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रिश्तेदार बनकर धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों से सतर्क रहें : वरुण सिंगला
Mon, 06 May 2024 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 06 May 2024 02:29 AM IST
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भिवानी। रिश्तेदार बनकर धोखाधड़ी करने के मामले में शातिर दिमाग अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं, इस तरह के मामलों में धोखेबाजी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि रिश्तेदारों का रूप धारण करना साइबर अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली एक प्रमुख विधि है। इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहें। जहां अपराधी, रिश्तेदार या दोस्त बनकर, पीड़ितों को धन वापसी के नाम पर धोखाधड़ी वाले लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। ये लिंक पीड़ितों को उनका पासवर्ड दर्ज करने के लिए उकसाते हैं। ऐसे में जागरुकता ही बचाव का मुख्य जरिया है।
अपनी सुरक्षा कैसे करें
किसी भी कार्रवाई से पहले प्रेषक की पहचान को सत्यापित करें। तत्काल अनुरोधों के प्रति सावधानी बरतें और कभी भी ईमेल या टेक्स्ट में दिए गए लिंक के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। लिंक की प्रामाणिकता की जांच करें, नवीनतम सुरक्षा सॉफ्टवेयर का उपयोग करें जिसमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हो और इन धोखाधड़ी तकनीकों के बारे में अपने दोस्तों और परिवार को जागरूक करें।
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साइबर सुरक्षा की ‘टिप ऑफ द डे’: रिश्तेदार बनकर धोखाधड़ी से सुरक्षा
धोखाधड़ी से बचाव के लिए इन सुझावों का पालन करें:
- प्रेषक को सत्यापित करें: किसी भी कार्रवाई से पहले सहायता मांगने वाले व्यक्ति से सीधे संपर्क करें और उनकी पहचान की पुष्टि करें।
- तत्काल अनुरोधों के प्रति संदेही रहें: धोखेबाज अक्सर तत्काल कार्रवाई के लिए जल्दबाजी की भावना उत्पन्न करते हैं। अनुरोध की वैधता की जांच करने के लिए समय लें।
- कभी भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: ईमेल या टेक्स्ट संदेश के माध्यम से भेजे गए लिंक के माध्यम से ओटीपी, पिन या किसी भी संवेदनशील जानकारी को दर्ज न करें।
- लिंक की सावधानीपूर्वक जांच करें: जो लिंक्स अपेक्षित डोमेन से मेल नहीं खाते या यादृच्छिक अक्षरों की शृंखला प्रतीत होते हैं, उनसे सावधान रहें।
-किसी रिश्तेदार के रूप में धोखा हो, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें या cybercrime.gov.in पर जाएं, और अपने परिवार और दोस्तों को भी इस धोखाधड़ी के बारे में सूचित करें।
साइबर अपराधी नित नए तौर तरीकों को अपना रहे हैं, इस तरह के मामलों में आम आदमी ही नहीं बल्कि अच्छे पढ़े लिखे व्यक्ति भी झांसे में आ रहे हैं। सुरक्षित रहें सचेत रहें, आपकी साइबर सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में तत्काल सहायता के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं। साइबर ठगी संबंधी मामलों की पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ऐसे लोगों को समय रहते पकड़ा जा सके।
-वरुण सिंगला, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।
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पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि रिश्तेदारों का रूप धारण करना साइबर अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली एक प्रमुख विधि है। इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहें। जहां अपराधी, रिश्तेदार या दोस्त बनकर, पीड़ितों को धन वापसी के नाम पर धोखाधड़ी वाले लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। ये लिंक पीड़ितों को उनका पासवर्ड दर्ज करने के लिए उकसाते हैं। ऐसे में जागरुकता ही बचाव का मुख्य जरिया है।
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अपनी सुरक्षा कैसे करें
किसी भी कार्रवाई से पहले प्रेषक की पहचान को सत्यापित करें। तत्काल अनुरोधों के प्रति सावधानी बरतें और कभी भी ईमेल या टेक्स्ट में दिए गए लिंक के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। लिंक की प्रामाणिकता की जांच करें, नवीनतम सुरक्षा सॉफ्टवेयर का उपयोग करें जिसमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हो और इन धोखाधड़ी तकनीकों के बारे में अपने दोस्तों और परिवार को जागरूक करें।
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साइबर सुरक्षा की ‘टिप ऑफ द डे’: रिश्तेदार बनकर धोखाधड़ी से सुरक्षा
धोखाधड़ी से बचाव के लिए इन सुझावों का पालन करें:
- प्रेषक को सत्यापित करें: किसी भी कार्रवाई से पहले सहायता मांगने वाले व्यक्ति से सीधे संपर्क करें और उनकी पहचान की पुष्टि करें।
- तत्काल अनुरोधों के प्रति संदेही रहें: धोखेबाज अक्सर तत्काल कार्रवाई के लिए जल्दबाजी की भावना उत्पन्न करते हैं। अनुरोध की वैधता की जांच करने के लिए समय लें।
- कभी भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: ईमेल या टेक्स्ट संदेश के माध्यम से भेजे गए लिंक के माध्यम से ओटीपी, पिन या किसी भी संवेदनशील जानकारी को दर्ज न करें।
- लिंक की सावधानीपूर्वक जांच करें: जो लिंक्स अपेक्षित डोमेन से मेल नहीं खाते या यादृच्छिक अक्षरों की शृंखला प्रतीत होते हैं, उनसे सावधान रहें।
-किसी रिश्तेदार के रूप में धोखा हो, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें या cybercrime.gov.in पर जाएं, और अपने परिवार और दोस्तों को भी इस धोखाधड़ी के बारे में सूचित करें।
साइबर अपराधी नित नए तौर तरीकों को अपना रहे हैं, इस तरह के मामलों में आम आदमी ही नहीं बल्कि अच्छे पढ़े लिखे व्यक्ति भी झांसे में आ रहे हैं। सुरक्षित रहें सचेत रहें, आपकी साइबर सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में तत्काल सहायता के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं। साइबर ठगी संबंधी मामलों की पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ऐसे लोगों को समय रहते पकड़ा जा सके।
-वरुण सिंगला, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।