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जाट आरक्षण आंदोलन : धनाना में आज से फिर धरने देंगे जाट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2016 12:56 AM IST
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बैठक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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धरना स्थगित करने और अल्टीमेटम का पूर्ववर्ती फैसला पलटते हुए 12 गांवों की पंचायत ने दोबारा धरना शुरू करने का ऐलान किया है। शुक्रवार से आरंभ होने वाला धरना धनाना गांव की धर्मशाला में दिया जाएगा। हालांकि, बेमियादी धरने का ऐलान किया गया है, लेकिन प्रशासन की अनुमति को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है।
यह निर्णय बृहस्पतिवार धनाना के ऐतिहासिक बंगले में हुई 12 गांवों की बैठक में लिया गया। जाट आरक्षण आंदोलन की चेतावनी के बाद पांच जून को धनाना प्रथम गांव की धर्मशाला में धरना दिया था। बैठक के लिए सुबह नौ बजे ही विभिन्न गांवों के लोग धनाना के एतिहासिक बंगले में जुटने लगे थे। सुबह करीब 10 बजे जाटू खाप 84 के प्रधान राजमल सिंह की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। पांच जून का धरना खत्म करने को लेकर लोगों में खासी नाराजगी नजर आई। प्रशासनिक अधिकारियों पर बरगला कर धरना खत्म करने का आरोप लगाया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनके आरक्षण की राह में रोड़ा बने हैं। एक व्यक्ति कोर्ट में याचिका दायर कर देता है और आरक्षण रोक दिया जाता है। जाट नेताओं ने मांग की कि सरकार ऐसा प्रावधान करे कि उनके आरक्षण पर कोई आपत्ति या रोक न रहे। बैठक में आंदोलन के लिए सभी गांवों के दो-दो सदस्यों की समिति बनाई गई। समिति ने निर्णय लिया कि 10 जून शुक्रवार से फिर से धरना शुरू किया जाएगा और जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी धरना जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि कुछ बिरादरियां अपने आरक्षण में कटौती होने की आशंका के चलते विरोध कर रही है जो कि गलत है। जाट बिरादरी के पढ़े-लिखे युवा भी बेरोजगार घूम रहे है। नौकरी या रोजगार नहीं होने के चलते शादियों तक में समस्या आ रही है। जाट नेताओं ने कहा कि आरक्षण उनका हक है और वे लेकर रहेंगे। धरने में प्रधान राजमल, संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह, राजपाल, रणबीर सरपंच, समिति के जनरल सेकेटरी कुलदीप, अनिल, हवा सिंह, प्रेम कुमार, राज कुमार, भीम नंबरदार, राम कुमार, महेंद्र आदि ने अपने विचार रखे।
एक दिन की अनुमति, अनिश्चितकालीन धरना
धरने पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि प्रतिनिधिमंडल अनुमति लेने डीसी के पास जाएगा। उन्हें अनुमति मिले या ना मिले वे धरना जरूर देंगे। सायं के समय प्रतिनिधिमंडल डीसी पंकज से मिला। जाट नेता होशियार सिंह व कुलदीप ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें एक दिन के धरने की अनुमति दे दी है।
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शहीदों के सम्मान के लिए 30 तक जुटाना है चंदा
बैठक में शहीदों के सम्मान के लिए जल्द चंदा एकत्रित करने के लिए भी सभी गांवों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए। चंदा एकत्रित करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया। जिसके बाद सम्मान समारोह कर शहीदों के परिजनों, घायलों के सम्मान में समारोह किया जाएगा।
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यह निर्णय बृहस्पतिवार धनाना के ऐतिहासिक बंगले में हुई 12 गांवों की बैठक में लिया गया। जाट आरक्षण आंदोलन की चेतावनी के बाद पांच जून को धनाना प्रथम गांव की धर्मशाला में धरना दिया था। बैठक के लिए सुबह नौ बजे ही विभिन्न गांवों के लोग धनाना के एतिहासिक बंगले में जुटने लगे थे। सुबह करीब 10 बजे जाटू खाप 84 के प्रधान राजमल सिंह की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। पांच जून का धरना खत्म करने को लेकर लोगों में खासी नाराजगी नजर आई। प्रशासनिक अधिकारियों पर बरगला कर धरना खत्म करने का आरोप लगाया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनके आरक्षण की राह में रोड़ा बने हैं। एक व्यक्ति कोर्ट में याचिका दायर कर देता है और आरक्षण रोक दिया जाता है। जाट नेताओं ने मांग की कि सरकार ऐसा प्रावधान करे कि उनके आरक्षण पर कोई आपत्ति या रोक न रहे। बैठक में आंदोलन के लिए सभी गांवों के दो-दो सदस्यों की समिति बनाई गई। समिति ने निर्णय लिया कि 10 जून शुक्रवार से फिर से धरना शुरू किया जाएगा और जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी धरना जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि कुछ बिरादरियां अपने आरक्षण में कटौती होने की आशंका के चलते विरोध कर रही है जो कि गलत है। जाट बिरादरी के पढ़े-लिखे युवा भी बेरोजगार घूम रहे है। नौकरी या रोजगार नहीं होने के चलते शादियों तक में समस्या आ रही है। जाट नेताओं ने कहा कि आरक्षण उनका हक है और वे लेकर रहेंगे। धरने में प्रधान राजमल, संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह, राजपाल, रणबीर सरपंच, समिति के जनरल सेकेटरी कुलदीप, अनिल, हवा सिंह, प्रेम कुमार, राज कुमार, भीम नंबरदार, राम कुमार, महेंद्र आदि ने अपने विचार रखे।
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एक दिन की अनुमति, अनिश्चितकालीन धरना
धरने पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि प्रतिनिधिमंडल अनुमति लेने डीसी के पास जाएगा। उन्हें अनुमति मिले या ना मिले वे धरना जरूर देंगे। सायं के समय प्रतिनिधिमंडल डीसी पंकज से मिला। जाट नेता होशियार सिंह व कुलदीप ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें एक दिन के धरने की अनुमति दे दी है।
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शहीदों के सम्मान के लिए 30 तक जुटाना है चंदा
बैठक में शहीदों के सम्मान के लिए जल्द चंदा एकत्रित करने के लिए भी सभी गांवों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए। चंदा एकत्रित करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया। जिसके बाद सम्मान समारोह कर शहीदों के परिजनों, घायलों के सम्मान में समारोह किया जाएगा।