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Bhiwani News: एक जुलाई से शुरू होगा एनीमिया मुक्त अभियान, ढाई लाख लोगों की होगी जांच
Sat, 28 Jun 2025 10:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 28 Jun 2025 10:01 PM IST
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भिवानी। जिले में एक जुलाई से स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमिया मुक्त भारत अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत एनीमिया यानी खून की कमी से पीड़ित लोगों की पहचान कर उन्हें आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान करीब ढाई लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है।
जिन व्यक्तियों में 11 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन पाया जाएगा, उन्हें खून बढ़ाने की गोलियां दी जाएंगी। इसके लिए जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और उपमंडलीय अस्पतालों को लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। स्कूलों में बच्चों की भी जांच की जाएगी और जरूरत होने पर उन्हें दवा दी जाएगी। अभियान के तहत लोगों को एनीमिया के लक्षण, बचाव और इलाज के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
गर्भवती महिलाएं खून की नियमित जांच करवाती रहें
सीएमओ डॉ. शांडिल्य ने बताया कि गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से खून की जांच करवाएं, क्योंकि डिलीवरी के समय रक्त की आवश्यकता होती है। यदि किसी महिला में खून की कमी पाई जाती है, तो आयरन की गोलियां देकर पूर्ति की जाएगी। साथ ही पौष्टिक आहार लेने की भी सलाह दी गई है।
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ये हैं एनीमिया के लक्षण
– कमजोरी व थकान
– त्वचा पीली होना
– सांस लेने में दिक्कत
– सिर दर्द, चक्कर आना
– घबराहट व बाल झड़ना
– हाथ-पैरों में दर्द
एनीमिया से बचाव के उपाय
– समय-समय पर जांच कराते रहें
– संतुलित, पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार लें
– खट्टे फलों का सेवन करें
– नियमित व्यायाम व योग अपनाएं
– विटामिन और फोलिक एसिड की गोलियां लें
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जिन व्यक्तियों में 11 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन पाया जाएगा, उन्हें खून बढ़ाने की गोलियां दी जाएंगी। इसके लिए जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और उपमंडलीय अस्पतालों को लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। स्कूलों में बच्चों की भी जांच की जाएगी और जरूरत होने पर उन्हें दवा दी जाएगी। अभियान के तहत लोगों को एनीमिया के लक्षण, बचाव और इलाज के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
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गर्भवती महिलाएं खून की नियमित जांच करवाती रहें
सीएमओ डॉ. शांडिल्य ने बताया कि गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से खून की जांच करवाएं, क्योंकि डिलीवरी के समय रक्त की आवश्यकता होती है। यदि किसी महिला में खून की कमी पाई जाती है, तो आयरन की गोलियां देकर पूर्ति की जाएगी। साथ ही पौष्टिक आहार लेने की भी सलाह दी गई है।
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ये हैं एनीमिया के लक्षण
– कमजोरी व थकान
– त्वचा पीली होना
– सांस लेने में दिक्कत
– सिर दर्द, चक्कर आना
– घबराहट व बाल झड़ना
– हाथ-पैरों में दर्द
एनीमिया से बचाव के उपाय
– समय-समय पर जांच कराते रहें
– संतुलित, पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार लें
– खट्टे फलों का सेवन करें
– नियमित व्यायाम व योग अपनाएं
– विटामिन और फोलिक एसिड की गोलियां लें