फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   A Shopkeeper found dead in a room in suspicious condition.

बहल में संदिग्ध हालात में मृत मिला दुकानदार, ऊपर डली थी रजाई

Sat, 23 May 2020 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2020 01:06 AM IST
विज्ञापन
A Shopkeeper found dead in a room in suspicious condition.
राकेश। फाइल फोटो। - फोटो : Bhiwani
बहल। भिवानी रोड पर एक दुकान के ऊपर बने मकान में संदिग्ध हालत में एक युवा दुकानदार का शव मिला है। मृतक बड़दू धीरजा गांव का रहने वाला था और बहल में बिजली की दुकान चलाता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर लोहारू में पोस्टमार्टम करवाया। वहीं, एसएफल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने फिलहाल इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

पुलिस को शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि भिवानी रोड पर शराब ठेके से कुछ दूरी पर एक दुकान के ऊपर बने मकान में एक युवक का शव पड़ा है। पुलिस ने जांच की तो युवक का शव एक चारपाई पर पड़ा मिला जो रजाई से ढका हुआ था। पुलिस ने मकान के किराएदार दपंती को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि मृतक राकेश (28) बहल क्षेत्र के गांव बड़दू धीरजा का रहने वाला था तथा पिछले दो साल से बहल में बस स्टैंड के समीप बिजली की दुकान करता था। युवक अपने दो भाइयों में बड़ा था औ अविवाहित था। वह फिलहाल बहल में ही एक मकान लेकर किराए पर रहता था। वहीं, जिस मकान में युवक का शव मिला है वो मकान मोरका गांव के किसी व्यक्ति का है और उसे राजस्थान के बालाण गांव निवासी मानसिंह ने किराए पर ले रखा था। राकेश कब मकान में आया और उसकी मौत का क्या कारण रहा यह पुलिस के लिए जांच का विषय है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर लोहारू में पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी सतपाल ने बताया कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के इंतजार में है। रिपोर्ट आने के बाद ही केस दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन

बुधवार को आया था फोन, उसके बाद नहीं हुआ संपर्क
राकेश की मौत का समाचार सुनकर उसके परिजन बहल पहुंचे। पिता सुमेर सिंह ने बताया कि राकेश पिछले दो साल से बहल में बिजली की दुकान चलाता था। बुधवार शाम के बाद से उसका कोई फोन नहीं आया तो उसने सोचा कि उसे कुछ काम हो गया होगा। राकेश ही परिवार का सहारा था। सुमेर ने बताया कि राकेश का बहल में बहुत लोगों से पैसे का लेनदेन था। राकेश ने 12वीं के बाद पॉलिटेक्निक का डिप्लोमा किया हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed