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सावधानी: इमरजेंसी में भीड़ और कोरोना फैलने से रोकने के लिए फ्लू कॉर्नर में बनाई ट्रीटमेंट स्लीप विंडो
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Caution: Treatment sleep window built in flu corner to prevent emergency congestion and corona outbreak
- फोटो : Bhiwani
कोरोना वायरस के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट नजर आ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना की जांच के लिए अलग से फ्लू कॉर्नर बनाया हुआ है। जिसकी ट्रीटमेंट स्लीप इमरजेंसी में बनती थी। मगर संक्रमण के खतरे को ध्यान में रहते हुए अस्पताल प्रशासन ने अब ट्रीटमेंट स्लीप की व्यवस्था फ्लू कॉर्नर में की है। दूसरी ओर चिकित्सकों द्वारा प्रयोग की पीपीई किट के लिए डोफिंग एरिया बनाया गया है।
कोरोना वायरस के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार अपने तैयारियों में जुटा हुआ है। जिला सामान्य अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने खांसी, जुकाम, बुखार के अलग कोरोना के संदिग्ध मरीजों व संशय वाले मरीजों की जांच के लिए आयुष विभाग में फ्लू कॉर्नर बनाया हुआ है। जिसमें एक चिकित्सक साथ-साथ सैंपल के लिए एक लेब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई गई है। फ्लू कॉर्नर में आने वाले मरीजों के लिए इमरजेंसी के स्लीप कॉर्नर में ही ट्रीटमेंट स्लीप बनाई जाती थी। जिसके कारण अस्पताल में लंबी लाइन लग जाती थी। कई बार मरीजों के बीच में सामुदायिक दूरी का अभाव देखने को मिला। जोकि अस्पताल प्रशासन का सिरदर्द भी बनता जा रहा था। उचित सामुदायिक दूरी न होने के कारण मरीजों में संक्रमण का खतरा बन जाता था। कई बार एंबुलेंस को भी आने जाने में परेशानी होती थी। इसको ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आयुष विभाग में एंट्री गेट के साथ लगते कक्ष में ही मरीज के उपचार के लिए स्लीप बनाने की व्यवस्था की है। जहां पर फ्लू के मरीज ही आवागमन कर सकेेेंगें। सोमवार से यह व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू की जाएगी। इसके लिए कंप्यूटर ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई गई है।
कोरोना के खौफ में रोजाना 300 मरीज पहुंच रहे फ्लू कॉर्नर
आयुष विभाग में स्थित फ्लू कॉर्नर में कोरोना के खौफ के चलते रोजाना करीब 300 मरीज चैकअप के लिए पहुंच रहे है। इनमें से अधिकतर सामान्य रोग खंासी, जुकाम, बुखार के मरीज पहुंच रहे है। तीसरे लॉकडाउन में रिआयतें देने के बाद अन्य राज्यों में रहने वाले लोग भी जिले में पहुंच रहे है।
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प्रयोग की गई पीपीई किट के लिए बनाया डोफिंग एरिया
चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ द्वारा प्रयोग की गई पीपीई किट को एक साथ रखने के लिए इमरजेंसी गेट के पास बने कक्ष को डोफिंग एरिया बनाया गया है। जिसमें चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ प्रयोग की गई पीपीई किट को रख सकते हैं। उसके बाद उन्हें वेस्टेंज कक्ष में भेजा जाता है।
अस्पताल परिसर में स्थित आयुष विभाग के कक्ष में फ्लू कॉर्नर बनाया गया है। जिसमें अब फ्लू के मरीजों की ट्रीटमेंट स्लीप वही बनाने की व्यवस्था की गई है। मरीजों में एक दूसरे के बीच उचित सामुदायिक दूरी बनी रहेगी। साथ ही प्रयोग की गई पीपीई किट के लिए भी इमरजेंसी के बाहर बने कक्ष को डोफिंग एरिया बनाया गया है।
- डॉ. मंजू कादियान, पीएमओ, सिविल अस्पताल
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कोरोना वायरस के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार अपने तैयारियों में जुटा हुआ है। जिला सामान्य अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने खांसी, जुकाम, बुखार के अलग कोरोना के संदिग्ध मरीजों व संशय वाले मरीजों की जांच के लिए आयुष विभाग में फ्लू कॉर्नर बनाया हुआ है। जिसमें एक चिकित्सक साथ-साथ सैंपल के लिए एक लेब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई गई है। फ्लू कॉर्नर में आने वाले मरीजों के लिए इमरजेंसी के स्लीप कॉर्नर में ही ट्रीटमेंट स्लीप बनाई जाती थी। जिसके कारण अस्पताल में लंबी लाइन लग जाती थी। कई बार मरीजों के बीच में सामुदायिक दूरी का अभाव देखने को मिला। जोकि अस्पताल प्रशासन का सिरदर्द भी बनता जा रहा था। उचित सामुदायिक दूरी न होने के कारण मरीजों में संक्रमण का खतरा बन जाता था। कई बार एंबुलेंस को भी आने जाने में परेशानी होती थी। इसको ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आयुष विभाग में एंट्री गेट के साथ लगते कक्ष में ही मरीज के उपचार के लिए स्लीप बनाने की व्यवस्था की है। जहां पर फ्लू के मरीज ही आवागमन कर सकेेेंगें। सोमवार से यह व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू की जाएगी। इसके लिए कंप्यूटर ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई गई है।
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कोरोना के खौफ में रोजाना 300 मरीज पहुंच रहे फ्लू कॉर्नर
आयुष विभाग में स्थित फ्लू कॉर्नर में कोरोना के खौफ के चलते रोजाना करीब 300 मरीज चैकअप के लिए पहुंच रहे है। इनमें से अधिकतर सामान्य रोग खंासी, जुकाम, बुखार के मरीज पहुंच रहे है। तीसरे लॉकडाउन में रिआयतें देने के बाद अन्य राज्यों में रहने वाले लोग भी जिले में पहुंच रहे है।
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प्रयोग की गई पीपीई किट के लिए बनाया डोफिंग एरिया
चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ द्वारा प्रयोग की गई पीपीई किट को एक साथ रखने के लिए इमरजेंसी गेट के पास बने कक्ष को डोफिंग एरिया बनाया गया है। जिसमें चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ प्रयोग की गई पीपीई किट को रख सकते हैं। उसके बाद उन्हें वेस्टेंज कक्ष में भेजा जाता है।
अस्पताल परिसर में स्थित आयुष विभाग के कक्ष में फ्लू कॉर्नर बनाया गया है। जिसमें अब फ्लू के मरीजों की ट्रीटमेंट स्लीप वही बनाने की व्यवस्था की गई है। मरीजों में एक दूसरे के बीच उचित सामुदायिक दूरी बनी रहेगी। साथ ही प्रयोग की गई पीपीई किट के लिए भी इमरजेंसी के बाहर बने कक्ष को डोफिंग एरिया बनाया गया है।
- डॉ. मंजू कादियान, पीएमओ, सिविल अस्पताल