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Bhiwani News: मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने नगर परिषद कार्यालय में छापा मार कर जांचा पीआईडी का रिकॉर्ड
Thu, 06 Jul 2023 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 06 Jul 2023 01:27 AM IST
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कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच करते सीएम फ्लाइंग के सदस्य।
भिवानी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे नगर परिषद कार्यालय में छापा मारा। करीब तीन घंटे तक टीम ने नगर परिषद कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी के पोर्टल से लेकर मैनुअल रिकाॅर्ड खंगाला। इस दौरान 2147 प्रॉपर्टी आईडी के आवेदन लंबित मिले, जिनका मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने दस दिन के अंदर निपटाने के नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं 29 पीआईडी के मामले रेड जोन में थे, जिन्हें 10 दिन से ज्यादा का समय हो चुका था।
उनका भी तत्काल निदान कर लोगों के काम कराने के निर्देश दिए। वहीं सीएम फ्लाइंग के सामने ही एक व्यक्ति की पीआईडी की फाइल गुम होने का मामला भी सामने आया। जिस पर नगर परिषद अधिकारियों में भी हड़बड़ी मची और फाइल ढूंढने के लिए कर्मचारी भी भागदौड़ करने में जुटे रहे।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट कृषि उपनिदेशक डॉ. आत्माराम गोदारा की अगुवाई में बुधवार सुबह नगर परिषद कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान सीआईडी कार्यालय के इंचार्ज सुनील कुमार व मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक टीम के सदस्यों ने नगर परिषद के पोर्टल पर प्रॉपर्टी आईडी का रिकॉर्ड जांचा। इस दौरान नगर परिषद के पोर्टल और मैनुअल तरीके से आए पीआईडी के आवेदनों की जांच की तो 2147 मामले लंबित मिले। जिन पर अधिकारियों को तत्काल प्रक्रिया को तेज करते हुए इनका दस दिन के अंदर निदान कराने के निर्देश दिए गए। जबकि 29 पीआईडी के ऐसे मामले थे, जिनका कई दिनों से निदान नहीं हो रहा था और लोग भी कार्यालय में चक्कर काट रहे थे। इन्हें भी तत्काल निपटान के निर्देश सीएम फ्लाइंग ने नगर परिषद अधिकारियों को दिए।
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दो माह पहले जमा कराई थी पीआईडी की फाइल, अब कार्यालय से गायब
विकास नगर निवासी अश्वनी कुमार ने बताया कि उसके भाइयों ने लिखकर दे रखा है। जिसके बाद उसके नाम पीआईडी बनाई जानी है। तहसीलदार की कोर्ट से फाइल तैयार कराकर 12 मई को नगर परिषद कार्यालय में जमा कराई थी। जिसका रसीद नंबर भी मेरे पास है। लेकिन दो माह से चक्कर काट रहा हूं। अब पता चला कि कार्यालय से ही फाइल गायब हो चुकी है। कर्मचारियों को ईओ ने फाइल ढूंढने के निर्देश दिए है। सीएम फ्लाइंग के समक्ष भी ये बात रखी है। अब नगर परिषद अधिकारी कह रहे हैं कि फाइल मिलते ही तत्काल पीआईडी का काम करा देंगे। मगर सवाल ये है कि आखिर सरकारी कार्यालय से फाइल कैसे गायब हो गई। कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही की वजह से दो माह से चक्कर लगा रहा हूं।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने नगर परिषद कार्यालय के कर्मचारियों की उपस्थिति और पीआईडी से जुड़े लंबित मामलों पर संज्ञान लिया है। हमने नगर परिषद के ईओ को लंबित पीआईडी के मामलों का तत्काल निदान कराने और लोगों की समस्याओं का निदान कराने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. आत्माराम गोदारा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं कृषि उप निदेशक भिवानी।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को नगर परिषद कार्यालय में करीब दस कर्मचारी गैर हाजिर मिले हैं, जबकि पीआईडी के 2147 मामले लंबित हैं, जिन्हें दस दिन के दौरान निपटाने के निर्देश दिए हैं वहीं गैर हाजिर मिले कर्मचारियों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
-सुनील कुमार प्रभारी जिला गुप्तचर विभाग भिवानी।
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उनका भी तत्काल निदान कर लोगों के काम कराने के निर्देश दिए। वहीं सीएम फ्लाइंग के सामने ही एक व्यक्ति की पीआईडी की फाइल गुम होने का मामला भी सामने आया। जिस पर नगर परिषद अधिकारियों में भी हड़बड़ी मची और फाइल ढूंढने के लिए कर्मचारी भी भागदौड़ करने में जुटे रहे।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट कृषि उपनिदेशक डॉ. आत्माराम गोदारा की अगुवाई में बुधवार सुबह नगर परिषद कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान सीआईडी कार्यालय के इंचार्ज सुनील कुमार व मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक टीम के सदस्यों ने नगर परिषद के पोर्टल पर प्रॉपर्टी आईडी का रिकॉर्ड जांचा। इस दौरान नगर परिषद के पोर्टल और मैनुअल तरीके से आए पीआईडी के आवेदनों की जांच की तो 2147 मामले लंबित मिले। जिन पर अधिकारियों को तत्काल प्रक्रिया को तेज करते हुए इनका दस दिन के अंदर निदान कराने के निर्देश दिए गए। जबकि 29 पीआईडी के ऐसे मामले थे, जिनका कई दिनों से निदान नहीं हो रहा था और लोग भी कार्यालय में चक्कर काट रहे थे। इन्हें भी तत्काल निपटान के निर्देश सीएम फ्लाइंग ने नगर परिषद अधिकारियों को दिए।
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दो माह पहले जमा कराई थी पीआईडी की फाइल, अब कार्यालय से गायब
विकास नगर निवासी अश्वनी कुमार ने बताया कि उसके भाइयों ने लिखकर दे रखा है। जिसके बाद उसके नाम पीआईडी बनाई जानी है। तहसीलदार की कोर्ट से फाइल तैयार कराकर 12 मई को नगर परिषद कार्यालय में जमा कराई थी। जिसका रसीद नंबर भी मेरे पास है। लेकिन दो माह से चक्कर काट रहा हूं। अब पता चला कि कार्यालय से ही फाइल गायब हो चुकी है। कर्मचारियों को ईओ ने फाइल ढूंढने के निर्देश दिए है। सीएम फ्लाइंग के समक्ष भी ये बात रखी है। अब नगर परिषद अधिकारी कह रहे हैं कि फाइल मिलते ही तत्काल पीआईडी का काम करा देंगे। मगर सवाल ये है कि आखिर सरकारी कार्यालय से फाइल कैसे गायब हो गई। कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही की वजह से दो माह से चक्कर लगा रहा हूं।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने नगर परिषद कार्यालय के कर्मचारियों की उपस्थिति और पीआईडी से जुड़े लंबित मामलों पर संज्ञान लिया है। हमने नगर परिषद के ईओ को लंबित पीआईडी के मामलों का तत्काल निदान कराने और लोगों की समस्याओं का निदान कराने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. आत्माराम गोदारा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं कृषि उप निदेशक भिवानी।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को नगर परिषद कार्यालय में करीब दस कर्मचारी गैर हाजिर मिले हैं, जबकि पीआईडी के 2147 मामले लंबित हैं, जिन्हें दस दिन के दौरान निपटाने के निर्देश दिए हैं वहीं गैर हाजिर मिले कर्मचारियों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
-सुनील कुमार प्रभारी जिला गुप्तचर विभाग भिवानी।