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नंदगांव में एक साथ जली पांच चिता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:23 AM IST
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अंतिम संस्कार
- फोटो : AmarUjala
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कलानौर-आंवल सड़क हादसे में मारे गए एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव नंदगांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। सन्नाटे के बीच रुदन की आवाजें हर दिल को मानो बींध रही थी। गम में डूबे परिजनों की हालत ऐसी थी कि गाड़ी से शव घर तो ले जाए गए मगर उतारने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका। आखिरकार बिना गाड़ी से उतारे ही शवों को अंत्येष्टि के लिए ले जाया गया। गमगीन माहौल में पांचों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। पांच शव आने के बाद गांव में मचे कोहराम के बीच गांव के प्रत्येक व्यक्ति जो अंतिम यात्रा में शामिल था कि आंखे नम थी। हर कोई हादसा करने वाले दूसरे वाहन के चालक को कोस रहा था। वहीं परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाने भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
नंदगांव वासी करीब 21 वर्षीय कपिल ने हाल ही में गाड़ी खरीदी थी। इसी कारण वह परिवार के साथ गुड़गांव में माता शीतला की पूजा करने गया था। कपिल के साथ पत्नी, उसकी माता 42 वर्षीय रामकला, दादी 65 वर्षीय चावली, चाची 30 वर्षीय ज्योति, भतीजा आठ वर्षीय मानव, चाचा नरेंद्र व दो अन्य महिलाएं साथ थी। वापसी में कलानौर और आंवल के बीच गाड़ी एक्सीडेंट हुई ओर हादसे में कपिल, रामकला, चावली देवी, ज्योति, मानव की मौत हो गई। जबकि बाकी तीन घायल हुए।
पीजीआई में पोस्टमार्टम के बाद पांचों शव सायं करीब साढ़े पांच बजे गांव पहुंचे। हादसे की सूचना भर से गांव में मातम का माहौल था। सायं को ग्रामीण व परिजन सड़क किनारे बैठकर शवों के गांव आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही शव गांव में पहुंचे कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हालत यह रही कि शवों को ले जाने के लिए अर्थियां बनाई गई मगर शवों को घर उतारे बिना ही सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। पूरा गांव अंतिम संस्कार में उमड़ा और परिजन को ढांढस बंधाता रहा।
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चाचा-भतीजा एक चिता पर तो सास-बहू की जली एक चिता
देर शाम दो चिताओं पर पांचों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक चिता पर कपिल व उसके भतीजे मानव के शवों को रखा गया तो दूसरी चिता में बुजुर्ग महिला चावली और उसकी पुत्रवधुओं राम कला और ज्योति के शव रखे गए।
दो भाइयों के घर के बुझ गए चिराग
हादसा दो भाइयों सुभाष व नरेंद्र के पूरे परिवार को लील गया। दोनों परिवारों के चिराग बुझ गए। सुभाष का इकलौता लड़का कपिल हादसे का शिकार हुआ। हादसे में कपिल की माता रामकला और दादी चावली देवी की भी मौत हुई। हादसे में नरेंद्र के इकलौते लड़के मानव की भी मौत हो गई जबकि नरेंद्र की पत्नी ज्योति भी हादसे का शिकार हुई।
घायल होने के बावजूद अंत्येष्टि में पहुंचा नरेंद्र
हादसे के समय नरेंद्र भी गाड़ी में सवार था। वह भी गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। परिजन उसे बिना बताये शवों को अंतिम संस्कार के लिए नंदगांव ले आए। मगर उसे पता लगते ही वह पीजीआई से छुट्टी लिए बिना ही नंदगांव पहुंचा और अंत्येष्टि में शामिल हुआ। हादसे में नरेंद्र की पत्नी ज्योति व लड़के मानव की मौत हुई।
