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स्नातकोतर के संशोधित परिणाम में फेल हुए अनेक विद्यार्थी, कॉलेज परिसर में धरना देकर जताया रोष
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संशोधित परिणाम में फेल हुए विद्यार्थी, कॉलेज परिसर में धरना देकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
लोहारू। एमए राजनीतिक शास्त्र के अंतिम वर्ष के संशोधित परीक्षा परिणाम से खफा विद्यार्थियों ने सोमवार को चौ. बंसीलाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में धरना दिया। विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा के 10 माह बाद एमए राजनीतिक शास्त्र अंतिम वर्ष का परिणाम घोषित किया गया और दो दिन बाद ही उसे संशोधित कर बदल दिया गया, जिसमें कई विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि उनकी उत्तर-पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवाकर परिणाम घोषित किया जाए। प्राचार्य उमेश और थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को समझाया और उनकी बात विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
छात्रा कृपा सोलंकी, कविता और मंजीत कुमारी ने बताया कि उन लोगों ने एमए राजनीतिक शास्त्र अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। परीक्षा के करीब 10 माह बाद विश्वविद्यालय ने परिणाम घोषित किया, जिसमें 13 विद्यार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया था। इसके दो दिन बाद ही परीक्षा परिणाम को संशोधित कर जारी किया गया। जिसमें कि जिन विद्यार्थियों का एक पेपर में रीअपीयर था, उनका दो में कर दिया गया और जिनका दो में रीअपीयर था, उन्हें फेल घोषित कर दिया गया। छात्रों ने संशोधित परीक्षा परिणाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहला परिणाम घोषित करने में 10 माह लग गए तो दो दिन में ही संशोधित रिजल्ट कैसे घोषित कर दिया गया। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि उनकी उत्तर-पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवाकर परिणाम घोषित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर वर्तमान परिणाम को दुरूस्त नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
लोहारू। एमए राजनीतिक शास्त्र के अंतिम वर्ष के संशोधित परीक्षा परिणाम से खफा विद्यार्थियों ने सोमवार को चौ. बंसीलाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में धरना दिया। विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा के 10 माह बाद एमए राजनीतिक शास्त्र अंतिम वर्ष का परिणाम घोषित किया गया और दो दिन बाद ही उसे संशोधित कर बदल दिया गया, जिसमें कई विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि उनकी उत्तर-पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवाकर परिणाम घोषित किया जाए। प्राचार्य उमेश और थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को समझाया और उनकी बात विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
छात्रा कृपा सोलंकी, कविता और मंजीत कुमारी ने बताया कि उन लोगों ने एमए राजनीतिक शास्त्र अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। परीक्षा के करीब 10 माह बाद विश्वविद्यालय ने परिणाम घोषित किया, जिसमें 13 विद्यार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया था। इसके दो दिन बाद ही परीक्षा परिणाम को संशोधित कर जारी किया गया। जिसमें कि जिन विद्यार्थियों का एक पेपर में रीअपीयर था, उनका दो में कर दिया गया और जिनका दो में रीअपीयर था, उन्हें फेल घोषित कर दिया गया। छात्रों ने संशोधित परीक्षा परिणाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहला परिणाम घोषित करने में 10 माह लग गए तो दो दिन में ही संशोधित रिजल्ट कैसे घोषित कर दिया गया। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि उनकी उत्तर-पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवाकर परिणाम घोषित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर वर्तमान परिणाम को दुरूस्त नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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