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कचरे के ढेरों से आखिर शहर को कब मिलेगी आजादी
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भिवानी। शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर के दिनोद रोड लाइनपार की 40 हजार की आबादी के लिए एक भी सफाई कर्मी नहीं हैं। वहीं शहर में सार्वजनिक स्थलों को भी डंपिंग प्वाइंट बना दिया गया है। खुद सफाई कर्मचारी यहां खुले में कूड़ा डाल सफाई व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कई वार्डों में सफाई नहीं हो रही है, पार्षद भी गुहार लगा रहे हैं। शहर में कूड़ा उठान के लिए 16 टिपर ऑटो को पिछले डेढ़ साल से चालकों का इंतजार है।
भिवानी नगर परिषद के कंधों पर शहर के 31 वार्डों की साफ-सफाई का जिम्मा है। नगर परिषद में करीब 190 नियमित व कुछ अनुबंधित सफाई कर्मचारी हैं, जबकि शहर की आबादी करीब पौने तीन लाख है। ऐसे में कई हिस्से तो ऐसे हैं, जहां सफाई कर्मचारी ही नहीं हैं। शहर का कुछ हिस्सा सफाई ठेकेदारों के भरोसे है, क्योंकि सरकुलर रोड से बाहर की कुछ कॉलोनियों में सफाई ठेके से हो रही है। शहर के किरोड़ीमल पार्क में काफी दूर-दूर तक खुले में कचरा फैला पड़ा है। नगर परिषद का यहां कोई कचरा प्वाइंट भी नहीं हैं, लेकिन फिर भी आसपास के इलाके से सूखा और गीला कचरा लाकर खुद सफाई कर्मचारी ही यहां डंप कर रहे हैं। जिसकी वजह से न केवल यहां बने ऑक्सीजन पार्क की व्यवस्था बिगड़ गई है, बल्कि आसपास का वातावरण भी दुर्गंध से खराब हो रहा है। यहां रहने वाले भी खुले में डाले जा रहे कचरे से काफी परेशान हैं। वहीं शहर रोहतक रोड स्थित मिनी बाईपास मोड़ पर भी खुले में कचरा डाला गया है। यहां कोई भी अधिकृत डंपिंग प्वाइंट नहीं है। मगर दूर तक फैला कचरा शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
हमारे यहां नहीं आता कई सालों से कोई सफाई कर्मचारी
दिनोद रोड वासी अनिल कुमार, राजकुमार, सोनू, दीपक, महेश, रमेश कुमार का कहना है कि हमारी कॉलोनी में कोई भी सफाई कर्मचारी पिछले कई सालों से नहीं आ रहे हैं। नगर परिषद से भी कई बार यहां की साफ-सफाई और कूड़ा उठान को लेकर गुहार लगाई जा चुकी है। लोग खाली जगहों पर कूड़ा डाल रहे हैं, जिसकी वजह से यहां काफी गंदगी फैली हुई है। कूड़ा उठान को लेकर भी यहां पर कोई व्यवस्था नहीं है।
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नप बनाने में जुटी है कचरा उठान का प्लान
नगर परिषद भी शहर के सभी वार्डों से कचरा उठान को लेकर प्लान बनाने में जुटी है। इसके लिए हैदराबाद की एक एजेंसी को ठेका दिया गया है। नप की नई कार्यकारिणी की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा होगी। जिसमें पार्षद अपने सुझाव भी नप अधिकारियों से साझा करेंगे। लेकिन फिलहाल खुले में फैला कूड़ा लोगों के साथ साथ नप अधिकारियों के लिए भी परेशानी बना है।
शहर से निकल रहा है रोजाना 40 टन कचरा
पूरे शहर से रोजाना करीब 40 टन सूखा और गीला कचरा निकल रहा है। इस कचरे को शहर से बाहर दादरी रोड पर डंपिंग प्वाइंट पर डाला जा रहा है। शहर के कुछ वार्डों में डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर टिपर ऑटो भी लगे हैं। इसके अलावा शहर में 25 से अधिक कचरा प्वाइंट भी निर्धारित किए हुए हैं, जहां से रोजाना कूड़ा उठाकर डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाया जा रहा है।
शहर में लाइन पार की करीब 40 हजार की आबादी के लिए कोई सफाई कर्मी नहीं है। वहां कचरे का उठान भी नहीं हो रहा जबकि चार से पांच वार्ड है। यहां लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हम भी मांग उठा चुके हैं मगर अभी तक सफाई व्यवस्था बदहाल है। नए आए 16 टिपर ऑटो डेढ़ साल बाद भी चालकों के अभाव में खड़े हैं।
-शिव कुमार गोठवाल, पार्षद
