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Bhiwani News: जिले में घटा हवा में प्रदूषण का स्तर, फिर भी एक्यूआई 325 पर अटका
Sat, 16 Nov 2024 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 16 Nov 2024 10:36 PM IST
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गांव जाटू लोहारी में कोहरे से गुजरते वाहन।
भिवानी। जिले में हवा में प्रदूषण शुक्रवार के मुकाबले कुछ कम हुआ है, लेकिन फिर भी एक्यूआई 325 पर अटक गया है। प्रदूषण का ये स्तर काफी ज्यादा है। शुक्रवार को जिले में 375 एक्यूआई दर्ज हुआ था।
प्रशासन ने भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर एडवाइजरी जारी की है। जिला प्रशासन की पाबंदी के बावजूद भी अब भी प्रदूषण के कई घटक ऐसे हैं, जिनकी वजह से आबोहवा प्रदूषित हो रही है। सड़कों पर सफाई के दौरान भी धूल उड़ रही है वहीं कूड़े के ढेर भी जलाए जा रहे हैं। इससे भी हवा में प्रदूषण का जहर घुल रहा है।
शनिवार को लघु सचिवालय के डीआरडीए हाल में एडीसी हर्षित कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में ग्रीन ट्रिब्यूनल की हिदायतों के अनुसार दिल्ली एनसीआर में ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के संबंध में सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को ग्रैप 3 की पाबंदियां सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। एडीसी हर्षित कुमार ने कहा कि जिला में ग्रैप का तीसरा चरण लागू हो गया है, इसके लिए संबंधित विभागों को सख्ती से लागू करना होगा।
उन्होंने जिले में प्रदूषण को रोकने के दृष्टिगत सभी अधिकारियों को दिए सख्त कदम उठाने के लिए निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण में कोताही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। वहीं ग्रैप नियमों की अनदेखी करने पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होगी।
अतिरिक्त उपायुक्त ने की आम लोगों से अपील
अतिरिक्त उपायुक्त हर्षित कुमार ने आम नागरिकों का भी आह्वान किया है कि वे नागरिक चार्टर का पालन करें और चरण प्रथम और द्वितीय चरण के नागरिक चार्टर के अतिरिक्त, क्षेत्र में वायु गुणवत्ता को बनाए रखने और सुधारने के उद्देश्य से जीआरएपी उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन में सहायता करें। छोटी दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें। स्वच्छ आवागमन का विकल्प चुनें। काम पर जाने के लिए किसी के साथ सवारी साझा करें या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। जिन लोगों को नौकरी घर से काम करने की अनुमति देती है, वे घर से काम कर सकते हैं।
आग जलाने के लिए कोयले और लकड़ी का उपयोग न करें
व्यक्तिगत मकान मालिक भी अपने द्वारा नियुक्त सुरक्षा, अन्य कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध करा सकते हैं ताकि बायोमास, लकड़ी, एमएसडब्ल्यू को खुले में जलाने से बचा जा सकें। कामों को संयोजित करें और यात्राएं कम करें।
ग्रैप तीन के आदेशों को सख्ती से लागू करने के संबंध में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ये स्थित पर्यावरण के लिए बेहद खराब है, इसमें हम सबको जागरूकता और समझदारी से काम लेना होगा। जिन कार्यों पर पाबंदी लगाई गई है, उनके निरीक्षण के बारे में भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
- हर्षित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त, भिवानी।
आठ नवंबर से एक्यूआई का स्तर
दिनांक एक्यूआई
16 नवंबर 2024 325
15 नवंबर 2024 365
14 नवंबर 2024 228
13 नवंबर 2024 375
12 नवंबर 2024 152
11 नवंबर 2024 270
10 नवंबर 2024 220
09 नवंबर 2024 218
08 नवंबर 2024 325
एक्सपर्ट व्यू
हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ना मानव सेहत के साथ-साथ पशु पक्षियों के लिए भी हानिकारक हो जाता है। ऐसे में लोगों को खास तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इस दौरान अगर सांस लेने में परेशानी आती है तो वे तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। हवा में कुछ ऐसे तत्व भी मौजूद रहते हैं जो गंभीर बीमारियों की वजह बन सकते हैं। ऐसे में जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। आंखों को भी स्वच्छ पानी से धोएं और हवा में प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का भी प्रयोग कर सकते हैं।
