{"_id":"5884f4f84f1c1bc77cf005fb","slug":"bhiwani-news-sky-salt-water-medicine","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसमान से गिरी संजीवनी, नमक के पानी से मिलेगा छुटकारा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसमान से गिरी संजीवनी, नमक के पानी से मिलेगा छुटकारा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:37 PM IST
विज्ञापन
file imge
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी जिलेभर में सुबह हुई हलकी बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे खिल गए। मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी दो दिनों यानी 24 व 25 जनवरी को अच्छी बरसात की संभावना जताई है। जिससे किसानों के चेहरे खिले हैं। हालांकि बरसात के बाद शीत लहर चलने से लोगों को परेशानी हुई मगर धूप खिलने के बाद ठंड से राहत मिली।
रविवार सुबह किसानों के लिए आसमान से राहत बरती। सुबह करीब आठ बजे बूंदाबांदी शुरू हुई है। करीब 15 से 20 मिनट तक बूंदाबांदी हुई। जिससे किसानों की फसल में नई जान आ गई है। जिलेभर में हलकी बूंदाबांदी ही रही। किसानों को अब फसलों खासकर चना व सरसों की बढ़त तेजी से होने की आस है। वहीं हलकी बूंदाबांदी कही आमजन के लिए आफत भी बनी। बूंदाबांदी के बाद शहर में कीचड़ की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। खासकर जहां सड़क निर्माण कार्य चल रहे हैं। दिनोद गेट, रेलवे स्टेशन के पास, सामान्य अस्पताल के पास, रोहतक रोड पर कीच लोगों के लिए खासा परेशानी बना।
हल्की बूंदाबांदी के तेज हवाएं चली जिससे ठंड बढ़ी मगर दोपहर करीब 12 बजे निकली धूप ने ठंड से राहत दिलाई। तापमान पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 21 डिग्री था वहीं रविवार को 22 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री ही रहा।
विज्ञापन
खारे पानी से कम हो रही फसलों की बढ़त
जिलेभर में नहरी पानी कम आने के कारण ज्यादातर किसान ट्यूबवेल के ही पानी से सिंचाई कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार भिवानी के जमीनी पानी में नमक की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे में नमक पौधों की जड़ों में रम जाता है। जिससे पौधों की बढ़त अपेक्षाकृत काफी कम होती है। बरसाती पानी से यह नमक जमीन में चला जाता है और पौधे खुलकर बढ़त हासिल करते है। 24 व 25 को बरसात की संभावना जताई जा रही है। जिससे किसान खुश है।
विज्ञापन
रविवार सुबह किसानों के लिए आसमान से राहत बरती। सुबह करीब आठ बजे बूंदाबांदी शुरू हुई है। करीब 15 से 20 मिनट तक बूंदाबांदी हुई। जिससे किसानों की फसल में नई जान आ गई है। जिलेभर में हलकी बूंदाबांदी ही रही। किसानों को अब फसलों खासकर चना व सरसों की बढ़त तेजी से होने की आस है। वहीं हलकी बूंदाबांदी कही आमजन के लिए आफत भी बनी। बूंदाबांदी के बाद शहर में कीचड़ की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। खासकर जहां सड़क निर्माण कार्य चल रहे हैं। दिनोद गेट, रेलवे स्टेशन के पास, सामान्य अस्पताल के पास, रोहतक रोड पर कीच लोगों के लिए खासा परेशानी बना।
विज्ञापन
हल्की बूंदाबांदी के तेज हवाएं चली जिससे ठंड बढ़ी मगर दोपहर करीब 12 बजे निकली धूप ने ठंड से राहत दिलाई। तापमान पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 21 डिग्री था वहीं रविवार को 22 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री ही रहा।
विज्ञापन
खारे पानी से कम हो रही फसलों की बढ़त
जिलेभर में नहरी पानी कम आने के कारण ज्यादातर किसान ट्यूबवेल के ही पानी से सिंचाई कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार भिवानी के जमीनी पानी में नमक की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे में नमक पौधों की जड़ों में रम जाता है। जिससे पौधों की बढ़त अपेक्षाकृत काफी कम होती है। बरसाती पानी से यह नमक जमीन में चला जाता है और पौधे खुलकर बढ़त हासिल करते है। 24 व 25 को बरसात की संभावना जताई जा रही है। जिससे किसान खुश है।