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चुनावी गड़बड़ियों पर एक्शन, गोपालवास में होगा दोबारा मतदान
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Tue, 12 Jan 2016 01:06 AM IST
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भिवानी। मतगणना पूरी होने से पहले ही वोट की संख्या लीक होने घटना पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को एक्शन लिया। अब गोपालवास गांव में दोबारा मतदान होगा। लापरवाही की गाज कर्मचारी व अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में गोपालवास गांव के बूथ पर मतदान से पहले वोटिंग आंकड़े लीक होने की खबर ब्रेक की। इस गड़बड़ी पर प्रशासन ने सोमवार को संज्ञान लिया।
गोपालवास रविवार शाम मतदान के बाद करीब साढ़े पांच बजे मतगणना के दौरान विवाद हो गया था। एक बूथ पर मतदान चल रहा था और मतगणना भी शुरू कर दी गई। इस लापरवाही पर लोगों ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया। इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त व जिला निर्वाचन अधिकारी ने दोबारा मतदान का निर्णय लिया। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पंकज ने बताया कि ग्राम पंचायत गोपालवास में सरपंच, पंच, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों के पदों के लिए 177 से 180 तक मतदान केन्द्र स्थापित किए गए। सरंपच व पंच पद के लिए चुनाव परिणाम की घोषणा मतदान केन्द्र 177 के पीठासीन अधिकारी द्वारा की जानी थी। मतदान केन्द्र 179 व 180 के पीठासीन अधिकारियों ने मतदान केन्द्र 177 का मतदान पूर्ण होने से पहले मतगणना करवा दी। जिसके कारण गांव के लोगों ने विरोध किया। इस पर पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान रोकना पड़ा और बिना मतगणना के ही ईवीएम, मतपेटी व अन्य दस्तावेज खंड बाढड़ा के स्ट्रॉंग रूम में जमा करवा दिए। उन्होंने बताया कि इसके कारण गोपालवास में सरंपच, पंच, के लिए चुनाव परिणाम की घोषणा नहीं की गई।
वर्जन::::::
जिला राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट में मतदान केन्द्र 179 व 180 के पीठासीन अधिकारियों द्वारा मतगणना चुनाव परिणाम घोषित करके चुनाव नियमों की उल्लंघना का दोषी पाया गया। इन दोनों मतदान केन्द्रों पर तैनात अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को लिखने को कहा गया हैं।
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पंकज, जिला निर्वाचन अधिकारी
फर्जी वोटिंग के बाद विवाद, 11 बजे बना सरपंच
खरक कलां और खरक खुर्द में मतदान के बाद कुछ लोग मतदान से वंचित रह जाने पर विवाद हुआ। खरक खुर्द में रात को एसडीएम की देखरेख में मतदान हुआ और उसके बाद मतगणना। विवाद की शुरूआत मतदान के दौरान ही हो गई थी जब कुछ लोग मतदान से वंचित रह गए। एक प्रत्याशी ने वंचित रहे लोगों को फर्जी मतदाता बताया। हंगामा इतना बढ़ा कि डीएसपी के भी काबू नहीं आया। जिसके बाद एसडीएम सतपाल सिंह खुद रात को खरक गांव पहुंचे। एसडीएम की मौजूदगी में रात करीब सवा 10 बजे तक मतदान हुआ। काउंटिंग भी दोबारा करवाई गई। रात करीब सवा 11 बजे परिणाम साफ हो पाया। यहां 23 वर्षीय बीटेक छात्र संदीप ने बाजी मारी। वह 125 वोटों से जीता। खरक खुर्द के साथ खरक कलां में भी विवाद हुआ। यहां एक प्रत्याशी के 141 वोट आए। उसे लगा कि 171 वोट आए है। जिस पर विवाद हुआ। इस कारण दोबारा मतगणना करवाई गई। रात सवा 10 बजे के बाद ही साफ हुआ। जिसमें अनिल ने 17 वोटों से जीत सरपंची हासिल की।
धिराणा कलां के नाराज ग्रामीणों को दोबारा दिखाई गई मशीनें
तीन ट्रैक्टर ट्रालियों से धिराणा कलां गांव के ग्रामीण सोमवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। यहां से उन्हें शिक्षा बोर्ड स्थित चुनाव कार्यालय भेज दिया गया। वहां भी कोई अधिकारी नहीं मिला तो ग्रामीण दोबारा लघु सचिवालय पहुंचे। यहां एसडीएम सतपाल से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। जिसके बाद ग्रामीणों को शिक्षा बोर्ड में दोबारा मशीनें दिखाई गई और मतगणना दिखाई गई। जिसके बाद भी ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए और मशीनों पर सील नहीं होने की बात उठाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाद में फर्जी मतदान किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ऐसे व्यक्ति को सरपंच घोषित किया गया है, जो रेस में ही नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि वैसे ही कुछ ग्रामीणों ने फैला दिया कि वह जीत गया और सभी को वहां से भगा दिया। जिस कारण ग्रामीणों को संशय हुआ। एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में मशीनों में रिजल्ट दिखाया।
लाड के ग्रामीणों ने लगाई मतदान की गुहार
