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Bhiwani News: औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर में पेयजल, सीवर व बरसाती लाइन को मंजूरी, सड़क के लिए बजट का इंतजार
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय।
भिवानी। गांव निनान के समीप करीब 350 एकड़ में विकसित होने वाले औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर में पेयजल, सीवर और बरसाती पानी की निकासी के एस्टीमेट मंजूर हो गए हैं लेकिन 72.38 करोड़ रुपये के सड़क बजट को अब भी हरी झंडी का इंतजार है।
कुल 92.25 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सड़क परिवहन की मंजूरी के लिए फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई है जिसके स्वीकृत होने के बाद ही दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने दिल्ली-पिलानी राष्ट्रीय राजमार्ग-709ई (भिवानी-रोहतक मार्ग) पर औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर के विकास के लिए बिजली, पानी, सीवर और सड़क परिवहन की ड्राइंग तैयार की है।
परियोजना के तहत जलघर निर्माण, पेयजल पाइपलाइन और बूस्टिंग स्टेशन पर 5.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं दूषित पानी की निकासी के लिए सीवर लाइन और डिस्पोजल सिस्टम विकसित करने पर 7.61 करोड़ रुपये तथा बरसाती पानी की निकासी और उसके उपयोग के लिए सिस्टम तैयार करने पर 6.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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दोनों क्षेत्रों में सड़क परिवहन की बेहतर सुविधा विकसित करने के लिए सबसे अधिक 72.38 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद चारों मदों के विस्तृत एस्टीमेट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद डीएनआईटी (डिटेल नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। सड़क बजट की मंजूरी के बिना फिलहाल परियोजना की अगली प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती।
2016 में बनी थी योजना, 2019 में तैयार हुई थी डीपीआर
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में भिवानी में राष्ट्रीय राजमार्ग-709ई पर गांव निनान के पास नया औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना बनाई थी। वर्ष 2019 में करीब 300 एकड़ में औद्योगिक सेक्टर और 50 एकड़ में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी। उस समय परियोजना पर करीब 184 करोड़ रुपये खर्च कर वर्ष 2021 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
हालांकि, विभिन्न प्रक्रियाओं में देरी के चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। वर्ष 2026 में डीमार्केशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद इसके विकास का रास्ता साफ हुआ है। एचएसवीपी ने दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए 92.25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का एस्टीमेट तैयार किया है। भूमि अधिग्रहण और भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। जिला नगर योजनाकार विभाग ने भी डीमार्केशन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट भेज दी है।
भूमाफिया की भी आसपास की कृषि भूमि पर नजर
रोहतक रोड पर निनान के समीप औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर विकसित होने का रास्ता साफ होने के बाद आसपास की कृषि भूमि पर भूमाफिया की नजर भी है। अवैध कॉलोनाइजर शहरी दायरे से बाहर कृषि भूमि खरीदकर वहां अनधिकृत प्लॉट काटने की योजना बना रहे हैं। किसानों से आसानी से जमीन मिलने की संभावना के चलते ऐसी गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, राजस्व विभाग ने ऐसी भूमि की रजिस्ट्री पर पाबंदी लगाई हुई है। जिला नगर योजनाकार विभाग भी इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। दोनों कॉमर्शियल सेक्टर विकसित होने के बाद आसपास के क्षेत्र में भी तेजी से विकास होने की संभावना है।
शहर में ये औद्योगिक सेक्टर हैं आबाद
शहर में करीब 185 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक सेक्टर-21 और 26 विकसित हैं जहां लगभग 250 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। रोहतक रोड पर करीब साढ़े 300 एकड़ में सेक्टर-29 औद्योगिक क्षेत्र है। इसी मार्ग पर निनान के समीप करीब 350 एकड़ में एक अन्य औद्योगिक क्षेत्र भी फैला हुआ है। सेक्टर-21 और 26 शहर के सबसे पुराने औद्योगिक सेक्टरों में शामिल हैं।
औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर में पेयजल, सीवर और बरसाती सिस्टम के एस्टीमेट को मंजूरी मिल चुकी है। सड़क परिवहन के एस्टीमेट का मसौदा मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद चारों एस्टीमेट के डिटेल एस्टीमेट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद डीएनआईटी तैयार होगी और टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। -भूपेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, भिवानी
