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Bhiwani News: ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र से 48,311 वोटों से जीते अशोक
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अशोक सिंघल
ढिगावामंडी। गांव नकीपुर की मिट्टी से जुड़े भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंघल ने असम के ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र से 48,311 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज कर ऐतिहासिक विजय हासिल की। उनकी जीत की खबर मिलते ही पैतृक गांव नकीपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने मिठाइयां बांटकर व ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
अशोक सिंघल ने हरियाणा के एक साधारण परिवार से निकलकर असम को अपनी कर्मभूमि बनाया और जनसेवा, संगठन क्षमता तथा जनता के बीच सक्रियता के बल पर मजबूत राजनीतिक पहचान स्थापित की।
वर्षों से सामाजिक सरोकारों और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहे सिंघल ने अपनी मेहनत, सादगी और नेतृत्व क्षमता के दम पर लोगों का विश्वास जीता।
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ग्रामीणों का कहना है कि उनकी यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है कि छोटे गांव से निकलकर भी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। गांव के बुजुर्गों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया जबकि युवाओं ने इसे नई पीढ़ी के लिए उत्साहवर्धक उपलब्धि माना।
ग्रामीणों ने कहा कि अशोक सिंघल की इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि जड़ों से जुड़े लोग अपने संस्कार और कर्मठता के दम पर नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
उन्होंने उनकी सफलता पर गर्व जताते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी जनसेवा के नए आयाम स्थापित करेंगे। अशोक सिंघल का गांव नकीपुर से गहरा जुड़ाव बना हुआ है। उनका परिवार भले ही असम में रहता है लेकिन गांव की परंपराओं और आस्था से उनका संबंध कायम है और वे गांव के सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में समय-समय पर शामिल होते रहते हैं।
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अशोक सिंघल ने हरियाणा के एक साधारण परिवार से निकलकर असम को अपनी कर्मभूमि बनाया और जनसेवा, संगठन क्षमता तथा जनता के बीच सक्रियता के बल पर मजबूत राजनीतिक पहचान स्थापित की।
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वर्षों से सामाजिक सरोकारों और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहे सिंघल ने अपनी मेहनत, सादगी और नेतृत्व क्षमता के दम पर लोगों का विश्वास जीता।
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ग्रामीणों का कहना है कि उनकी यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है कि छोटे गांव से निकलकर भी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। गांव के बुजुर्गों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया जबकि युवाओं ने इसे नई पीढ़ी के लिए उत्साहवर्धक उपलब्धि माना।
ग्रामीणों ने कहा कि अशोक सिंघल की इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि जड़ों से जुड़े लोग अपने संस्कार और कर्मठता के दम पर नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
उन्होंने उनकी सफलता पर गर्व जताते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी जनसेवा के नए आयाम स्थापित करेंगे। अशोक सिंघल का गांव नकीपुर से गहरा जुड़ाव बना हुआ है। उनका परिवार भले ही असम में रहता है लेकिन गांव की परंपराओं और आस्था से उनका संबंध कायम है और वे गांव के सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में समय-समय पर शामिल होते रहते हैं।