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Bhiwani News: मेवात में किसानों के धरने का समर्थन करने पहुंचे किसान सभा के सदस्य
Tue, 08 Apr 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 08 Apr 2025 01:09 AM IST
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मेवात में जारी किसानों के धरने का समर्थन करने पहुंचे किसान सभा के सदस्य।
भिवानी। मेवात क्षेत्र में आईएमटी के लिए अधिग्रहण की गई जमीनों का न्यायोचित मुआवजा न देने के विरोध में जारी धरने को समर्थन देने के लिए अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी के सदस्य मेवात रवाना हुए। जत्थे का नेतृत्व किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, पदाधिकारी राजेश कुंगड़ व सुबेदार धनपत ओबरा कर रहे थे।
किसान नेता रामफल देशवाल ने कहा कि मेवात क्षेत्र में आईएमटी के लिए किसानों की कई हैक्टेयर जमीन कुछ वर्ष पहले हरियाणा राज्य सरकार के माध्यम से अधिग्रहित की थी। उस समय किसानों को 40 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया था और जबरदस्ती उनसे लिखवा लिया था कि वे भविष्य में कोर्ट केस नहीं करेंगे तथा अधिक मुआवजे की मांग नहीं करेंगे।
अब वे अधिकृत व अधिग्रहण जमीनों का भाव 18-20 करोड़ रुपये प्रति एकड़ हो गया है तो किसानों को भी उसका फायदा मिलना चाहिए। क्योंकि सस्ते में उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया गया था, किसान किसी भी कीमत पर कम्पनी व सरकार की तानाशाही को स्वीकार नहीं करेंगे तथा अपना जायज हक लेकर रहेंगे।
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उधर किसान सभा ने भिवानी के बामला टोल पर एक फौजी व उसके परिवार के साथ कुछ टोल कर्मियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। साथ ही, जिला पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष ढंग से जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्यवाही करे। मेवात में किसान धरने में जाने वाले किसानों में धनाना से सत्यवान, महाबीर फौजी, घुसकानी से सतबीर सिंह, खेड़ी दौलतपुर से वेद खेड़ी शामिल थे।
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किसान नेता रामफल देशवाल ने कहा कि मेवात क्षेत्र में आईएमटी के लिए किसानों की कई हैक्टेयर जमीन कुछ वर्ष पहले हरियाणा राज्य सरकार के माध्यम से अधिग्रहित की थी। उस समय किसानों को 40 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया था और जबरदस्ती उनसे लिखवा लिया था कि वे भविष्य में कोर्ट केस नहीं करेंगे तथा अधिक मुआवजे की मांग नहीं करेंगे।
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अब वे अधिकृत व अधिग्रहण जमीनों का भाव 18-20 करोड़ रुपये प्रति एकड़ हो गया है तो किसानों को भी उसका फायदा मिलना चाहिए। क्योंकि सस्ते में उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया गया था, किसान किसी भी कीमत पर कम्पनी व सरकार की तानाशाही को स्वीकार नहीं करेंगे तथा अपना जायज हक लेकर रहेंगे।
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उधर किसान सभा ने भिवानी के बामला टोल पर एक फौजी व उसके परिवार के साथ कुछ टोल कर्मियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। साथ ही, जिला पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष ढंग से जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्यवाही करे। मेवात में किसान धरने में जाने वाले किसानों में धनाना से सत्यवान, महाबीर फौजी, घुसकानी से सतबीर सिंह, खेड़ी दौलतपुर से वेद खेड़ी शामिल थे।