लाड गांव से भी ग्रामीण उपायुक्त से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि वे मतदान से वंचित रह गए। ग्रामीणों ने उनके मतदान करवाने की मांग की।
कितलाना में देर रात तक चला मतदान
कितलाना गांव में भी रात करीब सवा 10 बजे तक मतदान चला और सवा 11 बजे परिणाम घोषित किया गया। जिसमें 24 वर्षीय महिला रवीना ने 86 वोटों से जीत हासिल की।
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गोपालवास रविवार शाम मतदान के बाद करीब साढ़े पांच बजे मतगणना के दौरान विवाद हो गया था। एक बूथ पर मतदान चल रहा था और मतगणना भी शुरू कर दी गई। इस लापरवाही पर लोगों ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया। इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त व जिला निर्वाचन अधिकारी ने दोबारा मतदान का निर्णय लिया। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पंकज ने बताया कि ग्राम पंचायत गोपालवास में सरपंच, पंच, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों के पदों के लिए 177 से 180 तक मतदान केन्द्र स्थापित किए गए। सरंपच व पंच पद के लिए चुनाव परिणाम की घोषणा मतदान केन्द्र 177 के पीठासीन अधिकारी द्वारा की जानी थी। मतदान केन्द्र 179 व 180 के पीठासीन अधिकारियों ने मतदान केन्द्र 177 का मतदान पूर्ण होने से पहले मतगणना करवा दी। जिसके कारण गांव के लोगों ने विरोध किया। इस पर पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान रोकना पड़ा और बिना मतगणना के ही ईवीएम, मतपेटी व अन्य दस्तावेज खंड बाढड़ा के स्ट्रॉंग रूम में जमा करवा दिए। उन्होंने बताया कि इसके कारण गोपालवास में सरंपच, पंच, के लिए चुनाव परिणाम की घोषणा नहीं की गई।
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जिला राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट में मतदान केन्द्र 179 व 180 के पीठासीन अधिकारियों द्वारा मतगणना चुनाव परिणाम घोषित करके चुनाव नियमों की उल्लंघना का दोषी पाया गया। इन दोनों मतदान केन्द्रों पर तैनात अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को लिखने को कहा गया हैं।
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पंकज, जिला निर्वाचन अधिकारी
फर्जी वोटिंग के बाद विवाद, 11 बजे बना सरपंच
खरक कलां और खरक खुर्द में मतदान के बाद कुछ लोग मतदान से वंचित रह जाने पर विवाद हुआ। खरक खुर्द में रात को एसडीएम की देखरेख में मतदान हुआ और उसके बाद मतगणना। विवाद की शुरूआत मतदान के दौरान ही हो गई थी जब कुछ लोग मतदान से वंचित रह गए। एक प्रत्याशी ने वंचित रहे लोगों को फर्जी मतदाता बताया। हंगामा इतना बढ़ा कि डीएसपी के भी काबू नहीं आया। जिसके बाद एसडीएम सतपाल सिंह खुद रात को खरक गांव पहुंचे। एसडीएम की मौजूदगी में रात करीब सवा 10 बजे तक मतदान हुआ। काउंटिंग भी दोबारा करवाई गई। रात करीब सवा 11 बजे परिणाम साफ हो पाया। यहां 23 वर्षीय बीटेक छात्र संदीप ने बाजी मारी। वह 125 वोटों से जीता। खरक खुर्द के साथ खरक कलां में भी विवाद हुआ। यहां एक प्रत्याशी के 141 वोट आए। उसे लगा कि 171 वोट आए है। जिस पर विवाद हुआ। इस कारण दोबारा मतगणना करवाई गई। रात सवा 10 बजे के बाद ही साफ हुआ। जिसमें अनिल ने 17 वोटों से जीत सरपंची हासिल की।
धिराणा कलां के नाराज ग्रामीणों को दोबारा दिखाई गई मशीनें
तीन ट्रैक्टर ट्रालियों से धिराणा कलां गांव के ग्रामीण सोमवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। यहां से उन्हें शिक्षा बोर्ड स्थित चुनाव कार्यालय भेज दिया गया। वहां भी कोई अधिकारी नहीं मिला तो ग्रामीण दोबारा लघु सचिवालय पहुंचे। यहां एसडीएम सतपाल से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। जिसके बाद ग्रामीणों को शिक्षा बोर्ड में दोबारा मशीनें दिखाई गई और मतगणना दिखाई गई। जिसके बाद भी ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए और मशीनों पर सील नहीं होने की बात उठाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाद में फर्जी मतदान किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ऐसे व्यक्ति को सरपंच घोषित किया गया है, जो रेस में ही नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि वैसे ही कुछ ग्रामीणों ने फैला दिया कि वह जीत गया और सभी को वहां से भगा दिया। जिस कारण ग्रामीणों को संशय हुआ। एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में मशीनों में रिजल्ट दिखाया।
लाड के ग्रामीणों ने लगाई मतदान की गुहार
लाड गांव से भी ग्रामीण उपायुक्त से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि वे मतदान से वंचित रह गए। ग्रामीणों ने उनके मतदान करवाने की मांग की।
कितलाना में देर रात तक चला मतदान
कितलाना गांव में भी रात करीब सवा 10 बजे तक मतदान चला और सवा 11 बजे परिणाम घोषित किया गया। जिसमें 24 वर्षीय महिला रवीना ने 86 वोटों से जीत हासिल की।