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रामनाम की महिमा कभी भी कम नहीं होगी : शांडिल्य
Wed, 17 Jan 2024 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 17 Jan 2024 12:28 AM IST
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भिवानी में श्रद्धालुओं को शिव पुराण की कथा सुनाते कथावाचक कृष्णानंद महाराज।
भिवानी। लोहड़ बाजार स्थित पंचायती मंदिर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। कथाव्यास अनीता शास्त्री शांडिल्य ने कहा कि रामनाम की महिमा कभी भी कम नहीं होगी। क्योंकि राम का नाम ही सभी का सहारा है। राम नाम को पवित्र व गुणकारी बताते हुए कथाव्यास ने कहा कि संतों का साथ कल्याणकारी है। उन्होंने कथा में तुलसीदास की ओर से वर्णित सभी देवताओं की वंदना का विस्तृत वर्णन, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, रामकथा, नर-नारी सभी को सुख देने वाली, कष्टों को हरने वाली, कामनाओं को पूरी करने वाली, प्रत्येक दोहे का वर्णन करते हुए दूसरे दिवस की कथा सुनाई।
जहरगिरि आश्रम में पांचवें दिन भी जारी रही शिवकथा
भिवानी। हालुवास गेट स्थित सिद्धपीठ बाबा जहरगिरि आश्रम में शिव कथा पांचवें दिन भी जारी रही। कार्यक्रम आश्रम के पीठाधीश्वर महंत जूना अखाड़ा डाॅ. अशोक गिरि महाराज के सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है।
कथावाचक कृष्णानंद महाराज ने प्रवचन में कहा कि दुख की घड़ी में भगवान शिव के पास एक लोटा जल, चावल के दाने और बिल्वपत्र लेकर जाइए। भगवान को कुछ नहीं चाहिए, केवल आपकी श्रद्धा चाहिए। आपका व्रत, दान, पुण्य बाद में फलेंगे, भगवान को चढ़ाया समर्पण, बिल्वपत्र, अक्षत, जल का फल जीवन भर मिलेगा। कथावाचक ने कहा कि भगवान शिव बड़े दयालु हैं। जो अपने भक्तों की बात जानकर ही उसे पूरा कर देते हैं। डाॅ. अशोक गिरि महाराज ने कहा कि शिव पुराण में बताया है भगवान ब्रह्मा ने शिव पार्वती का विवाह करवाया था।
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जहरगिरि आश्रम में पांचवें दिन भी जारी रही शिवकथा
भिवानी। हालुवास गेट स्थित सिद्धपीठ बाबा जहरगिरि आश्रम में शिव कथा पांचवें दिन भी जारी रही। कार्यक्रम आश्रम के पीठाधीश्वर महंत जूना अखाड़ा डाॅ. अशोक गिरि महाराज के सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है।
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कथावाचक कृष्णानंद महाराज ने प्रवचन में कहा कि दुख की घड़ी में भगवान शिव के पास एक लोटा जल, चावल के दाने और बिल्वपत्र लेकर जाइए। भगवान को कुछ नहीं चाहिए, केवल आपकी श्रद्धा चाहिए। आपका व्रत, दान, पुण्य बाद में फलेंगे, भगवान को चढ़ाया समर्पण, बिल्वपत्र, अक्षत, जल का फल जीवन भर मिलेगा। कथावाचक ने कहा कि भगवान शिव बड़े दयालु हैं। जो अपने भक्तों की बात जानकर ही उसे पूरा कर देते हैं। डाॅ. अशोक गिरि महाराज ने कहा कि शिव पुराण में बताया है भगवान ब्रह्मा ने शिव पार्वती का विवाह करवाया था।
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