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युवक को झूठे केस में फंसाने का आरोप, डीएसपी से मिले परिजन
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भिवानी। भिवानी निवासी राजेश व हंसराज सांई ने उप पुलिस अधीक्षक आर्यन चौधरी से मिलकर पुलिस कर्मियों द्वारा उनके भाई सोनू को झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है। इस दौरान परिजनों ने डीएसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
डीएसपी से मिले युवक के परिजनों ने बताया कि बीते चार सितंबर को उनका भाई सोनू रोहतक से भिवानी आ रहा था। इस दौरान बामला टोल पर सिविल वर्दी में तैनात पुलिस कर्मियों ने उसके भाई को गन प्वाइंट पर उठा लिया। इस दौरान सोनू की गाड़ी व उसकी व एक अन्य युवक की तलाशी भी ली गई, लेकिन पुलिस को कुछ नहीं मिला। यह सारा मामला सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हैं। उसके बाद सोनू और उसके साथी को पुलिसकर्मी भिवानी अनाज मंडी चौकी में ले आए। यहां लाकर उन्हें पूरी रात लॉकअप रखा गया। सोनू के भाई राजेश ने बताया कि जब वह अपने भाई को ढूंढ रहा था, तो उसे चौकी के बाहर उसकी गाड़ी खड़ी दिखाई थी। चौकी में जाकर संपर्क किया तथा चौकी के अंदर जाकर पुलिसकर्मियों से बार-बार अनुरोध करने के बाद सोनू से मिलने दिया गया, जहां सोनू और उसके साथी को पैरों में रस्सी बांधकर जमीन पर बैठाया हुआ था। परिवार के सदस्यों ने सोनू से बात करने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने मना कर दिया। अगले दिन चौकी इंचार्ज से बात की और चौकी इंचार्ज ने कहा कि आपके भाई के पास से नशीला पदार्थ मिला है। डीएसपी से मिलकर परिजनों ने कहा कि उनका बेटा नशा नहीं करता है और उनके भाई को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने डीएसपी से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों की शिकायत सुनने के बाद डीएसपी ने रीडर को निर्देश दिए कि इस मामले की फुटेज व मोबाइल लोकेशन निकाली जाए। उन्होंने पुलिस कर्मियों को तुरंत प्रभाव से जांच कर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। डीएसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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डीएसपी से मिले युवक के परिजनों ने बताया कि बीते चार सितंबर को उनका भाई सोनू रोहतक से भिवानी आ रहा था। इस दौरान बामला टोल पर सिविल वर्दी में तैनात पुलिस कर्मियों ने उसके भाई को गन प्वाइंट पर उठा लिया। इस दौरान सोनू की गाड़ी व उसकी व एक अन्य युवक की तलाशी भी ली गई, लेकिन पुलिस को कुछ नहीं मिला। यह सारा मामला सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हैं। उसके बाद सोनू और उसके साथी को पुलिसकर्मी भिवानी अनाज मंडी चौकी में ले आए। यहां लाकर उन्हें पूरी रात लॉकअप रखा गया। सोनू के भाई राजेश ने बताया कि जब वह अपने भाई को ढूंढ रहा था, तो उसे चौकी के बाहर उसकी गाड़ी खड़ी दिखाई थी। चौकी में जाकर संपर्क किया तथा चौकी के अंदर जाकर पुलिसकर्मियों से बार-बार अनुरोध करने के बाद सोनू से मिलने दिया गया, जहां सोनू और उसके साथी को पैरों में रस्सी बांधकर जमीन पर बैठाया हुआ था। परिवार के सदस्यों ने सोनू से बात करने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने मना कर दिया। अगले दिन चौकी इंचार्ज से बात की और चौकी इंचार्ज ने कहा कि आपके भाई के पास से नशीला पदार्थ मिला है। डीएसपी से मिलकर परिजनों ने कहा कि उनका बेटा नशा नहीं करता है और उनके भाई को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने डीएसपी से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों की शिकायत सुनने के बाद डीएसपी ने रीडर को निर्देश दिए कि इस मामले की फुटेज व मोबाइल लोकेशन निकाली जाए। उन्होंने पुलिस कर्मियों को तुरंत प्रभाव से जांच कर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। डीएसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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