शहर में जल्द ही बेहतर सफाई व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जहां जरूरी होगा वहां सफाई का ठेका दिया जाएगा और बाकी नप के नियमित व कच्चे कर्मचारियों से सफाई करवाई जाएगी।
-भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि
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भिवानी नगर परिषद के कंधों पर शहर के 31 वार्डों की साफ-सफाई का जिम्मा है। नगर परिषद में करीब 190 नियमित व कुछ अनुबंधित सफाई कर्मचारी हैं, जबकि शहर की आबादी करीब पौने तीन लाख है। ऐसे में कई हिस्से तो ऐसे हैं, जहां सफाई कर्मचारी ही नहीं हैं। शहर का कुछ हिस्सा सफाई ठेकेदारों के भरोसे है, क्योंकि सरकुलर रोड से बाहर की कुछ कॉलोनियों में सफाई ठेके से हो रही है। शहर के किरोड़ीमल पार्क में काफी दूर-दूर तक खुले में कचरा फैला पड़ा है। नगर परिषद का यहां कोई कचरा प्वाइंट भी नहीं हैं, लेकिन फिर भी आसपास के इलाके से सूखा और गीला कचरा लाकर खुद सफाई कर्मचारी ही यहां डंप कर रहे हैं। जिसकी वजह से न केवल यहां बने ऑक्सीजन पार्क की व्यवस्था बिगड़ गई है, बल्कि आसपास का वातावरण भी दुर्गंध से खराब हो रहा है। यहां रहने वाले भी खुले में डाले जा रहे कचरे से काफी परेशान हैं। वहीं शहर रोहतक रोड स्थित मिनी बाईपास मोड़ पर भी खुले में कचरा डाला गया है। यहां कोई भी अधिकृत डंपिंग प्वाइंट नहीं है। मगर दूर तक फैला कचरा शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
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हमारे यहां नहीं आता कई सालों से कोई सफाई कर्मचारी
दिनोद रोड वासी अनिल कुमार, राजकुमार, सोनू, दीपक, महेश, रमेश कुमार का कहना है कि हमारी कॉलोनी में कोई भी सफाई कर्मचारी पिछले कई सालों से नहीं आ रहे हैं। नगर परिषद से भी कई बार यहां की साफ-सफाई और कूड़ा उठान को लेकर गुहार लगाई जा चुकी है। लोग खाली जगहों पर कूड़ा डाल रहे हैं, जिसकी वजह से यहां काफी गंदगी फैली हुई है। कूड़ा उठान को लेकर भी यहां पर कोई व्यवस्था नहीं है।
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नप बनाने में जुटी है कचरा उठान का प्लान
नगर परिषद भी शहर के सभी वार्डों से कचरा उठान को लेकर प्लान बनाने में जुटी है। इसके लिए हैदराबाद की एक एजेंसी को ठेका दिया गया है। नप की नई कार्यकारिणी की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा होगी। जिसमें पार्षद अपने सुझाव भी नप अधिकारियों से साझा करेंगे। लेकिन फिलहाल खुले में फैला कूड़ा लोगों के साथ साथ नप अधिकारियों के लिए भी परेशानी बना है।
शहर से निकल रहा है रोजाना 40 टन कचरा
पूरे शहर से रोजाना करीब 40 टन सूखा और गीला कचरा निकल रहा है। इस कचरे को शहर से बाहर दादरी रोड पर डंपिंग प्वाइंट पर डाला जा रहा है। शहर के कुछ वार्डों में डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर टिपर ऑटो भी लगे हैं। इसके अलावा शहर में 25 से अधिक कचरा प्वाइंट भी निर्धारित किए हुए हैं, जहां से रोजाना कूड़ा उठाकर डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाया जा रहा है।
शहर में लाइन पार की करीब 40 हजार की आबादी के लिए कोई सफाई कर्मी नहीं है। वहां कचरे का उठान भी नहीं हो रहा जबकि चार से पांच वार्ड है। यहां लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हम भी मांग उठा चुके हैं मगर अभी तक सफाई व्यवस्था बदहाल है। नए आए 16 टिपर ऑटो डेढ़ साल बाद भी चालकों के अभाव में खड़े हैं।
-शिव कुमार गोठवाल, पार्षद
शहर में जल्द ही बेहतर सफाई व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जहां जरूरी होगा वहां सफाई का ठेका दिया जाएगा और बाकी नप के नियमित व कच्चे कर्मचारियों से सफाई करवाई जाएगी।
-भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि