{"_id":"60f0980e8ebc3eec6a7263c5","slug":"bjp-leader-one-year-imprisonment-in-check-bounce-case-bhiwani-news-rtk6178563188","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेता शिवकुमार को चेक बाउंस मामले में एक साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नेता शिवकुमार को चेक बाउंस मामले में एक साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। चेक बाउंस होने के मामले में सत्र न्यायालय ने शिव कुमार पराशर को एक साल की सजा सुनाते हुए ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि शिवकुमार पराशर मौजूदा समय में जिला भाजपा के सभी मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के प्रभारी हैं।
मामले के अनुसार वर्ष 2017 में धिराणा कलां निवासी देवेंद्र सिंह ने शिवकुमार पाराशर को दो लाख रुपये उधार दिए थे। जिसकी वापसी करते समय पाराशर ने देवेंद्र को 2 लाख रुपये का चेक दे दिया। काफी दिन बाद जब शिवकुमार ने रुपये नहीं लौटाए तो देवेंद्र सिंह ने वह चेक बैंक में लगा दिया। खाते में रुपये नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इस पर उसने पुलिस को शिकायत दे दी।
मामले की जांच के दौरान जेएमआईसी अमित श्योराण की स्पेशल अदालत ने वर्ष 2019 में उसे एक साल की सजा सुनाई और ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस फैसले के विरोध में शिवकुमार पाराशर ने अतिरिक्त सत्र न्यायालय में अपील की। उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए बुुधवार को एडिशनल सेशन जज जगबीर सिंह की अदालत ने निचली अदालत के फैसले का सही ठहराया है। शिवकुमार पाराशर की सजा और जुर्माना दोनों को बरकरार रखा है। बुधवार को को सजा सुनाए जाने के बाद शिवकुमार पाराशर को जेल भेज दिया गया। इस मामले में पीड़ित के वकील अनिल शर्मा ने कहा कि अदालत का फैसला बहुत ही सराहनीय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले के अनुसार वर्ष 2017 में धिराणा कलां निवासी देवेंद्र सिंह ने शिवकुमार पाराशर को दो लाख रुपये उधार दिए थे। जिसकी वापसी करते समय पाराशर ने देवेंद्र को 2 लाख रुपये का चेक दे दिया। काफी दिन बाद जब शिवकुमार ने रुपये नहीं लौटाए तो देवेंद्र सिंह ने वह चेक बैंक में लगा दिया। खाते में रुपये नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इस पर उसने पुलिस को शिकायत दे दी।
विज्ञापन
मामले की जांच के दौरान जेएमआईसी अमित श्योराण की स्पेशल अदालत ने वर्ष 2019 में उसे एक साल की सजा सुनाई और ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस फैसले के विरोध में शिवकुमार पाराशर ने अतिरिक्त सत्र न्यायालय में अपील की। उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए बुुधवार को एडिशनल सेशन जज जगबीर सिंह की अदालत ने निचली अदालत के फैसले का सही ठहराया है। शिवकुमार पाराशर की सजा और जुर्माना दोनों को बरकरार रखा है। बुधवार को को सजा सुनाए जाने के बाद शिवकुमार पाराशर को जेल भेज दिया गया। इस मामले में पीड़ित के वकील अनिल शर्मा ने कहा कि अदालत का फैसला बहुत ही सराहनीय है।
विज्ञापन