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पिता से सुनहरे मेडल का वादा कर अरुणा ने भरी टोक्यो के लिए उड़ान
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दिल्ली एयरपोर्ट पर पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी अरुणा तंवर के साथ नेशनल कोच स्वराज सिंह व सुखदेव। सं?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। टोक्या पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए ताइक्वांडो खिलाड़ी अरुणा तंवर ने पिता से सुनहरा पदक लाने का वादा कर शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट से टोक्यो के लिए उड़ान भरी। अरुणा को रवाना करने के लिए उसके परिजन, कोच और खेलप्रेमी भी दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर पहुंचे। 21 वर्षीय अरुणा तंवर 49 किलोभार वर्ग में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी हैं और इसी आधार पर उनका पैरालंपिक में चयन हुआ है।
टोक्यो के लिए उड़ान भरने से पहले अरुणा ने वीरवार को अपने कोच और फेडरेशन के साथ ऑनलाइन वार्ता भी की। इसके बाद शुक्रवार सुबह अपने गांव दिनोद पहुंचकर बाबा धूणी वाला के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उसने अपने पिता नरेश, माता सोनिया सहित परिजनों का आशीर्वाद लिया। उसके भाई सुनील, साहिल और रोहित उसे स्वर्ण पदक के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए हौसला बढ़ाया। पिता नरेश के गले लगकर अरुणा ने स्वर्ण पदक का वादा किया है। इस पर उसके पिता भावुक हो गए और बेटी को बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने को कहा है। अरुणा तंवर ने बातचीत के दौरान बताया कि वह मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश के लिए पदक लेकर लौटेंगी। परिजनों, कोच और शुभचिंतकों का आशीर्वाद इस चुनौती को पार करने में मदद करेगा।
टोक्यो पहुंचने के बाद तीन दिन रहेंगी क्वारंटीन
अरुणा तंवर शुक्रवार शाम छह बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से रवाना हुई है, जोकि शनिवार सुबह पांच बजकर 55 मिनट पर टोक्यो पहुंचेगी। टोक्यो पहुंचने के बाद वह तीन दिन तक अलग कक्ष में क्वारंटीन रहेंगी। क्वारंटीन के दौरान ही सुबह नौ से 11 बजे तक अभ्यास करेंगी। अरुणा इस दौरान सोशल मीडिया से दूर रहेंगी। उसका दो सितंबर को मैच होना है, इसके लिए एक सितंबर को मैच का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
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हर बार ही तरह ये चुनौती भी करेंगी पार
अरुणा के पिता नरेश कुमार ने बताया कि वे गाड़ी चालक है। अरुणा के हाथ छोटे होने के कारण शुरुआत में लोगों के उन्हें काफी ताने कसे थे। मगर उन्होंने कभी नकारात्मक नहीं सोचा। वे निरंतर अरुणा का खेल में सहयोग करते रहे। अरुणा ने खेल के साथ-साथ समाज की चुनौतियां को भी पार किया है। अब वह पैरालंपिक में स्वर्ण पदक लाकर देश का नाम रोशन करेगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर अरुणा ने उनके गले लगकर स्वर्ण पदक लेकर आने का यकीन दिलाया है।
अरुणा की उपलब्धियां:
- वर्ष 2017-18 में पांचवे राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।
- वर्ष 2018-19 में छठे राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।
- वर्ष 2018 में वियतनाम में हुई चौथे एशियन पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल।
- फरवरी 2019 में टर्की में आयोजित वर्ल्ड पैरा ताइक्वांडो चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल।
- मार्च 2019 में ईरान में हुई प्रेजीडेंट एशियन रीजन जी-टू कप में सिल्वर मेडल।
- वर्ष 2019 में ही जार्डन में हुई अमान एशियन पैरा ताईक्वांडो चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल।
- वर्ष 2020 टोक्यो पैरालंपिक में प्रतिभागी।
स्वर्ण पदक पक्का करेगी
