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Bhiwani Nagar Parishad Ghotala : सवा माह से मेडिकल आधार पर जेल से बाहर निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह की जमानत याचिका खारिज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2022 12:51 AM IST
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Bhiwani Nagar Parishad Ghotala : Ransingh yadav's bail petition reject by district court
भिवानी। नगर परिषद में फर्जी चेक घोटाले में मुख्य आरोपी निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव की मंगलवार को जिला कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। दरअसल रणसिंह यादव पिछले करीब सवा माह से मेडिकल आधार पर जेल से बाहर हैं। उन्होंने जेल में जाने से बचने के लिए जिला कोर्ट में मेडिकल आधार पर बेल मांगी थी, जो जिला कोर्ट ने खारिज कर दी है। अब उन्हें जेल जाना होगा। न्यायालय ने रणसिंह यादव को खुद कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था। इसके बाद उनकी जमानत याचिका को न्यायालय ने ठुकरा दिया।
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वहीं, इस मामले में शिकायतकर्ता सुशील वर्मा ने बताया कि फर्जी चेक घोटाले के अलावा निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव फर्जी रसीद घोटाले और नप भूमि घोटाले में भी मुख्य आरोपी है। बावजूद इसके पुलिस उन्हें अब तक न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ से बच रही है। पुलिस को चाहिए कि जेल जाने से बच रहे रणसिंह यादव को न्यायालय से रसीद और भूमि घोटाले में प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ के बाद ज्यादा से ज्यादा रिकवरी करनी चाहिए। दसअसल नगर परिषद घोटालों में निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव के अलावा निवर्तमान उपाध्यक्ष मामनचंद के अलावा दो अकाउंटेंट व अन्य की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार किए जाने के बाद रणसिंह यादव को करीब सवा माह पहले मेडिकल आधार पर जेल से बाहर नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। अब रणसिंह यादव ने जेल जाने से बचने के लिए न्यायालय में जमानत याचिका लगा दी। इस पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसे ठुकरा दिया, जिसके बाद अब रणसिंह यादव को जेल में फिर से ले जाया जाएगा।
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जेल अधीक्षक व सीएमओ को भी दी थी शिकायत
फर्जी रसीद घोटाले और नप भूमि घोटाले के शिकायतकर्ता सुशील वर्मा ने बताया कि उन्होंने पिछले सवा माह से अधिक समय से मेडिकल आधार पर जेल से बाहर आए रणसिंह यादव के खिलाफ जेल अधीक्षक और भिवानी के सिविल सर्जन को भी शिकायत दी थी। रणसिंह यादव फिट होने के बावजूद मेडिकल आधार पर बेल पाने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं, ताकि जेल जाने से बच सकें। उन्होंने कहा कि रणसिंह यादव पर नप घोटाले में तीन एफआईआर दर्ज हैं मगर अभी तक केवल एक एफआईआर पर ही पुलिस ने उससे पूछताछ की है। उसकी मांग है कि रसीद और भूमि घोटाले में भी रणसिंह यादव व अन्य से पूछताछ कर जल्द से जल्द सरकारी संपत्ति की रिकवरी कराई जाए।
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