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अस्पताल, लैब बंद कर सड़क पर उतरे चिकित्सक, प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:33 AM IST
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डॉ. केएल बावा के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा चिकित्सकों ने बुधवार को सभी निजी अस्पताल बंद कर रोष जताया। लैब संचालक भी चिकित्सकों के समर्थन में आए और अपनी लैब बंद रखी। दिनभर अस्पताल बंद रखने के बाद सायं को सभी चिकित्सक व सामाजिक संगठन सड़क पर उतरे और शहर में प्रदर्शन कर रोष जताया। कड़े फैसले लेते हुए चिकित्सकों ने 11 जनवरी को शहर में प्रदर्शन कर उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। भिवानी बंद पर भी विचार-विमर्श किया गया और 20 जनवरी को भिवानी बंद किया जा सकता है।
12 दिसंबर को डॉ. केएल बावा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव रासीवास गांव की बणी में मिला था। 23 दिन बाद भी पुलिस के हाथ हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा है। इसी से रोषस्वरूप सभी प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया। निर्णय के तहत बुधवार को सभी निजी अस्पताल बंद रहे। चिकित्सकों के समर्थन में लैब संचालक भी आए और अपनी लैब बंद रखीं।
दिनभर अस्पताल बंद रखने के बाद सायं के समय गणपतराय अस्पताल में सभी चिकित्सकों की बैठक हुई। जिसमें अब तक भी हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगने पर रोष जताया गया। बैठक में विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। बैठक में 11 जनवरी को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। साथ ही जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने की सूरत में 20 जनवरी को भिवानी बंद का निर्णय भी लिया जा सकता है।
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बैठक के बाद सभी ने आईएमए के नेतृत्व में जुलूस निकालकर रोष जताया। जुलूस गणपतराय सेवा सदन से शुरू होकर घंटाघर, सराय चौपटा, नया बाजार, हांसी गेट होते हुए वापस गणपरात सेवा सदन में संपन्न हुआ।
आईएमए के प्रधान डॉ. गौरव अरोड़ा व उपप्रधान डॉ. करन पूनिया ने बताया कि 11 जनवरी को सभी डाक्टर रोष प्रदर्शन में शामिल होंगे और इस आंदोलन को आगे गति देने के लिए शहर के नागरिकों का समर्थन लेंगे। 12 दिसंबर को डॉ. बावा की हत्या के बाद अब बवानीखेड़ा के चिकित्सक जगदीश अरोड़ा पर फिरौती मांगने वालों ने जानलेवा हमला किया है। इसकी भी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन घोर निंदा करता है और दोनों चिकित्सकों के अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तय की है।बैठक में विजय बंसल टैणी, भानूप्रकाश शर्मा, गिरधारीलाल, जेपी कौशिक, राकेश गौड़, परमजीत मड्डू, कमल प्रधान, का.ओम प्रकाश, सुरेश सैनी, संतोष देशवाल, पूनम सांगवान, यादविरेंद्र शर्मा, जयप्रकाश परमार, राजेंद्र सोनी, रामनिवास शर्मा, छात्र नेता क्रांति, नौजवान नेता अभिषेक शर्मा, का. रवि खन्ना, डा. वेदप्रकाश अग्रवाल, डॉ. सरीन, डॉ. पवन गोयल, डॉ. वीबी दीक्षित, डॉ. पीके आनंद, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डॉ. शिवकांत शर्मा, डॉ. सुमन पूनिया, डॉ. एमएल शर्मा, डॉ. रेणु चुघ, डॉ. अनिता पंवार, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. अजीत गुलिया, डॉ. रमेश खास, डॉ. त्रिलोकी भूषण गुप्ता, डॉ. नीलम भीष्म, डॉ. आरबी गोयल, डॉ. विनोद अंचल, डॉ. अनिल जांगड़ा, डॉ. पीके चराया, नीलम शर्मा, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान शैलेंद्र जैन आदि शामिल रहे।
मरीज रहे परेशान
डॉ. बावा की हत्या के रोषस्वरूप निजी चिकित्सकों ने इमरजेंसी मरीजों की भी जांच नहीं की। परेशान मरीजों ने सरकारी अस्पताल की ओर रुख किया। जिस कारण सामान्य अस्पताल की ओपीडी में भारी भीड़ रही तो इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या भी अच्छी खासी रही। ओपीडी में करीब 16 सौ मरीज जांच कराने पहुंचे। मरीजों की भीड़ में लोगों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
सुरक्षा को लेकर चिकित्सक चिंतित
बवानीखेड़ा में चिकित्सक जगदीश अरोड़ा पर हुए जानलेवा हमले के चिकित्सक चिंतित है। चिकित्सकों ने बैठक कर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। भिवानी नीमा ग्रामीण के पदाधिकारियों की कौंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन हरियाणा के सदस्य डॉ. देवेंद्र बोहरा के बोहरा हॉस्पिटल में बैठक हुई। चिकित्सकों ने कहा कि इस घटना से न केवल चिकित्सक वर्ग में दहशत और असुरक्षा की भावना है बल्कि प्रदेशभर में रोष व्याप्त है। डॉ बोहरा ने बताया कि अगर हमलावरों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेशभर की चिकित्सक आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। मीटिंग में नीमा भिवानी रूरल के प्रधान डॉ. विशाल शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. विजय शर्मा, डॉ. सुदेश बोहरा, डॉ. सपना बोहरा, डॉ. रीटा कोकचा, डॉ. मनीष अत्री, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. दिनेश चतुर्वेदी, डॉ. राजेश कौशिक, डॉ. अभिषेक उपस्थित थे।