मातम में बदली खुशियां
कपिल ने हाल ही में गाड़ी खरीदी थी। कपिल ड्राइवर था और काम के लिए गाड़ी खरीदी थी। काम शुरू होने की खुशी में पूरा परिवार माता के दर्शन को गया था। कपिल की शादी भी इसी साल फरवरी माह में हुई थी और इस कारण भी माता के दर्शन के लिए परिवार जा रहा था। पूरा परिवार में खुशी का माहौल था मगर हादसे के बाद घर में मातम छाया हुआ है। सारी खुशियां पलक झपकते ही मातम में बदल गई।
नंदगांव वासी करीब 21 वर्षीय कपिल ने हाल ही में गाड़ी खरीदी थी। इसी कारण वह परिवार के साथ गुड़गांव में माता शीतला की पूजा करने गया था। कपिल के साथ पत्नी, उसकी माता 42 वर्षीय रामकला, दादी 65 वर्षीय चावली, चाची 30 वर्षीय ज्योति, भतीजा आठ वर्षीय मानव, चाचा नरेंद्र व दो अन्य महिलाएं साथ थी। वापसी में कलानौर और आंवल के बीच गाड़ी एक्सीडेंट हुई ओर हादसे में कपिल, रामकला, चावली देवी, ज्योति, मानव की मौत हो गई। जबकि बाकी तीन घायल हुए।
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पीजीआई में पोस्टमार्टम के बाद पांचों शव सायं करीब साढ़े पांच बजे गांव पहुंचे। हादसे की सूचना भर से गांव में मातम का माहौल था। सायं को ग्रामीण व परिजन सड़क किनारे बैठकर शवों के गांव आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही शव गांव में पहुंचे कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हालत यह रही कि शवों को ले जाने के लिए अर्थियां बनाई गई मगर शवों को घर उतारे बिना ही सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। पूरा गांव अंतिम संस्कार में उमड़ा और परिजन को ढांढस बंधाता रहा।
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चाचा-भतीजा एक चिता पर तो सास-बहू की जली एक चिता
देर शाम दो चिताओं पर पांचों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक चिता पर कपिल व उसके भतीजे मानव के शवों को रखा गया तो दूसरी चिता में बुजुर्ग महिला चावली और उसकी पुत्रवधुओं राम कला और ज्योति के शव रखे गए।
दो भाइयों के घर के बुझ गए चिराग
हादसा दो भाइयों सुभाष व नरेंद्र के पूरे परिवार को लील गया। दोनों परिवारों के चिराग बुझ गए। सुभाष का इकलौता लड़का कपिल हादसे का शिकार हुआ। हादसे में कपिल की माता रामकला और दादी चावली देवी की भी मौत हुई। हादसे में नरेंद्र के इकलौते लड़के मानव की भी मौत हो गई जबकि नरेंद्र की पत्नी ज्योति भी हादसे का शिकार हुई।
घायल होने के बावजूद अंत्येष्टि में पहुंचा नरेंद्र
हादसे के समय नरेंद्र भी गाड़ी में सवार था। वह भी गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। परिजन उसे बिना बताये शवों को अंतिम संस्कार के लिए नंदगांव ले आए। मगर उसे पता लगते ही वह पीजीआई से छुट्टी लिए बिना ही नंदगांव पहुंचा और अंत्येष्टि में शामिल हुआ। हादसे में नरेंद्र की पत्नी ज्योति व लड़के मानव की मौत हुई।
मातम में बदली खुशियां
कपिल ने हाल ही में गाड़ी खरीदी थी। कपिल ड्राइवर था और काम के लिए गाड़ी खरीदी थी। काम शुरू होने की खुशी में पूरा परिवार माता के दर्शन को गया था। कपिल की शादी भी इसी साल फरवरी माह में हुई थी और इस कारण भी माता के दर्शन के लिए परिवार जा रहा था। पूरा परिवार में खुशी का माहौल था मगर हादसे के बाद घर में मातम छाया हुआ है। सारी खुशियां पलक झपकते ही मातम में बदल गई।