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पुलिस अधिकारी ने फांसी लगाकर जान दी
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Thu, 12 May 2016 01:00 AM IST
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- फोटो : Demo pic
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पुलिस लाइन हिसार में तैनात ईएएसआई ने पैतृक गांव सिवाड़ा में अपने मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, लेकिन उसमें खुदकुशी के कारणों के बारे में कुछ नहीं लिखा। फिलहाल पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्यवाही की है।
बुधवार सुबह 47 वर्षीय ईएएसआई धर्मबीर सिंह का शव उनके मकान के कमरे की छत के गाडर से लटका मिला। मृतक के पुत्र नवीन ने बताया की उसके पिता मंगलवार सांय को आए और खाना खाकर गांव में बन रहे नए मकान में जाकर सो गए। सुबह कमरे में गए तो देखा कि मकान में गाटर से उसके पिता ने फांसी लगा ली और उसके पिता को वे अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी की जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। लेकिन, उसमें यह जिक्र नहीं है कि वह यह कदम क्यों उठा रहा है। अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार भी नहीं ठहराया है। नवीन ने बताया कि उसके पिता ने मानसिक परेशानी व अन्य किसी बारे कोई जिक्र नहीं किया जिससे उन्हें किसी पर कोई शक नहीं है।
केस के आईओ एसआई सुभाष व एएसआई विनोद कुमार ने बताया कि मृतक के पुत्र के ब्यान पर इतफाकिया मामला दर्ज कर लिया गया व शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
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...और साथ नहीं दे सकता, मैं जा रहा हूं
चार बच्चों के पिता धर्मबीर सिंह ने सुसाइड नोट बेहद भावनात्मक भाषा में लिखा है। पत्नी व बच्चों को प्रिय कहकर संबोधित किया गया है। आगे लिखा कि अब मैं आप लोगों का और साथ नहीं दे सकता हूं। सारे भाइयों को राम-राम। ....मैं जा रहा हूं। बवानीखेड़ा एसएचओ रमेश कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट में यही सब बातें लिखी हैं।
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बुधवार सुबह 47 वर्षीय ईएएसआई धर्मबीर सिंह का शव उनके मकान के कमरे की छत के गाडर से लटका मिला। मृतक के पुत्र नवीन ने बताया की उसके पिता मंगलवार सांय को आए और खाना खाकर गांव में बन रहे नए मकान में जाकर सो गए। सुबह कमरे में गए तो देखा कि मकान में गाटर से उसके पिता ने फांसी लगा ली और उसके पिता को वे अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी की जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। लेकिन, उसमें यह जिक्र नहीं है कि वह यह कदम क्यों उठा रहा है। अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार भी नहीं ठहराया है। नवीन ने बताया कि उसके पिता ने मानसिक परेशानी व अन्य किसी बारे कोई जिक्र नहीं किया जिससे उन्हें किसी पर कोई शक नहीं है।
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केस के आईओ एसआई सुभाष व एएसआई विनोद कुमार ने बताया कि मृतक के पुत्र के ब्यान पर इतफाकिया मामला दर्ज कर लिया गया व शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
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...और साथ नहीं दे सकता, मैं जा रहा हूं
चार बच्चों के पिता धर्मबीर सिंह ने सुसाइड नोट बेहद भावनात्मक भाषा में लिखा है। पत्नी व बच्चों को प्रिय कहकर संबोधित किया गया है। आगे लिखा कि अब मैं आप लोगों का और साथ नहीं दे सकता हूं। सारे भाइयों को राम-राम। ....मैं जा रहा हूं। बवानीखेड़ा एसएचओ रमेश कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट में यही सब बातें लिखी हैं।