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Bhiwani News: आठ व नौ मार्च विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
Wed, 01 Mar 2023 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 01 Mar 2023 10:45 PM IST
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तोशाम। मार्च माह में शुभ विवाह के लिए केवल आठ व नौ मार्च का ही मुहूर्त हैं। अगले माह में शादी के लिए केवल एक दिन, अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त है। 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, जिस दिन अबूझ मुहूर्त होता है। उस दिन आप विवाह या कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं।
श्रीकांत शास्त्री दुल्हेड़ी वाले ने बताया कि मार्च माह में शास्त्रों के अनुसार शादी के शुभ मुहूर्त दो दिन आठ व नौ मार्च को ही हैं।
श्रीकांत के अनुसार मार्च में 8 व 9, मई में 2, 3, 10, 11, 12, 16, 20, 21, 22, 27, 29 व 30, जून में 3, 5, 6, 7, 8, 11, 12, 13, 23, 25, नवंबर माह में 25, 27, 28, 29 और दिसंबर में 4, 6, 7, 8, 15 को शुभ मुहूर्त है। श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि इनके अलावा पांच अनसूझे मुहूर्त भी हैं। इसमें विवाह करना शुभ और कल्याणकारी रहेगा। हर साल में कुल पांच स्वयं सिद्ध मुहूर्त होते हैं। इनमें फुलेरा दौज, देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी, विजयदशमी और अक्षय तृतीया शामिल हैं। इन पांच दिनों में मुहूर्त न होते हुए भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। ये दिवस अपने आप में ही सिद्ध मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इस साल में 26 जनवरी वसंत पंचमी, 21 फरवरी फुलेरा दौज, 22 अप्रैल अक्षय तृतीया, 27 जून नवमी और 23 नवंबर देवउठनी एकादशी है।
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श्रीकांत शास्त्री दुल्हेड़ी वाले ने बताया कि मार्च माह में शास्त्रों के अनुसार शादी के शुभ मुहूर्त दो दिन आठ व नौ मार्च को ही हैं।
श्रीकांत के अनुसार मार्च में 8 व 9, मई में 2, 3, 10, 11, 12, 16, 20, 21, 22, 27, 29 व 30, जून में 3, 5, 6, 7, 8, 11, 12, 13, 23, 25, नवंबर माह में 25, 27, 28, 29 और दिसंबर में 4, 6, 7, 8, 15 को शुभ मुहूर्त है। श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि इनके अलावा पांच अनसूझे मुहूर्त भी हैं। इसमें विवाह करना शुभ और कल्याणकारी रहेगा। हर साल में कुल पांच स्वयं सिद्ध मुहूर्त होते हैं। इनमें फुलेरा दौज, देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी, विजयदशमी और अक्षय तृतीया शामिल हैं। इन पांच दिनों में मुहूर्त न होते हुए भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। ये दिवस अपने आप में ही सिद्ध मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इस साल में 26 जनवरी वसंत पंचमी, 21 फरवरी फुलेरा दौज, 22 अप्रैल अक्षय तृतीया, 27 जून नवमी और 23 नवंबर देवउठनी एकादशी है।
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