फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   bwn medicine, caste, dispute, solve, twelve, years

12 साल बाद निपटा गोत्र विवाद

Sun, 27 Mar 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
ब्यूरो अमर उजाला Updated Sun, 27 Mar 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
bwn medicine, caste, dispute, solve, twelve, years
कोर्ट - फोटो : demo
गांव हड़ौदी के चर्चित बीरपाल-प्रवीण गोत्र विवाद का 12 साल बाद उस समय पटाक्षेप हो गया, जब चार गांवों की पंचायत ने दंपति परिवार को माफी दे दी। बीरपाल परिवार की ओर से माफी मांगने के बाद पंचायत ने इस परिवार पर लगी सभी बंदिशों को खत्म करने और आपसी भाईचारे से रहने के निर्णय दिया। 
विज्ञापन


शनिवार को गांव हड़ौदी में शनिवार को दालवान कन्नी के जीतपुरा, उमरवास, नंगला व हड़ौदी चार गांवों की पंचायत अध्यक्ष गुणपाल उमरवास की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें अमृत सिंह जीतपुरा ने सचिव का कार्य किया। पंचायत में मान परिवार के एक बुजुर्ग ने कहा कि उनका परिवार कई सालों से हड़ौदी में रह रहा है और भूलवश उनके एक लड़के ने सामाजिक परंपरा के खिलाफ श्योराण गोत्र की भंाजी से शादी कर ली थी। हमारे परिवार ने कई वर्ष पूर्व जो भूल की है वे उस पर क्षेत्र के सभी भाइयों से सार्वजनिक माफी मांगते हैं और अब उनसे उनको माफीनामा देने व आपसी भाईचारे से रहने की अपील करते हैं। इस पर उमरवास जीतपुरा व नंगला के पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की सर्वसम्मति से मान परिवार पर लगाए गए सामाजिक व जातीय बहिष्कार के पूर्व के फैसलों को रद करते हुए उनको दोबारा भाईचारे में शामिल करने के फैसले पर मोहर लगा दी। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारा समाज आपसी भाईचारे की डोर से बंधा है इसीलिए हमें प्रत्येक निर्णय लेेने से पहले बुजुर्गों की परंपरा का ख्याल करते हुए सोझ समझ कर कदम उठाना चाहिए। 
विज्ञापन

पंचायत में विजय मोटू, सरपंच अनिल श्योराण, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, उमराव हड़ौदी, रामचंद्र, मातुराम ठोलेदार, रामकिशन नंगला, प्रताप सिंह, ओमप्रकाश, गुणपाल सिंह, अमृतसिंह जीतपुरा, राधेश्याम शर्मा उमरवास, पंच रमेश कुमार, पंच रणधीर सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये था मामला
जाट बाहुल्य बाढड़ा व लोहारु के सैकड़ों गांव श्योराण गोत्र बाहुल्य हैं। प्राचीनकाल से ही इन गांवों में रहने वाला किसी गोत्र का कोई भी व्यक्ति श्योराण गोत्र की भांजी से शादी प्रतिबंधित है। इस परंपरा के विपरीत वर्ष 2004 में हड़ौदी निवासी मान गोत्र के बीरपाल ने श्योराण गोत्र की भांजी प्रवीण से रिश्ता तय कर लिया। इस पर ग्रामीणों ने रोष जताया तो मान परिवार ने रिश्ता तोड़ने की बजाए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी जिस पर इस परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी। ग्रामीणों ने पंचायत आयोजित कर इस परिवार का सामाजिक भाईचारा दोषी ठहराते हुए उनसे हर प्रकार का संबंध तोड़ने का एलान कर दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed