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शहर के 30 फीडर अनसेफ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:54 AM IST
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- फोटो : demo
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सावधान! शहर के लगभग सभी फीडर अनसेफ हैं। यह हम नहीं कर रहे, खुद विभाग का सर्वे कर रहा है। यह बात अलग है कि किसी फीडर में छोटी खामी है तो किसी में बड़ी। विभाग ने अपने कर्मचारी-अधिकारियों को एक महीने सभी खामियों को दुरुस्त करने को कहा है।
18 सितंबर को सिवानी मंडी में करंट लगने से पोते-बेटे समेत तीन की मौत के दर्दनाक हादसे के बाद बिजली विभाग ने शहर में अपनी बिजली संप्रेषण व्यवस्था का ओवर व्यू किया। विभाग की टीम ने एक-एक फीडर का मुआयना किया और कमियों को नोट किया। चौंकाने वाली बात सामने आई कि शहर के सभी 30 फीडर छोटी-बड़ी खामियों की वजह से अनसेफ हैं। चूंकि, इनमें से ज्यादातर फीडर शहर की घनी आबादी के बीच में हैं, इसलिए ये खामियां कभी भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। इन खामियों की जानकारी को विभाग ने गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को तुरंत खामियां दूर करने के लिए जरूरी उपकरण व सामान की लिस्ट तैयार करने को कहा गया है। बताया जाता है कि इस महीने के भीतर फीडरों की कमियों को दूर करने की हिदायत दी गई हैं।
फीडरों में मिली ये कमियां
- लंबे स्पेन। एक खंभे से दूसरे खंभे के बीच ज्यादा दूरी। नए खंभे लगाकर यह दूरी कम की जा सकती है।
- ज्यादातर फीडरों पर जंपर रिप्लेसमेंट की दरकार।
- ढीले व जर्जर तार बदलने की जरूरत।
- कम ऊंचाई पर ट्रांसफार्मर।
- कम हाइट के खंभे खतरा बने हैं। कुछ समय पहले 7-8 मीटर उंचाई के खंभे लगाए जाते थे। जमीन का लेवल बढ़ने के बाद ये खंभे खतरनाक साबित होने लगे। 11 मीटर ऊंचाई के नए खंभे लगाने जरूरत।
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- शहर में लाइन के ऊपर लाइन व तारों का मकड़जाल। ऐसे कई प्वाइंट हैं, जहां लाइन के ऊपर लाइन क्रॉस कर रही हैं। एक्सएलपीई व एबी केबल लगाने की आवश्यकता।
शहर के सभी 30 फीडरों पर खतरनाक प्वाइंट की पहचान की गई है। अधिकारियों को इन कमियों को इस महीने के भीतर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरी सामान की लिस्ट बनाने को भी कहा गया है।
केसी अग्रवाल, अधीक्षक अभियंता, बिजली विभाग
सेक्टर में ऑनलाइन जमा होंगे बिजली के बिल
सेक्टर 13 व 23 के लोगों को एक बार फिर अब सेक्टर में ही बिजली बिल जमा कराने की सुविधा मिलने वाली है। सेक्टर के बाशिंदे अब ऑनलाइन बिल भर सकेंगे। संभवतया अगले महीने के बिल जनरेट होने से पहले यह सुविधा आरंभ जाएगी।
इस साल के शुरू में बिजली विभाग ने सेक्टर में बिल जमा कराने के लिए स्पेशल काउंटर स्थापित किया गया। लेकिन, कुछ समय बाद यह सुविधा बंद हो गई। सेक्टर के लोगों ने जिला प्रशासन से फिर से इस सुविधा को शुरू करने की मांग की है। विभाग के अधीक्षक अभियंता केसी अग्रवाल ने बताया कि सेक्टर में इस बार ऑनलाइन बिल भरने की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए मुख्यालय से जरूरी सामान आने के बाद यह सुविधा आरंभ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर के बाद शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसी सुविधा शुरू की जाएगी।
बदले जाएंगे दो हजार इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर
बिजली मीटर बदलने का मामला शहर में गरमाता जा रहा है। कई जगह लोग विरोध भी कर चुके हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं जब उनका मीटर सही-सलामत चल रहा है तो विभाग बदलने पर क्यों आमादा है। विभाग के अधीक्षक अभियंता ने स्पष्ट किया कि विभाग पुराने इलेक्ट्रो मैकेनिकल (काले रंग के मीटर) मीटर बदल रहा है। इलेक्ट्रो मैकेनिकल की जगह इलेक्ट्रिक मीटर लगाए जाने का बहुत पुराना निर्णय है। शहर में करीब दो हजार इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर हैं। ये सभी बदले जाएंगे।
