{"_id":"62f2b3aca2932500a70157fa","slug":"bhiwani-news-bhiwani-news-hsr6388650144","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश और उमस से बढ़ा संक्रमण, वायरल के मरीज बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और उमस से बढ़ा संक्रमण, वायरल के मरीज बढ़े
विज्ञापन
04 फोटो नागरिक अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : Bhiwani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। गांव से लेकर शहर तक वायरल फीवर पैर पसार चुका है। बारिश, उमस के साथ सुबह और शाम का कम तापमान बच्चों से लेकर बुजुर्गों को बीमार कर रहा है। खांसी, वायरल बुखार, डायरिया और टाइफाइड के मरीज दिन-ब दिन बढ़ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को फिजिशियन कक्ष में करीब 180 और शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में करीब 170 मरीज पहुंचे। इसमें 250 मरीज वायरल बुखार, सर्दी व खांसी से संक्रमित थे। बाकी मरीज डायरिया, पेट दर्द से पीड़ित थे, जबकि 25 से 30 बच्चों को शिशु वार्ड में दाखिल किया है।
चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे मौसम में खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। एक सप्ताह से ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसका कारण मौसम में परिवर्तन है। लोगों को अपने खानपान का ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
वायरल बुखार के लक्षण
- नाक बहना और आंखों से पानी गिरना
- हल्का व तेज बुखार आना
- शरीर व जोड़ों में दर्द होना
- सिर में दर्द होना
बचाव के उपाय
- ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें, बासी खाना न खाएं।
- चिकित्सक की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।
- यदि किसी व्यक्ति को खांसी या जुकाम है तो उससे दूरी बनाकर रखें।
- खांसी-जुकाम होने पर गुनगुने पानी का सेवन करें और मास्क जरूर पहनें।
- बुखार के लक्षण हों तो तत्काल जांच कराएं।
बच्चों का रखें विशेष ध्यान
दिन में तो मौसम गर्म होता है। सुबह और रात को मौसम बदल जाता है। ऐसे में पूरे कपड़े पहने। ठंडी चीजों के सेवन से परहेज रखें। मौसम परिवर्तन के कारण बच्चों को पानी उबाल कर या फिल्टर कर पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें, जिससे उनको सर्दी, जुकाम व खांसी से बचाया जा सके।
- डॉ. रिटा सिसोदिया, शिशु रोग विशेषज्ञ,
जिला नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को फिजिशियन कक्ष में करीब 180 और शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में करीब 170 मरीज पहुंचे। इसमें 250 मरीज वायरल बुखार, सर्दी व खांसी से संक्रमित थे। बाकी मरीज डायरिया, पेट दर्द से पीड़ित थे, जबकि 25 से 30 बच्चों को शिशु वार्ड में दाखिल किया है।
विज्ञापन
चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे मौसम में खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। एक सप्ताह से ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसका कारण मौसम में परिवर्तन है। लोगों को अपने खानपान का ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
वायरल बुखार के लक्षण
- नाक बहना और आंखों से पानी गिरना
- हल्का व तेज बुखार आना
- शरीर व जोड़ों में दर्द होना
- सिर में दर्द होना
बचाव के उपाय
- ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें, बासी खाना न खाएं।
- चिकित्सक की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।
- यदि किसी व्यक्ति को खांसी या जुकाम है तो उससे दूरी बनाकर रखें।
- खांसी-जुकाम होने पर गुनगुने पानी का सेवन करें और मास्क जरूर पहनें।
- बुखार के लक्षण हों तो तत्काल जांच कराएं।
बच्चों का रखें विशेष ध्यान
दिन में तो मौसम गर्म होता है। सुबह और रात को मौसम बदल जाता है। ऐसे में पूरे कपड़े पहने। ठंडी चीजों के सेवन से परहेज रखें। मौसम परिवर्तन के कारण बच्चों को पानी उबाल कर या फिल्टर कर पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें, जिससे उनको सर्दी, जुकाम व खांसी से बचाया जा सके।
- डॉ. रिटा सिसोदिया, शिशु रोग विशेषज्ञ,
जिला नागरिक अस्पताल।