्य प्रकार का नुकसान पहुंचाते हैं, तो यह रैगिंग कहलाता है। इसके खिलाफ कानूनन व्यवस्था भी की गई है। अगर कोई विद्यार्थी इसमें शामिल मिलता है तो उसको कठिन कारावास, जुर्माना व कॉलेज से निष्कासित किया जा सकता है। अंत में कार्यक्रम के समापन पर सहायक प्राध्यापक डॉ. सुखेंद्र ने बताया कि इस प्रकार की बुराइयां विद्यार्थियों के विकास के साथ-साथ समाज के विकास में भी बाधक हैं। इनसे बचने के लिए ऐसे जागरूकता अभियान चलाते रहने की जरूरत है। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed