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नियमों के फेर में बिड़ौला स्कूल नहीं हुआ अपग्रेड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jun 2017 12:45 AM IST
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गांव बिड़ौला में स्थित राजकीय उच्च विद्यालय नियमों पर खरा नहीं उतरने के कारण अपग्रेड नहीं हो पाया है। अब नियमों पर खरा उतरने व नौंवी, दसवीं में छात्र संख्या 150 पूरा करने के लिए छात्राओं ने घर-घर भी दस्तक दी है। वहीं पंचायत भी इसके लिए प्रयासरत है।
राजकीय उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग को लेकर 22 मई को सुबह स्कूल को ताला जड़ दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि छात्राओं को बारहवीं के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। गांव में परिवहन व्यवस्था का अभाव होने के कारण छात्राओं को स्कूल जाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। मौके पर पहुंचे डीईओ सुरेश शर्मा ने छात्र छात्राओं को समझाते हुए कहा था कि स्कूल को अपग्रेड करने के लिए नॉर्मस पूरे करने पड़ते हैं। नॉर्मस में नौंवीं, 10वीं कक्षा में 150 बच्चे होने चाहिएं जबकि आपके स्कूल में मात्र 51 बच्चे हैं। शर्मा ने कहा कि स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाओ उसके बाद स्कूल अपग्रेड करने के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। जिस पर ग्रामीण मान गए और धरना खत्म कर दिया था।
प्रदेशभर में अपग्रेड किए गए स्कूलों की सूची में बिड़ौला का स्कूल शामिल नहीं हो पाया है। इसलिए छात्र संख्या बढ़ाने के लिए स्कूली छात्राएं डोर-टू-डोर पहुंचकर ग्रामीणों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजने के लिए जागरूक किया। छात्र नेता सुनील ने बताया कि स्कूल में अगले सत्र तक संख्या बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। परिवहन व्यवस्था के हालातों को मद्देनजर रखते हुए सरकार को भी नॉर्म्स में छूट देनी चाहिए। सरपंच रणधीर ने बताया कि गांव में पंचायत कर इस बाबत चर्चा की जाएगी।
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राजकीय उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग को लेकर 22 मई को सुबह स्कूल को ताला जड़ दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि छात्राओं को बारहवीं के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। गांव में परिवहन व्यवस्था का अभाव होने के कारण छात्राओं को स्कूल जाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। मौके पर पहुंचे डीईओ सुरेश शर्मा ने छात्र छात्राओं को समझाते हुए कहा था कि स्कूल को अपग्रेड करने के लिए नॉर्मस पूरे करने पड़ते हैं। नॉर्मस में नौंवीं, 10वीं कक्षा में 150 बच्चे होने चाहिएं जबकि आपके स्कूल में मात्र 51 बच्चे हैं। शर्मा ने कहा कि स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाओ उसके बाद स्कूल अपग्रेड करने के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। जिस पर ग्रामीण मान गए और धरना खत्म कर दिया था।
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प्रदेशभर में अपग्रेड किए गए स्कूलों की सूची में बिड़ौला का स्कूल शामिल नहीं हो पाया है। इसलिए छात्र संख्या बढ़ाने के लिए स्कूली छात्राएं डोर-टू-डोर पहुंचकर ग्रामीणों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजने के लिए जागरूक किया। छात्र नेता सुनील ने बताया कि स्कूल में अगले सत्र तक संख्या बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। परिवहन व्यवस्था के हालातों को मद्देनजर रखते हुए सरकार को भी नॉर्म्स में छूट देनी चाहिए। सरपंच रणधीर ने बताया कि गांव में पंचायत कर इस बाबत चर्चा की जाएगी।
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