अरुणा तंवर के आत्मविश्वास और खेल के प्रति एकाग्रता उसका स्वर्ण पदक पक्का करेगी। अरुणा तंवर के दिल्ली से रवाना होने से पहले इंडिया ताइक्वांडो के अध्यक्ष नामदेव शिरगांवकर ने उन्हें फोन के माध्यम से शुभकामनाएं दी हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर अरुणा के परिजनों के अलावा इंडिया ताइक्वांडो के महासचिव सुखदेव भी साथ रहे। अरुणा को रवाना होने से पहले विशेष टिप्स भी दिए हैं।
- स्वराज सिंह, नेशनल कोच ताइक्वांडो।
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टोक्यो के लिए उड़ान भरने से पहले अरुणा ने वीरवार को अपने कोच और फेडरेशन के साथ ऑनलाइन वार्ता भी की। इसके बाद शुक्रवार सुबह अपने गांव दिनोद पहुंचकर बाबा धूणी वाला के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उसने अपने पिता नरेश, माता सोनिया सहित परिजनों का आशीर्वाद लिया। उसके भाई सुनील, साहिल और रोहित उसे स्वर्ण पदक के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए हौसला बढ़ाया। पिता नरेश के गले लगकर अरुणा ने स्वर्ण पदक का वादा किया है। इस पर उसके पिता भावुक हो गए और बेटी को बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने को कहा है। अरुणा तंवर ने बातचीत के दौरान बताया कि वह मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश के लिए पदक लेकर लौटेंगी। परिजनों, कोच और शुभचिंतकों का आशीर्वाद इस चुनौती को पार करने में मदद करेगा।
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टोक्यो पहुंचने के बाद तीन दिन रहेंगी क्वारंटीन
अरुणा तंवर शुक्रवार शाम छह बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से रवाना हुई है, जोकि शनिवार सुबह पांच बजकर 55 मिनट पर टोक्यो पहुंचेगी। टोक्यो पहुंचने के बाद वह तीन दिन तक अलग कक्ष में क्वारंटीन रहेंगी। क्वारंटीन के दौरान ही सुबह नौ से 11 बजे तक अभ्यास करेंगी। अरुणा इस दौरान सोशल मीडिया से दूर रहेंगी। उसका दो सितंबर को मैच होना है, इसके लिए एक सितंबर को मैच का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
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हर बार ही तरह ये चुनौती भी करेंगी पार
अरुणा के पिता नरेश कुमार ने बताया कि वे गाड़ी चालक है। अरुणा के हाथ छोटे होने के कारण शुरुआत में लोगों के उन्हें काफी ताने कसे थे। मगर उन्होंने कभी नकारात्मक नहीं सोचा। वे निरंतर अरुणा का खेल में सहयोग करते रहे। अरुणा ने खेल के साथ-साथ समाज की चुनौतियां को भी पार किया है। अब वह पैरालंपिक में स्वर्ण पदक लाकर देश का नाम रोशन करेगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर अरुणा ने उनके गले लगकर स्वर्ण पदक लेकर आने का यकीन दिलाया है।
अरुणा की उपलब्धियां:
- वर्ष 2017-18 में पांचवे राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।
- वर्ष 2018-19 में छठे राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।
- वर्ष 2018 में वियतनाम में हुई चौथे एशियन पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल।
- फरवरी 2019 में टर्की में आयोजित वर्ल्ड पैरा ताइक्वांडो चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल।
- मार्च 2019 में ईरान में हुई प्रेजीडेंट एशियन रीजन जी-टू कप में सिल्वर मेडल।
- वर्ष 2019 में ही जार्डन में हुई अमान एशियन पैरा ताईक्वांडो चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल।
- वर्ष 2020 टोक्यो पैरालंपिक में प्रतिभागी।
स्वर्ण पदक पक्का करेगी
अरुणा तंवर के आत्मविश्वास और खेल के प्रति एकाग्रता उसका स्वर्ण पदक पक्का करेगी। अरुणा तंवर के दिल्ली से रवाना होने से पहले इंडिया ताइक्वांडो के अध्यक्ष नामदेव शिरगांवकर ने उन्हें फोन के माध्यम से शुभकामनाएं दी हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर अरुणा के परिजनों के अलावा इंडिया ताइक्वांडो के महासचिव सुखदेव भी साथ रहे। अरुणा को रवाना होने से पहले विशेष टिप्स भी दिए हैं।
- स्वराज सिंह, नेशनल कोच ताइक्वांडो।