फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Bad conditions in Finance Minister JP Dalal's native village, no arrangement for cleanliness

Bhiwani News: वित्त मंत्री जेपी दलाल के पैतृक गांव में बुरे हालात, सफाई की व्यवस्था तक नहीं

Wed, 15 May 2024 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 15 May 2024 01:04 AM IST
विज्ञापन
Bad conditions in Finance Minister JP Dalal's native village, no arrangement for cleanliness
भिवानी। जिला मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर दूर स्थित गांव घुसकानी प्रदेश के वीआईपी गांवों में शामिल है, क्योंकि यह गांव प्रदेश के वित्त मंत्री जयप्रकाश दलाल का पैतृक गांव है। गांव में सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। गांव के मुख्य बस स्टैंड के पास ही गंदगी के ढेर लगे हैं। साढ़े चार हजार की जनसंख्या वाले गांव में सिर्फ एक ही सफाई कर्मचारी है। गर्मियों में पीने के पानी का संकट बना रहता है।
विज्ञापन

पांच सालों के दौरान क्षेत्र के सांसद ने गांव में कभी दर्शन ही नहीं दिए। विधायक ने भी कभी-कभार ही गांव का दौरा किया। गांव में जो भी विकास कार्य हुए हैं, वह केवल प्रदेश के वित्त मंत्री के कारण की संभव हो पाए हैं। गांव के युवाओं का रुझान सरकारी नौकरी की तरफ न होकर विदेशों में जाने का ज्यादा है।
विज्ञापन

चौपाल में ताशों की बाजी लगाते हुए बुजुर्ग चुनावी चर्चा करते हुए कहते हैं कि म्हारे गांव के छोरे न प्रदेश के खजाने की चाबी संभाल के प्रदेश की तरक्की में चार चांद लगा दिए। पर सरकार ने गाम की तरक्की खातर कुछ नी करया। जितणे भी काम होए गाम म जयप्रकाश क कारण ही होए।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हमारे सांसद ने कभी दर्शन भी नहीं दिए। ग्रामीण शमशेर, मामन, नरेंद्र, रविंद्र ने कहा कि जयप्रकाश दलाल ने लोहारू से विधायक होते हुए भी गांव में काफी काम करवाए हैं। करीब 2600 वोटों की संख्या वाले गांव घुसकानी में गंदे पानी की निकासी के कोई प्रबंध नहीं है। गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। मुख्य बस स्टैंड के पास गोबर गंदगी के ढेर लगे हुए है।
खास बात यह है कि साढ़े चार हजार की जनसंख्या वाले गांव में एक ही सफाई कर्मचारी है। पूरे गांव की सफाई का जिम्मा एक ही कर्मचारी पर निर्भर है। गर्मियों के समय में नहरी पानी की किल्लत बनी रहती है। गर्मियों में तो पांच से दस दिन के अंतराल में गांव में पानी की सप्लाई आती है। बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव में दसवीं तक का ही स्कूल है। गांव के पीएचसी भवन के लिए टेंडर हुआ है। लेकिन फिलहाल पुराने खंडहर भवन में पीएचसी चलाई जा रही है। हालांकि प्रदेश के वित्त मंत्री का गांव होने के कारण गांव में जितने भी विकास के कार्य हुए हैं। वह सभी मंत्री के कारण ही हुए है। चाहे वह गांव के श्मशान घाट के जीर्णोद्धार का कार्य हो या फिर गांव में सरकारी स्कूल के नए भवन का निर्माण कार्य हो। घुसकानी से धनाना गांव की सीमा तक करीब साढे तीन किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग का कार्य भी वित्त मंत्री ने ही करवाया है। खेतों के रास्तों को पक्का करवाने का एस्टीमेट तैयार किया गया है। जिसे चुनाव के बाद आरंभ किया जाएगा।
गांव में सफाई व्यवस्था की समस्या सबसे बड़ी है। गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले सफाई न होने के कारण गंदगी से अटे पड़े है। काफी बार नालियां ओवरफ्लो होकर गंदा पानी गलियों में फैला रहता है। बस स्टैंड के पास ही गोबर की गंदगी के ढेर लगे होने के कारण राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
- नरेंद्र, ग्रामीण
गर्मियों में ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या से गुजरना पड़ता है। हर साल गर्मियों में नहरी पानी की समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर बंद होने के बाद तो यह समस्या ओर भी गहरा जाती है। इसके कारण पांच से दस दिनों के अंतराल में गांव में नहरी पानी की सप्लाई दी जाती है।
- रविंद्र, ग्रामीण
गांव में सांसद ने कभी दर्शन नहीं दिए। कभी कभार ही विधायक भी गांव में आया है। गांव के जितने भी विकास कार्य हुए हैं। वह सभी वित्त मंत्री के कारण ही संभव हो पाए हैं। इस बार भी वोट मांगने के लिए विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशी गांव में आ रहे हैं। लेकिन वोट उसे ही देंगे जो गांव में विकास कार्य करवाने की गांरटी देगा।

- मामन, ग्रामीण।
दस सालों में गांव में कोई बड़ी परियोजना तो नहीं आई है। लेकिन विकास के मामले में वित्त मंत्री ने गांव में काफी कार्य करवाए हैं। गांव में एक ही सफाई कर्मचारी होने के कारण सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। नहरी पानी कम आने के कारण ही गर्मियों के समय पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। खेतों के रास्तों को पक्का करने का एस्टीमेट तैयार किया गया है। चुनाव के बाद कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- सुनीता, सरपंच गांव घुसकानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article