{"_id":"57e6ce9f4f1c1b3276a83657","slug":"bhiwani-news-huda-send-notice-balance-payement-otherwise-plot-return","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुडा ने भेजे नोटिस, बकाया जमा कराओ, नहीं तो लौटाना होगा प्लाट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुडा ने भेजे नोटिस, बकाया जमा कराओ, नहीं तो लौटाना होगा प्लाट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
हुडा
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण भिवानी के करीब 700 लोगों में 35 करोड़ रुपये फंसे है। विभाग ने इन डिफाल्टरों से निपटने के लिए अब सख्त रवैया अपनाने का मन बना लिया है। मुख्य प्रशासक ने डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए प्लॉट रिज्यूम करने के आदेश दे दिए है। इसके बाद अब नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हुडा के सेक्टर 13, 23 और मंडी टाउनशिप में प्लॉट लेने वाले लोग किस्त जमा कराने में कंजूसी कर रहे है। यहीं कारण है कि करीब सात सौ लोगों में हुडा के करीब 35 करोड़ रुपये फंसे है। इनमें कमर्शियल प्लॉट भी शामिल है। अधिकतर प्लॉट धारकों ने भवन तो बना रखे है मगर किस्त जमा नहीं करवा रहे। कमर्शियल की किस्त साढ़े तीन साल में जमा करानी होती है मगर लोग की किस्ते पांच से छह साल तक लटकी हुई है। ऐसा ही हाल घरेलू प्लॉट का है। लोगों की किस्तों के साथ एनहासमेंट व अन्य ड्यूज भी बकाया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अब डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए सख्त रवैया अपनाने के मूड में है। मुख्य प्रशासक हुडा विकास गुप्ता ने सभी जिलों के हुडा प्रशासकों को निर्देश दिए है कि वे डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए नोटिस दे और नोटिस के बाद भी बकाया राशि नहीं जमा कराने वालों के प्लॉट रिज्यूम करें। निर्देश के बाद अब नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिससे डिफाल्टरों में भी हड़कंप मचा है।
खाली प्लॉट ही नहीं बने हुए मकान भी हो सकते है रिज्यूम
लोगों के मन में धारण है कि विभाग खाली प्लॉट ही रिज्यूम कर सकता है। मगर यहां अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए है कि चाहे खाली प्लॉट हो या किसी ने मकान बना रखा हो, अगर डिफाल्टर है तो उसका प्लॉट रिज्यूम किया जाए। इससे बचना है तो डिफाल्टर अपनी बकाया राशि जमा कराये।
विज्ञापन
रिकवरी के लिए नहीं हो रहा प्रयास
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) भी स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। यहीं कारण है कि डिफाल्टरों से रिकवरी का अब तक कोई प्रयास नहीं हुआ। अब प्लॉट धारक अपने आप ही राशि जमा कराये तो ठीक अन्यथा उनसे कोई रिकवरी का प्रयास नहीं था। यहीं कारण है कि लोगों ने किस्तें जमा करानी बंद कर रखी है। विभाग के पास तो पूरा रिकार्ड भी तैयार नहीं है।
चार चरणों में होता है प्लॉट रिज्यूम
1. प्लॉट धारक जब अपनी बकाया राशि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को जमा नहीं कराता तो उसे सेक्शन 17 (1) का नोटिस जारी कर राशि जमा करने की हिदायत दी जाती है।
2. प्रथम नोटिस के बाद भी यदि प्लॉट धारक बकाया राशि विभाग में जमा नहीं कराता है तो विभाग उसे सेक्शन 17 (2) का नोटिस जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई (पर्सनल हियरिंग) पर बुलाता है।
3. व्यक्तिगत सुनवाई में यदि प्लॉट धारक का जवाब संतोषजनक नहीं होता तो उसे सेक्शन 17 (3) का नोटिस जारी कर बकाया राशि 10 प्रतिशत जुर्माने के साथ जमा करने के निर्देश दिए जाते है।
4. जुर्माना लगाए जाने के बावजूद भी यदि प्लॉट धारक बकाया राशि जमा नहीं कराता है तो उसे सेक्शन 17 (4) का नोटिस जारी कर प्लॉट रिज्यूम किया जाता है।
डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए मुख्य प्रशासक विकास गुप्ता ने निर्देश दिए है। इनके तहत प्लॉट रिज्यूम करने के भी आदेश है। अब डिफाल्टरों को नोटिस दिए जा रहे है। जो डिफाल्टर बकाया राशि जमा नहीं कराएगा, उनके प्लॉट रिज्यूम किए जाएंगे।
डीएस नैन, एक्सईएन
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण हिसार
हुडा के सेक्टर 13, 23 और मंडी टाउनशिप में प्लॉट लेने वाले लोग किस्त जमा कराने में कंजूसी कर रहे है। यहीं कारण है कि करीब सात सौ लोगों में हुडा के करीब 35 करोड़ रुपये फंसे है। इनमें कमर्शियल प्लॉट भी शामिल है। अधिकतर प्लॉट धारकों ने भवन तो बना रखे है मगर किस्त जमा नहीं करवा रहे। कमर्शियल की किस्त साढ़े तीन साल में जमा करानी होती है मगर लोग की किस्ते पांच से छह साल तक लटकी हुई है। ऐसा ही हाल घरेलू प्लॉट का है। लोगों की किस्तों के साथ एनहासमेंट व अन्य ड्यूज भी बकाया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अब डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए सख्त रवैया अपनाने के मूड में है। मुख्य प्रशासक हुडा विकास गुप्ता ने सभी जिलों के हुडा प्रशासकों को निर्देश दिए है कि वे डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए नोटिस दे और नोटिस के बाद भी बकाया राशि नहीं जमा कराने वालों के प्लॉट रिज्यूम करें। निर्देश के बाद अब नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिससे डिफाल्टरों में भी हड़कंप मचा है।
विज्ञापन
खाली प्लॉट ही नहीं बने हुए मकान भी हो सकते है रिज्यूम
लोगों के मन में धारण है कि विभाग खाली प्लॉट ही रिज्यूम कर सकता है। मगर यहां अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए है कि चाहे खाली प्लॉट हो या किसी ने मकान बना रखा हो, अगर डिफाल्टर है तो उसका प्लॉट रिज्यूम किया जाए। इससे बचना है तो डिफाल्टर अपनी बकाया राशि जमा कराये।
विज्ञापन
रिकवरी के लिए नहीं हो रहा प्रयास
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) भी स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। यहीं कारण है कि डिफाल्टरों से रिकवरी का अब तक कोई प्रयास नहीं हुआ। अब प्लॉट धारक अपने आप ही राशि जमा कराये तो ठीक अन्यथा उनसे कोई रिकवरी का प्रयास नहीं था। यहीं कारण है कि लोगों ने किस्तें जमा करानी बंद कर रखी है। विभाग के पास तो पूरा रिकार्ड भी तैयार नहीं है।
चार चरणों में होता है प्लॉट रिज्यूम
1. प्लॉट धारक जब अपनी बकाया राशि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को जमा नहीं कराता तो उसे सेक्शन 17 (1) का नोटिस जारी कर राशि जमा करने की हिदायत दी जाती है।
2. प्रथम नोटिस के बाद भी यदि प्लॉट धारक बकाया राशि विभाग में जमा नहीं कराता है तो विभाग उसे सेक्शन 17 (2) का नोटिस जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई (पर्सनल हियरिंग) पर बुलाता है।
3. व्यक्तिगत सुनवाई में यदि प्लॉट धारक का जवाब संतोषजनक नहीं होता तो उसे सेक्शन 17 (3) का नोटिस जारी कर बकाया राशि 10 प्रतिशत जुर्माने के साथ जमा करने के निर्देश दिए जाते है।
4. जुर्माना लगाए जाने के बावजूद भी यदि प्लॉट धारक बकाया राशि जमा नहीं कराता है तो उसे सेक्शन 17 (4) का नोटिस जारी कर प्लॉट रिज्यूम किया जाता है।
डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए मुख्य प्रशासक विकास गुप्ता ने निर्देश दिए है। इनके तहत प्लॉट रिज्यूम करने के भी आदेश है। अब डिफाल्टरों को नोटिस दिए जा रहे है। जो डिफाल्टर बकाया राशि जमा नहीं कराएगा, उनके प्लॉट रिज्यूम किए जाएंगे।
डीएस नैन, एक्सईएन
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण हिसार