{"_id":"60846f468ebc3e8dc13187dc","slug":"admit-corona-positive-patient-found-out-side-of-hospital-die-doctors-bhiwani-news-rtk6058815165","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाय की दुकान के समीप पड़ा मिला आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कोरोना पॉजिटिव, इलाज के दौरान हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाय की दुकान के समीप पड़ा मिला आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कोरोना पॉजिटिव, इलाज के दौरान हुई मौत
विज्ञापन
भिवानी। जिला सामान्य अस्पताल में दाखिल कोरोना पॉजिटिव मरीज बेसुध हालत में बाहर चाय की दुकान के समीप शुक्रवार देर रात पड़ा हुआ मिला। इसकी जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को भी दी गई। हालांकि बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं मृतक के भाई ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
झज्जर जिले के खेड़ा सुल्तान वासी उमेद ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव आने पर उसने अपने भाई को शुक्रवार को जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन देर रात को किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया कि उसका भाई अस्पताल के बाहर बेसुध हालत में पड़ा हुआ है। इस सूचना पर रात को ही वह अस्पताल पहुंचा और अपने भाई को उठाकर फिर से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने गया। उसका आरोप है कि जब वह वार्ड में पहुंचा तो वहां मौजूद स्टाफ सो रहा था और सभी दरवाजे खुले थे। उसने भाई के इलाज के लिए हर जगह फोन मिलाया, मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। काफी देर बार उसके भाई का इलाज शुरू हुआ। उमेद का आरोप है कि उसे बाहर भेज दिया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उसके भाई की मौत की सूचना उसे दी गई। उसने बताया कि उसका 45 वर्षीय भाई की मौत चिकित्सकों व स्टाफ की लापरवाही की वजह से हुई है। इस संबंध में उसने स्वास्थ्य मंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है। आइसोलेशन वार्ड में दाखिल मरीज का गायब होना और उसका अस्पताल के बाहर चाय की दुकानों के समीप बेसुध हालत में मिलना स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बड़ा सवाल है। मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही है।
इस संबंध में कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। जांच के बाद इस संबंध में आगामी कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन
झज्जर जिले के खेड़ा सुल्तान वासी उमेद ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव आने पर उसने अपने भाई को शुक्रवार को जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन देर रात को किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया कि उसका भाई अस्पताल के बाहर बेसुध हालत में पड़ा हुआ है। इस सूचना पर रात को ही वह अस्पताल पहुंचा और अपने भाई को उठाकर फिर से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने गया। उसका आरोप है कि जब वह वार्ड में पहुंचा तो वहां मौजूद स्टाफ सो रहा था और सभी दरवाजे खुले थे। उसने भाई के इलाज के लिए हर जगह फोन मिलाया, मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। काफी देर बार उसके भाई का इलाज शुरू हुआ। उमेद का आरोप है कि उसे बाहर भेज दिया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उसके भाई की मौत की सूचना उसे दी गई। उसने बताया कि उसका 45 वर्षीय भाई की मौत चिकित्सकों व स्टाफ की लापरवाही की वजह से हुई है। इस संबंध में उसने स्वास्थ्य मंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है। आइसोलेशन वार्ड में दाखिल मरीज का गायब होना और उसका अस्पताल के बाहर चाय की दुकानों के समीप बेसुध हालत में मिलना स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बड़ा सवाल है। मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही है।
विज्ञापन
इस संबंध में कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। जांच के बाद इस संबंध में आगामी कदम उठाया जाएगा।