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18 सितंबर को सिवानी मंडी में करंट लगने से पोते-बेटे समेत तीन की मौत के दर्दनाक हादसे के बाद बिजली विभाग ने शहर में अपनी बिजली संप्रेषण व्यवस्था का ओवर व्यू किया। विभाग की टीम ने एक-एक फीडर का मुआयना किया और कमियों को नोट किया। चौंकाने वाली बात सामने आई कि शहर के सभी 30 फीडर छोटी-बड़ी खामियों की वजह से अनसेफ हैं। चूंकि, इनमें से ज्यादातर फीडर शहर की घनी आबादी के बीच में हैं, इसलिए ये खामियां कभी भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। इन खामियों की जानकारी को विभाग ने गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को तुरंत खामियां दूर करने के लिए जरूरी उपकरण व सामान की लिस्ट तैयार करने को कहा गया है। बताया जाता है कि इस महीने के भीतर फीडरों की कमियों को दूर करने की हिदायत दी गई हैं।
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फीडरों में मिली ये कमियां
- लंबे स्पेन। एक खंभे से दूसरे खंभे के बीच ज्यादा दूरी। नए खंभे लगाकर यह दूरी कम की जा सकती है।
- ज्यादातर फीडरों पर जंपर रिप्लेसमेंट की दरकार।
- ढीले व जर्जर तार बदलने की जरूरत।
- कम ऊंचाई पर ट्रांसफार्मर।
- कम हाइट के खंभे खतरा बने हैं। कुछ समय पहले 7-8 मीटर उंचाई के खंभे लगाए जाते थे। जमीन का लेवल बढ़ने के बाद ये खंभे खतरनाक साबित होने लगे। 11 मीटर ऊंचाई के नए खंभे लगाने जरूरत।
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- शहर में लाइन के ऊपर लाइन व तारों का मकड़जाल। ऐसे कई प्वाइंट हैं, जहां लाइन के ऊपर लाइन क्रॉस कर रही हैं। एक्सएलपीई व एबी केबल लगाने की आवश्यकता।
शहर के सभी 30 फीडरों पर खतरनाक प्वाइंट की पहचान की गई है। अधिकारियों को इन कमियों को इस महीने के भीतर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरी सामान की लिस्ट बनाने को भी कहा गया है।
केसी अग्रवाल, अधीक्षक अभियंता, बिजली विभाग
सेक्टर में ऑनलाइन जमा होंगे बिजली के बिल
सेक्टर 13 व 23 के लोगों को एक बार फिर अब सेक्टर में ही बिजली बिल जमा कराने की सुविधा मिलने वाली है। सेक्टर के बाशिंदे अब ऑनलाइन बिल भर सकेंगे। संभवतया अगले महीने के बिल जनरेट होने से पहले यह सुविधा आरंभ जाएगी।
इस साल के शुरू में बिजली विभाग ने सेक्टर में बिल जमा कराने के लिए स्पेशल काउंटर स्थापित किया गया। लेकिन, कुछ समय बाद यह सुविधा बंद हो गई। सेक्टर के लोगों ने जिला प्रशासन से फिर से इस सुविधा को शुरू करने की मांग की है। विभाग के अधीक्षक अभियंता केसी अग्रवाल ने बताया कि सेक्टर में इस बार ऑनलाइन बिल भरने की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए मुख्यालय से जरूरी सामान आने के बाद यह सुविधा आरंभ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर के बाद शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसी सुविधा शुरू की जाएगी।
बदले जाएंगे दो हजार इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर
बिजली मीटर बदलने का मामला शहर में गरमाता जा रहा है। कई जगह लोग विरोध भी कर चुके हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं जब उनका मीटर सही-सलामत चल रहा है तो विभाग बदलने पर क्यों आमादा है। विभाग के अधीक्षक अभियंता ने स्पष्ट किया कि विभाग पुराने इलेक्ट्रो मैकेनिकल (काले रंग के मीटर) मीटर बदल रहा है। इलेक्ट्रो मैकेनिकल की जगह इलेक्ट्रिक मीटर लगाए जाने का बहुत पुराना निर्णय है। शहर में करीब दो हजार इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर हैं। ये सभी बदले जाएंगे।