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Bhiwani News: अवैध निर्माण तोड़ने के बाद सर्विस रोड तैयार करना भूले अफसर, कछुआ चाल से चल रहा लोहारू रोड पुल का निर्माण कार्य
Wed, 10 Sep 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:09 AM IST
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लोहारू रोड रेलवे फाटक पर जाम में फंसे वाहन
भिवानी। अवैध निर्माण तोड़ने के बाद भी लोहारू रोड पर सर्विस रोड बनाने का काम अधिकारी भूल गए हैं। निर्माण कार्य के दौरान तोड़े गए अवैध कब्जों का मलबा भी अब तक सड़क से नहीं हटाया गया जिससे वाहन चालकों को हर रोज मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण निर्धारित अवधि पार करने के बाद भी अभी केवल 50 फीसदी ही पूरा हो पाया है। रेलवे और निर्माण एजेंसी की धीमी कार्यशैली के कारण पुल का काम कछुआ चाल से चल रहा है। इसके चलते रेलवे फाटक पर यातायात बाधित हो रहा है और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने करीब दो साल के लिए लोहारू रोड पुल को तोड़कर रास्ता बंद कर दिया था लेकिन काम की धीमी गति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि पुल चालू होने में अभी और समय लग सकता है। इस वजह से शहरवासियों को और लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709-ई पर 70 के दशक में बना पुराना रेलवे ओवरब्रिज तोड़कर 42.78 करोड़ रुपये की लागत से 910 मीटर लंबा टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। काम 30 मई 2023 को पूनिया कंस्ट्रक्शन एजेंसी को सौंपा गया था और इसे 31 अगस्त 2025 तक पूरा करना तय था। लेकिन अभी तक केवल 50 फीसदी काम ही हो सका है। वर्तमान में पुल के दोनों छोर तैयार करने का कार्य चल रहा है जबकि टॉप सेक्शन का काम रेलवे द्वारा किया जाना बाकी है। हालुवास गेट से अनाज मंडी गेट तक नया टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज बनाने की योजना है। फिलहाल पुल के लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं लेकिन बारिश के मौसम और लेटलतीफी के कारण काम की गति बेहद धीमी है।
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एक माह पहले तोड़े अवैध निर्माण लेकिन सर्विस रोड नहीं बना
देवसर चुंगी से हालुवास गेट की ओर जाने के लिए छोड़े गए सर्विस रोड का हाल बदतर है। करीब एक माह पहले यहां अवैध निर्माण तोड़कर रास्ता खाली कराया गया लेकिन मलबा अब भी रास्ते पर पड़ा है। इससे वाहन चालकों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं और बारिश के मौसम में हादसों का डर और बढ़ गया है। अगर पुल बनने से पहले सर्विस रोड को दुरुस्त कर दिया जाए, तो सरकुलर रोड पर लगने वाले जाम से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। लेकिन रेलवे और निर्माण एजेंसी ने इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
अनाज मंडी गेट और सरकुलर रोड पर बन रही जाम की स्थिति
पुल निर्माण के चलते अनाज मंडी गेट से हालुवास गेट जाने वाला रास्ता दो साल से बंद है। फिलहाल देवसर चुंगी रेलवे फाटक ही आने-जाने का मुख्य रास्ता है। भारी वाहनों को बाईपास से भेजा जा रहा है, लेकिन नारनौल, महेंद्रगढ़, दादरी, लोहारू, पिलानी और राजस्थान से आने वाले छोटे वाहनों को देवसर चुंगी रेलवे फाटक से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे शहर के अंदर सरकुलर रोड पर जाम की स्थिति गंभीर हो गई है। फाटक की बाधा से वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। कई बार तो वाहनों की भीड़ के कारण रेलवे फाटक का बूम भी टूट चुका है। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी दिनभर जाम सुलझाने में लगे रहते हैं, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा।
दिनोद रोड का पुल चालू होने से मिल सकती है राहत
कृष्णा कॉलोनी रेलवे फाटक संख्या-सी 52 पर दिनोद रोड की ओर जाने वाला रेलवे ओवरब्रिज लगभग चार साल से बन रहा है। यह पुल अब 95 फीसदी तैयार हो चुका है। यदि इसे यातायात के लिए जल्द खोला जाता है, तो सरकुलर रोड पर लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी। इस पुल के जरिए पांच मिनट में तोशाम बाईपास तक पहुंचना आसान हो जाएगा। फिलहाल शहर से तोशाम बाईपास जाने के लिए हांसी रोड जिला कारागार और देवसर चुंगी रेलवे फाटक से होकर गुजरना पड़ता है जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