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12 दिसंबर को डॉ. केएल बावा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव रासीवास गांव की बणी में मिला था। 23 दिन बाद भी पुलिस के हाथ हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा है। इसी से रोषस्वरूप सभी प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया। निर्णय के तहत बुधवार को सभी निजी अस्पताल बंद रहे। चिकित्सकों के समर्थन में लैब संचालक भी आए और अपनी लैब बंद रखीं।
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दिनभर अस्पताल बंद रखने के बाद सायं के समय गणपतराय अस्पताल में सभी चिकित्सकों की बैठक हुई। जिसमें अब तक भी हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगने पर रोष जताया गया। बैठक में विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। बैठक में 11 जनवरी को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। साथ ही जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने की सूरत में 20 जनवरी को भिवानी बंद का निर्णय भी लिया जा सकता है।
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बैठक के बाद सभी ने आईएमए के नेतृत्व में जुलूस निकालकर रोष जताया। जुलूस गणपतराय सेवा सदन से शुरू होकर घंटाघर, सराय चौपटा, नया बाजार, हांसी गेट होते हुए वापस गणपरात सेवा सदन में संपन्न हुआ।
आईएमए के प्रधान डॉ. गौरव अरोड़ा व उपप्रधान डॉ. करन पूनिया ने बताया कि 11 जनवरी को सभी डाक्टर रोष प्रदर्शन में शामिल होंगे और इस आंदोलन को आगे गति देने के लिए शहर के नागरिकों का समर्थन लेंगे। 12 दिसंबर को डॉ. बावा की हत्या के बाद अब बवानीखेड़ा के चिकित्सक जगदीश अरोड़ा पर फिरौती मांगने वालों ने जानलेवा हमला किया है। इसकी भी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन घोर निंदा करता है और दोनों चिकित्सकों के अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तय की है।बैठक में विजय बंसल टैणी, भानूप्रकाश शर्मा, गिरधारीलाल, जेपी कौशिक, राकेश गौड़, परमजीत मड्डू, कमल प्रधान, का.ओम प्रकाश, सुरेश सैनी, संतोष देशवाल, पूनम सांगवान, यादविरेंद्र शर्मा, जयप्रकाश परमार, राजेंद्र सोनी, रामनिवास शर्मा, छात्र नेता क्रांति, नौजवान नेता अभिषेक शर्मा, का. रवि खन्ना, डा. वेदप्रकाश अग्रवाल, डॉ. सरीन, डॉ. पवन गोयल, डॉ. वीबी दीक्षित, डॉ. पीके आनंद, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डॉ. शिवकांत शर्मा, डॉ. सुमन पूनिया, डॉ. एमएल शर्मा, डॉ. रेणु चुघ, डॉ. अनिता पंवार, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. अजीत गुलिया, डॉ. रमेश खास, डॉ. त्रिलोकी भूषण गुप्ता, डॉ. नीलम भीष्म, डॉ. आरबी गोयल, डॉ. विनोद अंचल, डॉ. अनिल जांगड़ा, डॉ. पीके चराया, नीलम शर्मा, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान शैलेंद्र जैन आदि शामिल रहे।
मरीज रहे परेशान
डॉ. बावा की हत्या के रोषस्वरूप निजी चिकित्सकों ने इमरजेंसी मरीजों की भी जांच नहीं की। परेशान मरीजों ने सरकारी अस्पताल की ओर रुख किया। जिस कारण सामान्य अस्पताल की ओपीडी में भारी भीड़ रही तो इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या भी अच्छी खासी रही। ओपीडी में करीब 16 सौ मरीज जांच कराने पहुंचे। मरीजों की भीड़ में लोगों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
सुरक्षा को लेकर चिकित्सक चिंतित
बवानीखेड़ा में चिकित्सक जगदीश अरोड़ा पर हुए जानलेवा हमले के चिकित्सक चिंतित है। चिकित्सकों ने बैठक कर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। भिवानी नीमा ग्रामीण के पदाधिकारियों की कौंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन हरियाणा के सदस्य डॉ. देवेंद्र बोहरा के बोहरा हॉस्पिटल में बैठक हुई। चिकित्सकों ने कहा कि इस घटना से न केवल चिकित्सक वर्ग में दहशत और असुरक्षा की भावना है बल्कि प्रदेशभर में रोष व्याप्त है। डॉ बोहरा ने बताया कि अगर हमलावरों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेशभर की चिकित्सक आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। मीटिंग में नीमा भिवानी रूरल के प्रधान डॉ. विशाल शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. विजय शर्मा, डॉ. सुदेश बोहरा, डॉ. सपना बोहरा, डॉ. रीटा कोकचा, डॉ. मनीष अत्री, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. दिनेश चतुर्वेदी, डॉ. राजेश कौशिक, डॉ. अभिषेक उपस्थित थे।