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दंगों की हो पूरी जांच, शामिल अधिकारियों और नेताओं पर हो कार्रवाई : यशपाल मलिक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:21 AM IST
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दंगे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण के दौरान हुए दंगों की पूरी जांच होनी चाहिए। शामिल अधिकारियों वे नेताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। अब जाति विशेष को निशाना बनाकर तंग किया जा रहा है। यह कहना है जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिका का। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जुल्म-ज्यादतियों, केंद्र में आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर 10 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा और आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
बुधवार को जाट धर्मशाला पहुंचे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि आरक्षण के दंगों के नाम पर जाट समुदाय के लोगों को तंग किया जा रहा है। जबकि जांच यह होनी चाहिए कि दंगे किसने करवाये, आग किसने लगवाई, कौन-कौन अधिकारी व राजनीतिक लोग शामिल है। दंगे सोची समझी साजिश थी और सांसद राज कुमार सैनी ने इसके लिए बकायदा जिलों में बैठकें की और अपनी ब्रिगेड बनाई। दंगों के लिए आमजन जिम्मेदार नहीं बल्कि करवाने वाले जिम्मेदार है। हवा सिंह सांगवान समेत दो को जांच में शामिल होने के नोटिस पर उन्होंने कहा कि वह भी जांच में शामिल होने के लिए तैयार है मगर राज कुमार सैनी जैसे दंगे करवाने वालों को भी शामिल किया जाए। उनकी मांग है जबकि तक जांच न हो तब तक किसी तरह की गिरफ्तारी न की जाए। फर्जी मुकदमे रद करवाने, निर्दोषों को छुड़वाने, केंद्र में आरक्षण, शहीदों को मुआवजा, मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी आदि मांगों को लेकर 13 राज्यों के जाट समुदाय के लोग 10 मई को दिल्ली में जुटेंगे और आंदोलन की रणनीति तय करेंगे। आंदोलन में जाटों पर जुर्म करने वाले अधिकारियों को इनाम दिया जा रहा है। झज्जर में नौ मौतें हुई। एसपी को सस्पेंड करने की बजाए कैथल की नियुक्ति दे दी गई। प्रदेश में भाईचारा न बिगड़े इसके लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। हमारी जाति के साथ उनकी लड़ाई नहीं बल्कि वे तो अपना हक मांग रहे है। भिवानी में नौ जगह घटनाएं हुई। कुछ राजनीतिक लोगों की अगुवाई में आगजनी व तोड़फोड़ हुई मगर एक भी जेल में नहीं है। इस मौके पर जाट नेता शेर सिंह रतेरा आदि मौजूद रहे।
हक के लिए किसी दबाव में नहीं झुकेंगे : मलिक
बाढड़ा। जाट आरक्षण समय की महत्वूपर्ण मांग है और इसको पाने के लिए हमने कई युवाओं के बलिदान तक देने पड़े हैं। प्रदेश सरकार के प्रारुप पर ही केन्द्र सरकार ने जाट आरक्षण को जल्द स्वीकृति नहीं दी तो दिल्ली से राष्ट्रीय संघर्ष का बिगुल फूंका जाएगा। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष यशपाल सिंह मलिक ने कस्बे की अनाज मंडी में समिति की हलकास्तरीय महापंचायत को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन की आड़ में उनकी बिरादरी का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। खाप नेता सज्जनसिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार जाट आरक्षण के नाम पर निर्दोष युवाओं पर झूठे मामले दर्ज कर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मौके पर बीएस अहलावत, शेरसिंह रतेरा, राजकुमार हड़ौदी, प्रदीप बाढड़ा, धर्मपाल बाढड़ा, कमल सिंह मांढी आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को जाट धर्मशाला पहुंचे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि आरक्षण के दंगों के नाम पर जाट समुदाय के लोगों को तंग किया जा रहा है। जबकि जांच यह होनी चाहिए कि दंगे किसने करवाये, आग किसने लगवाई, कौन-कौन अधिकारी व राजनीतिक लोग शामिल है। दंगे सोची समझी साजिश थी और सांसद राज कुमार सैनी ने इसके लिए बकायदा जिलों में बैठकें की और अपनी ब्रिगेड बनाई। दंगों के लिए आमजन जिम्मेदार नहीं बल्कि करवाने वाले जिम्मेदार है। हवा सिंह सांगवान समेत दो को जांच में शामिल होने के नोटिस पर उन्होंने कहा कि वह भी जांच में शामिल होने के लिए तैयार है मगर राज कुमार सैनी जैसे दंगे करवाने वालों को भी शामिल किया जाए। उनकी मांग है जबकि तक जांच न हो तब तक किसी तरह की गिरफ्तारी न की जाए। फर्जी मुकदमे रद करवाने, निर्दोषों को छुड़वाने, केंद्र में आरक्षण, शहीदों को मुआवजा, मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी आदि मांगों को लेकर 13 राज्यों के जाट समुदाय के लोग 10 मई को दिल्ली में जुटेंगे और आंदोलन की रणनीति तय करेंगे। आंदोलन में जाटों पर जुर्म करने वाले अधिकारियों को इनाम दिया जा रहा है। झज्जर में नौ मौतें हुई। एसपी को सस्पेंड करने की बजाए कैथल की नियुक्ति दे दी गई। प्रदेश में भाईचारा न बिगड़े इसके लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। हमारी जाति के साथ उनकी लड़ाई नहीं बल्कि वे तो अपना हक मांग रहे है। भिवानी में नौ जगह घटनाएं हुई। कुछ राजनीतिक लोगों की अगुवाई में आगजनी व तोड़फोड़ हुई मगर एक भी जेल में नहीं है। इस मौके पर जाट नेता शेर सिंह रतेरा आदि मौजूद रहे।
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हक के लिए किसी दबाव में नहीं झुकेंगे : मलिक
बाढड़ा। जाट आरक्षण समय की महत्वूपर्ण मांग है और इसको पाने के लिए हमने कई युवाओं के बलिदान तक देने पड़े हैं। प्रदेश सरकार के प्रारुप पर ही केन्द्र सरकार ने जाट आरक्षण को जल्द स्वीकृति नहीं दी तो दिल्ली से राष्ट्रीय संघर्ष का बिगुल फूंका जाएगा। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष यशपाल सिंह मलिक ने कस्बे की अनाज मंडी में समिति की हलकास्तरीय महापंचायत को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन की आड़ में उनकी बिरादरी का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। खाप नेता सज्जनसिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार जाट आरक्षण के नाम पर निर्दोष युवाओं पर झूठे मामले दर्ज कर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मौके पर बीएस अहलावत, शेरसिंह रतेरा, राजकुमार हड़ौदी, प्रदीप बाढड़ा, धर्मपाल बाढड़ा, कमल सिंह मांढी आदि मौजूद रहे।
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