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Bhiwani News: प्रशासन ने लू से पशुओं के बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी
Wed, 23 Apr 2025 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 23 Apr 2025 10:37 PM IST
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भिवानी। डीसी महावीर कौशिक ने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा है कि वे पशुधन को लू अथवा अत्यधिक गर्मी से बचाव को लेकर पशुपालन विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। पशुओं के लिए दिन में 4-5 बार स्वच्छ एवं ठंडे जल की व्यवस्था करें।
उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पशुपालन की एडवाइजरी के बारे पशु पालकों में जागरूकता लाएं। जिले में गर्मी की लहर की स्थिति पर नजर रखें। आमजन के साथ-साथ पशुधन को भी लू से बचाना जरूरी है।
उन्होंने कहा है कि लू की स्थिति के दौरान पशुओं में आने वाली बीमारियों के लक्षण व उससे बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करें। पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण का कार्य नियमित रूप से संचालित किया जाए और साथ ही पशु केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का भंडारण सुनिश्चित हो। दोपहर में पशुओं को छायादार वृक्षों के नीचे आराम कराएं। 45 डिग्री से अधिक तापमान होने पर पशुओं के आवास गृह की खिड़की दरवाजों पर गीले पर्दे से बचाव करें। दुधारू पशुओं के लिए कूलर की व्यवस्था भी की जा सकती है।
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पशुधन की आपातकालीन स्थिति में क्या करें
यदि पशु में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशु को ठंडे पानी से नहलाएं या उसके शरीर पर गीले तौलिए रखें। पशु को छाया में रखें और उसे ठंडा तथा आरामदायक वातावरण प्रदान करें। इन सावधानियों और एडवाइजरी का पालन करके, पशुपालक अपने पशुओं को हीट वेव से बचा सकते हैं।
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उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पशुपालन की एडवाइजरी के बारे पशु पालकों में जागरूकता लाएं। जिले में गर्मी की लहर की स्थिति पर नजर रखें। आमजन के साथ-साथ पशुधन को भी लू से बचाना जरूरी है।
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उन्होंने कहा है कि लू की स्थिति के दौरान पशुओं में आने वाली बीमारियों के लक्षण व उससे बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करें। पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण का कार्य नियमित रूप से संचालित किया जाए और साथ ही पशु केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का भंडारण सुनिश्चित हो। दोपहर में पशुओं को छायादार वृक्षों के नीचे आराम कराएं। 45 डिग्री से अधिक तापमान होने पर पशुओं के आवास गृह की खिड़की दरवाजों पर गीले पर्दे से बचाव करें। दुधारू पशुओं के लिए कूलर की व्यवस्था भी की जा सकती है।
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पशुधन की आपातकालीन स्थिति में क्या करें
यदि पशु में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशु को ठंडे पानी से नहलाएं या उसके शरीर पर गीले तौलिए रखें। पशु को छाया में रखें और उसे ठंडा तथा आरामदायक वातावरण प्रदान करें। इन सावधानियों और एडवाइजरी का पालन करके, पशुपालक अपने पशुओं को हीट वेव से बचा सकते हैं।