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मॉडल एईसी से प्रौढ़ वर्ग को मिलेगी समतुल्य शिक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 26 Aug 2016 12:29 AM IST
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शिक्षा
- फोटो : Getty
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साक्षर मिशन के तहत अब तक बुनियादी ज्ञान हासिल करने वाले अनपढ़ प्रौढ़ वर्ग के लिए मॉडल एईसी (एडल्ट एजुकेशन सेंटर) के जरिए तीसरी, पांचवीं और आठवीं की पढ़ाई कर सकेंगे। समतुल्य शिक्षा के तहत पहले चरण में एक सितंबर से प्रदेश के 34 गांवों में इसकी शुरुआत होगी। इनमें महेंद्रगढ़ व सिरसा जिले के 10-10 गांव तो सांसद आदर्श ग्राम योजना के 10 व राज्यसभा सदस्यों द्वारा गोद लिए 4 गांवों में प्रौढ़ों को पढ़ाया जाएगा। वहीं भिवानी जिले में मार्च 2017 में बुनियादी परीक्षा के उपरांत एक अप्रैल से मॉडल एईसी स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए बुनियादी परीक्षा के लिए प्रेरक की भूमिका निभाने वाले मॉडल एईसी में ट्यूटर के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इसके लिए तीसरी व पांचवीं कक्षा वर्ग के लिए उन्हें प्रतिदिन दो घंटे कक्षाएं लेनी होगी, जिसके लिए प्रति घंटे 125 रुपये अनुदान मिलेगा। पूरे सत्र में कम से कम 400 घंटे (200 थ्योरी व 200 सेल्फ स्टडी) कक्षाएं लगानी आवश्यक है। वहीं आठवीं कक्षा वर्ग में 500 घंटे (500 थ्योरी व 250 सेल्फ स्टडी) कक्षाएं लगाना अनिवार्य है। इसमें ट्यूटर को 150 रुपये अनुदान दिया जाएगा।
कक्षा तीसरी के सिलेबस में भाषा, पर्यावरण, मैथ, बेसिक कंप्यूटर, पांचवीं कक्षा में हिंदी/अंग्रेजी अलग से जुडे़ंगे। तो आठवी में सामाजिक, विज्ञान, गणित, बेसिक कंप्यूटर विषयों की पढ़ाई होगी। महेंद्रगढ़ व सिरसा जिलों के 20 सेंटर के अलावा सागी (सांसद आदर्श गांव योजना) के जींद, झज्जर, यमुनानगर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सोनीपत, सिरसा, फरीदाबाद, करनाल, कैथल व राज्य सभा सदस्यों के गोद लिए गए अंबाला, करनाल, रोहतक के गांवों में मॉडल एईसी पर एक सितंबर से पढ़ाई शुरू होगी। मिशन कोआर्डिनेटर व जिला परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि मॉडल एईसी पर पढ़ाई वाले ट्यूटरों को रिसोर्स पर्सन ट्रेनिंग देंगे। इसके लिए अगस्त माह में सभी रिसोर्स पर्सन को चंडीगढ़ में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मार्च में बुनियादी स्तर पर पूर्ण साक्षर होने के बाद जिले मेें मॉडल एईसी स्थापित किए जाएंगे।
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इसके लिए बुनियादी परीक्षा के लिए प्रेरक की भूमिका निभाने वाले मॉडल एईसी में ट्यूटर के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इसके लिए तीसरी व पांचवीं कक्षा वर्ग के लिए उन्हें प्रतिदिन दो घंटे कक्षाएं लेनी होगी, जिसके लिए प्रति घंटे 125 रुपये अनुदान मिलेगा। पूरे सत्र में कम से कम 400 घंटे (200 थ्योरी व 200 सेल्फ स्टडी) कक्षाएं लगानी आवश्यक है। वहीं आठवीं कक्षा वर्ग में 500 घंटे (500 थ्योरी व 250 सेल्फ स्टडी) कक्षाएं लगाना अनिवार्य है। इसमें ट्यूटर को 150 रुपये अनुदान दिया जाएगा।
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कक्षा तीसरी के सिलेबस में भाषा, पर्यावरण, मैथ, बेसिक कंप्यूटर, पांचवीं कक्षा में हिंदी/अंग्रेजी अलग से जुडे़ंगे। तो आठवी में सामाजिक, विज्ञान, गणित, बेसिक कंप्यूटर विषयों की पढ़ाई होगी। महेंद्रगढ़ व सिरसा जिलों के 20 सेंटर के अलावा सागी (सांसद आदर्श गांव योजना) के जींद, झज्जर, यमुनानगर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सोनीपत, सिरसा, फरीदाबाद, करनाल, कैथल व राज्य सभा सदस्यों के गोद लिए गए अंबाला, करनाल, रोहतक के गांवों में मॉडल एईसी पर एक सितंबर से पढ़ाई शुरू होगी। मिशन कोआर्डिनेटर व जिला परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि मॉडल एईसी पर पढ़ाई वाले ट्यूटरों को रिसोर्स पर्सन ट्रेनिंग देंगे। इसके लिए अगस्त माह में सभी रिसोर्स पर्सन को चंडीगढ़ में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मार्च में बुनियादी स्तर पर पूर्ण साक्षर होने के बाद जिले मेें मॉडल एईसी स्थापित किए जाएंगे।
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