फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   air pollution, people, smog in air

शहर की हवा हुई खराब

Fri, 30 Oct 2020 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2020 12:21 AM IST
विज्ञापन
air pollution, people, smog in air
वीरवार सुबह नौ बजे आसमान में छाया धुआं। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
भिवानी। प्रदूषण का स्तर अब खतरनाक हो चला है। वीरवार को आसमान में धुएं की चादर छाई रही। जिले का एक्यूआई भी 277 तक पहुंच गया। प्रदूषण के पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा भी 500 तक पहुंच गई है। बढ़ते प्रदूषण के कारण वीरवार को दिनभर लोग परेशान रहे। काफी लोगों ने आंखों में जलन की शिकायत की। वहीं प्रदूषण का स्तर बुजुर्गों, सांस के मरीजों और बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है।
विज्ञापन

पिछले वर्ष प्रदूषण ने लोगों को बहुत परेशान किया था और प्रदूषण के कारण धुएं चादर देखी गई थी। वीरवार सुबह फिर से धुआं छाया रहा, जिससे लोगों के जेहन में पिछले वर्ष की यादें ताजा हो गईं। वहीं लोग अपने और अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित भी दिखे। पिछले करीब 10 दिन से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। लॉकडाउन में पर्यावरण स्वच्छ हुआ था और एक्यूआई महज 50 के आसपास ही रहा। मगर पिछले 10 दिन के दौरान इसमें तेजी से वृद्धि हो रही है।
विज्ञापन

जल रहा कचरा, रोकने वाला कोई नहीं
सब्जी मंडी में कचरे के उठान की व्यवस्था लचर होने के कारण दुकानदार, व्यापारी सभी कचरा एकत्रित कर जला देते हैं। रात आठ से देर रात तक सब्जी मंडी में कचरा जलता नजर आता है और चारों ओर धुआं फैला रहता है। अकेले सब्जी मंडी ही नहीं, बल्कि शहर के अनेक स्थानों खासकर बाजारों, सर्कुलर रोड किनारे, जालान अस्पताल के पास, नया बाजार मार्ग पर सफाई कर्मचारी ही उठान की व्यवस्था रेहड़ी आदि न होने के कारण कचरे में आग लगा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये रहा प्रदूषण का स्तर
प्रदूषण का स्तर एक्यूआई में मापा जाता है, जिसमें मापने में पीएम 2.5 और पीएम 10 की अहम भूमिका होती है। वीरवार को भिवानी में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 236 और पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 500 आंकी गई।

चिकित्सक की सलाह, सुरक्षा में ही बचाव
सामान्य अस्पताल सहित शहर के निजी अस्पतालों में भी इन दिनों मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा बढ़ी है। ज्यादातर लोग सांस की दिक्कत व एलर्जी से परेशान हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि प्रदूषण से बचाव जरूरी है। प्रदूषण से सांस, फेफड़ों संबंधित बीमारियों का खतरा है। सांस, दमा के मरीजों के लिए तो प्रदूषण का बढ़ता स्तर जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग पराली, कचरा आदि न जलाएं। दिवाली पर पटाखे जलाने से भी बचें।
प्रदूषण का स्तर प्रभाव
0 से 50 अच्छा
51 से 100 : संतोषजनक, सिर्फ संवेदनशील लोगों को ही सांस लेने में तकलीफ का खतरा।
101 से 200 : मध्यम, फेफड़ों, अस्थमा, हृदय रोगों का खतरा, सांस लेने में तकलीफ।
201 से 300 : खराब, ज्यादा समय रहने पर सांस लेने में तकलीफ, मरीजों को खतरा।
301 से 400 : बहुत खराब, लंबे समय तक रहने पर सांस की बीमारियों का खतरा।
400 से 500 : गंभीर, स्वस्थ लोगों को भी बीमार बना सकता है और बीमार के लिए घातक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed