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Bhiwani News: मुख्यमंत्री ने कर दी 50 लाख की घोषणा, धनाना में स्टेडियम ही नहीं
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गांव धनाना में वाॅलीबाल खेलते खिलाड़ी।
भिवानी। विश्व महिला मुक्केबाजी की विश्व चैंपियन धनाना की तीन बेटियों के गांव में खेल स्टेडियम ही नहीं है फिर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को बवानीखेड़ा रैली में इसके लिए 50 लाख रुपये की घोषणा कर दी।
घोषणा के बाद ग्रामीणों में सवाल उठ रहा है कि जब गांव में स्टेडियम है ही नहीं तो घोषित राशि कहां खर्च होगी। गांव धनाना की नीतू घनघस, साक्षी ढांडा और प्रिया घनघस ने विश्व महिला मुक्केबाजी समेत कई अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में तिरंगा फहराकर देश को पदक दिलाए हैं।
इसके बावजूद गांव की खेल प्रतिभाओं को खेतों की मुंडेर पर दौड़कर अपना भविष्य संवारना पड़ रहा है। धनाना में तीन ग्राम पंचायतें हैं लेकिन किसी में भी खेल स्टेडियम नहीं है। प्रशासन और खेल विभाग के अधिकारी भी अब स्थिति को लेकर असमंजस में हैं। धनाना द्वितीय ग्राम पंचायत ने बड़ेसरा मार्ग पर करीब छह एकड़ भूमि खेल स्टेडियम के लिए उपलब्ध कराई थी। पंचायती राज विभाग ने 2023 में निरीक्षण के बाद भूमि को नॉन फिजिबल बताते हुए रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी थी। इससे मामला आगे नहीं बढ़ सका।
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इससे पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी विश्व विजेता मुक्केबाज बेटियों के गांव में खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी लेकिन यह घोषणा भी सिरे नहीं चढ़ सकी। धनाना हैंडबाल का हब भी है।
गांव के करीब 125 खिलाड़ी विभिन्न विभागों में खेल कोटे से नौकरी कर रहे हैं और कई खिलाड़ी अब भी भारतीय हैंडबाल टीम में अपनी जगह बनाए हुए हैं। नीतू घनघस, प्रिया घनघस और साक्षी ढांडा ने मुक्केबाजी में विश्व स्तर पर गांव का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने बवानीखेड़ा विधायक कपूर वाल्मीकि को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है कि वह मुख्यमंत्री से बात कर स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ करवाएं। धनाना के भीम सिंह के नाम पर बना है भिवानी का भीम स्टेडियम : गांव धनाना निवासी भीम सिंह को हरियाणा का पहला ओलंपियन होने का गौरव हासिल है। उनके नाम पर भिवानी में भीम स्टेडियम बना हुआ है। 13 अप्रैल 1945 को धनाना में जन्मे भीम सिंह ने 1968 के मेक्सिको सिटी ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वर्ष 1967 में हरियाणा बनने के बाद भीम सिंह प्रदेश के पहले ओलंपिक खिलाड़ी थे। इसी कारण उन्हें हरियाणा का पहला ओलंपियन होने का गौरव प्राप्त है।
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घोषणा के बाद ग्रामीणों में सवाल उठ रहा है कि जब गांव में स्टेडियम है ही नहीं तो घोषित राशि कहां खर्च होगी। गांव धनाना की नीतू घनघस, साक्षी ढांडा और प्रिया घनघस ने विश्व महिला मुक्केबाजी समेत कई अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में तिरंगा फहराकर देश को पदक दिलाए हैं।
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इसके बावजूद गांव की खेल प्रतिभाओं को खेतों की मुंडेर पर दौड़कर अपना भविष्य संवारना पड़ रहा है। धनाना में तीन ग्राम पंचायतें हैं लेकिन किसी में भी खेल स्टेडियम नहीं है। प्रशासन और खेल विभाग के अधिकारी भी अब स्थिति को लेकर असमंजस में हैं। धनाना द्वितीय ग्राम पंचायत ने बड़ेसरा मार्ग पर करीब छह एकड़ भूमि खेल स्टेडियम के लिए उपलब्ध कराई थी। पंचायती राज विभाग ने 2023 में निरीक्षण के बाद भूमि को नॉन फिजिबल बताते हुए रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी थी। इससे मामला आगे नहीं बढ़ सका।
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इससे पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी विश्व विजेता मुक्केबाज बेटियों के गांव में खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी लेकिन यह घोषणा भी सिरे नहीं चढ़ सकी। धनाना हैंडबाल का हब भी है।
गांव के करीब 125 खिलाड़ी विभिन्न विभागों में खेल कोटे से नौकरी कर रहे हैं और कई खिलाड़ी अब भी भारतीय हैंडबाल टीम में अपनी जगह बनाए हुए हैं। नीतू घनघस, प्रिया घनघस और साक्षी ढांडा ने मुक्केबाजी में विश्व स्तर पर गांव का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने बवानीखेड़ा विधायक कपूर वाल्मीकि को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है कि वह मुख्यमंत्री से बात कर स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ करवाएं। धनाना के भीम सिंह के नाम पर बना है भिवानी का भीम स्टेडियम : गांव धनाना निवासी भीम सिंह को हरियाणा का पहला ओलंपियन होने का गौरव हासिल है। उनके नाम पर भिवानी में भीम स्टेडियम बना हुआ है। 13 अप्रैल 1945 को धनाना में जन्मे भीम सिंह ने 1968 के मेक्सिको सिटी ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वर्ष 1967 में हरियाणा बनने के बाद भीम सिंह प्रदेश के पहले ओलंपिक खिलाड़ी थे। इसी कारण उन्हें हरियाणा का पहला ओलंपियन होने का गौरव प्राप्त है।