- डॉ. यतीन गुप्ता, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।
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प्रशासन ने भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर एडवाइजरी जारी की है। जिला प्रशासन की पाबंदी के बावजूद भी अब भी प्रदूषण के कई घटक ऐसे हैं, जिनकी वजह से आबोहवा प्रदूषित हो रही है। सड़कों पर सफाई के दौरान भी धूल उड़ रही है वहीं कूड़े के ढेर भी जलाए जा रहे हैं। इससे भी हवा में प्रदूषण का जहर घुल रहा है।
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शनिवार को लघु सचिवालय के डीआरडीए हाल में एडीसी हर्षित कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में ग्रीन ट्रिब्यूनल की हिदायतों के अनुसार दिल्ली एनसीआर में ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के संबंध में सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को ग्रैप 3 की पाबंदियां सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। एडीसी हर्षित कुमार ने कहा कि जिला में ग्रैप का तीसरा चरण लागू हो गया है, इसके लिए संबंधित विभागों को सख्ती से लागू करना होगा।
उन्होंने जिले में प्रदूषण को रोकने के दृष्टिगत सभी अधिकारियों को दिए सख्त कदम उठाने के लिए निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण में कोताही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। वहीं ग्रैप नियमों की अनदेखी करने पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होगी।
अतिरिक्त उपायुक्त ने की आम लोगों से अपील
अतिरिक्त उपायुक्त हर्षित कुमार ने आम नागरिकों का भी आह्वान किया है कि वे नागरिक चार्टर का पालन करें और चरण प्रथम और द्वितीय चरण के नागरिक चार्टर के अतिरिक्त, क्षेत्र में वायु गुणवत्ता को बनाए रखने और सुधारने के उद्देश्य से जीआरएपी उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन में सहायता करें। छोटी दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें। स्वच्छ आवागमन का विकल्प चुनें। काम पर जाने के लिए किसी के साथ सवारी साझा करें या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। जिन लोगों को नौकरी घर से काम करने की अनुमति देती है, वे घर से काम कर सकते हैं।
आग जलाने के लिए कोयले और लकड़ी का उपयोग न करें
व्यक्तिगत मकान मालिक भी अपने द्वारा नियुक्त सुरक्षा, अन्य कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध करा सकते हैं ताकि बायोमास, लकड़ी, एमएसडब्ल्यू को खुले में जलाने से बचा जा सकें। कामों को संयोजित करें और यात्राएं कम करें।
ग्रैप तीन के आदेशों को सख्ती से लागू करने के संबंध में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ये स्थित पर्यावरण के लिए बेहद खराब है, इसमें हम सबको जागरूकता और समझदारी से काम लेना होगा। जिन कार्यों पर पाबंदी लगाई गई है, उनके निरीक्षण के बारे में भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
- हर्षित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त, भिवानी।
आठ नवंबर से एक्यूआई का स्तर
दिनांक एक्यूआई
16 नवंबर 2024 325
15 नवंबर 2024 365
14 नवंबर 2024 228
13 नवंबर 2024 375
12 नवंबर 2024 152
11 नवंबर 2024 270
10 नवंबर 2024 220
09 नवंबर 2024 218
08 नवंबर 2024 325
एक्सपर्ट व्यू
हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ना मानव सेहत के साथ-साथ पशु पक्षियों के लिए भी हानिकारक हो जाता है। ऐसे में लोगों को खास तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इस दौरान अगर सांस लेने में परेशानी आती है तो वे तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। हवा में कुछ ऐसे तत्व भी मौजूद रहते हैं जो गंभीर बीमारियों की वजह बन सकते हैं। ऐसे में जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। आंखों को भी स्वच्छ पानी से धोएं और हवा में प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का भी प्रयोग कर सकते हैं।
- डॉ. यतीन गुप्ता, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।