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कुल 92.25 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सड़क परिवहन की मंजूरी के लिए फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई है जिसके स्वीकृत होने के बाद ही दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने दिल्ली-पिलानी राष्ट्रीय राजमार्ग-709ई (भिवानी-रोहतक मार्ग) पर औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर के विकास के लिए बिजली, पानी, सीवर और सड़क परिवहन की ड्राइंग तैयार की है।
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परियोजना के तहत जलघर निर्माण, पेयजल पाइपलाइन और बूस्टिंग स्टेशन पर 5.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं दूषित पानी की निकासी के लिए सीवर लाइन और डिस्पोजल सिस्टम विकसित करने पर 7.61 करोड़ रुपये तथा बरसाती पानी की निकासी और उसके उपयोग के लिए सिस्टम तैयार करने पर 6.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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दोनों क्षेत्रों में सड़क परिवहन की बेहतर सुविधा विकसित करने के लिए सबसे अधिक 72.38 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद चारों मदों के विस्तृत एस्टीमेट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद डीएनआईटी (डिटेल नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। सड़क बजट की मंजूरी के बिना फिलहाल परियोजना की अगली प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती।
2016 में बनी थी योजना, 2019 में तैयार हुई थी डीपीआर
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में भिवानी में राष्ट्रीय राजमार्ग-709ई पर गांव निनान के पास नया औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना बनाई थी। वर्ष 2019 में करीब 300 एकड़ में औद्योगिक सेक्टर और 50 एकड़ में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी। उस समय परियोजना पर करीब 184 करोड़ रुपये खर्च कर वर्ष 2021 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
हालांकि, विभिन्न प्रक्रियाओं में देरी के चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। वर्ष 2026 में डीमार्केशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद इसके विकास का रास्ता साफ हुआ है। एचएसवीपी ने दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए 92.25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का एस्टीमेट तैयार किया है। भूमि अधिग्रहण और भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। जिला नगर योजनाकार विभाग ने भी डीमार्केशन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट भेज दी है।
भूमाफिया की भी आसपास की कृषि भूमि पर नजर
रोहतक रोड पर निनान के समीप औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर विकसित होने का रास्ता साफ होने के बाद आसपास की कृषि भूमि पर भूमाफिया की नजर भी है। अवैध कॉलोनाइजर शहरी दायरे से बाहर कृषि भूमि खरीदकर वहां अनधिकृत प्लॉट काटने की योजना बना रहे हैं। किसानों से आसानी से जमीन मिलने की संभावना के चलते ऐसी गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, राजस्व विभाग ने ऐसी भूमि की रजिस्ट्री पर पाबंदी लगाई हुई है। जिला नगर योजनाकार विभाग भी इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। दोनों कॉमर्शियल सेक्टर विकसित होने के बाद आसपास के क्षेत्र में भी तेजी से विकास होने की संभावना है।
शहर में ये औद्योगिक सेक्टर हैं आबाद
शहर में करीब 185 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक सेक्टर-21 और 26 विकसित हैं जहां लगभग 250 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। रोहतक रोड पर करीब साढ़े 300 एकड़ में सेक्टर-29 औद्योगिक क्षेत्र है। इसी मार्ग पर निनान के समीप करीब 350 एकड़ में एक अन्य औद्योगिक क्षेत्र भी फैला हुआ है। सेक्टर-21 और 26 शहर के सबसे पुराने औद्योगिक सेक्टरों में शामिल हैं।
औद्योगिक सेक्टर-31 और ट्रांसपोर्ट नगर में पेयजल, सीवर और बरसाती सिस्टम के एस्टीमेट को मंजूरी मिल चुकी है। सड़क परिवहन के एस्टीमेट का मसौदा मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद चारों एस्टीमेट के डिटेल एस्टीमेट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद डीएनआईटी तैयार होगी और टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। -भूपेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, भिवानी