जिला उपायुक्त ने लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर एक कमेटी बनाई हुई है जिसमें मैं भी शामिल हूं। दिनोद रोड और लोहारू रोड के पुल निर्माण के कारण शहर के सरकुलर रोड पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है, जिससे जाम की समस्या बनी हुई है। कमेटी द्वारा कई बार पुल निर्माण और सर्विस रोड के काम को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया जा चुका है। पुल के चालू होने पर ही शहर में यातायात सुगम हो सकेगा। - सुरेश कुमार, निरीक्षक एवं प्रबंधक, जिला यातायात पुलिस थाना भिवानी
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कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने करीब दो साल के लिए लोहारू रोड पुल को तोड़कर रास्ता बंद कर दिया था लेकिन काम की धीमी गति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि पुल चालू होने में अभी और समय लग सकता है। इस वजह से शहरवासियों को और लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709-ई पर 70 के दशक में बना पुराना रेलवे ओवरब्रिज तोड़कर 42.78 करोड़ रुपये की लागत से 910 मीटर लंबा टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। काम 30 मई 2023 को पूनिया कंस्ट्रक्शन एजेंसी को सौंपा गया था और इसे 31 अगस्त 2025 तक पूरा करना तय था। लेकिन अभी तक केवल 50 फीसदी काम ही हो सका है। वर्तमान में पुल के दोनों छोर तैयार करने का कार्य चल रहा है जबकि टॉप सेक्शन का काम रेलवे द्वारा किया जाना बाकी है। हालुवास गेट से अनाज मंडी गेट तक नया टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज बनाने की योजना है। फिलहाल पुल के लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं लेकिन बारिश के मौसम और लेटलतीफी के कारण काम की गति बेहद धीमी है।
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एक माह पहले तोड़े अवैध निर्माण लेकिन सर्विस रोड नहीं बना
देवसर चुंगी से हालुवास गेट की ओर जाने के लिए छोड़े गए सर्विस रोड का हाल बदतर है। करीब एक माह पहले यहां अवैध निर्माण तोड़कर रास्ता खाली कराया गया लेकिन मलबा अब भी रास्ते पर पड़ा है। इससे वाहन चालकों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं और बारिश के मौसम में हादसों का डर और बढ़ गया है। अगर पुल बनने से पहले सर्विस रोड को दुरुस्त कर दिया जाए, तो सरकुलर रोड पर लगने वाले जाम से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। लेकिन रेलवे और निर्माण एजेंसी ने इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
अनाज मंडी गेट और सरकुलर रोड पर बन रही जाम की स्थिति
पुल निर्माण के चलते अनाज मंडी गेट से हालुवास गेट जाने वाला रास्ता दो साल से बंद है। फिलहाल देवसर चुंगी रेलवे फाटक ही आने-जाने का मुख्य रास्ता है। भारी वाहनों को बाईपास से भेजा जा रहा है, लेकिन नारनौल, महेंद्रगढ़, दादरी, लोहारू, पिलानी और राजस्थान से आने वाले छोटे वाहनों को देवसर चुंगी रेलवे फाटक से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे शहर के अंदर सरकुलर रोड पर जाम की स्थिति गंभीर हो गई है। फाटक की बाधा से वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। कई बार तो वाहनों की भीड़ के कारण रेलवे फाटक का बूम भी टूट चुका है। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी दिनभर जाम सुलझाने में लगे रहते हैं, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा।
दिनोद रोड का पुल चालू होने से मिल सकती है राहत
कृष्णा कॉलोनी रेलवे फाटक संख्या-सी 52 पर दिनोद रोड की ओर जाने वाला रेलवे ओवरब्रिज लगभग चार साल से बन रहा है। यह पुल अब 95 फीसदी तैयार हो चुका है। यदि इसे यातायात के लिए जल्द खोला जाता है, तो सरकुलर रोड पर लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी। इस पुल के जरिए पांच मिनट में तोशाम बाईपास तक पहुंचना आसान हो जाएगा। फिलहाल शहर से तोशाम बाईपास जाने के लिए हांसी रोड जिला कारागार और देवसर चुंगी रेलवे फाटक से होकर गुजरना पड़ता है जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
जिला उपायुक्त ने लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर एक कमेटी बनाई हुई है जिसमें मैं भी शामिल हूं। दिनोद रोड और लोहारू रोड के पुल निर्माण के कारण शहर के सरकुलर रोड पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है, जिससे जाम की समस्या बनी हुई है। कमेटी द्वारा कई बार पुल निर्माण और सर्विस रोड के काम को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया जा चुका है। पुल के चालू होने पर ही शहर में यातायात सुगम हो सकेगा। - सुरेश कुमार, निरीक्षक एवं प्रबंधक, जिला यातायात पुलिस थाना भिवानी