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Bhiwani News: शहर में अवैध 74 कोचिंग संस्थानों में नहीं है आग से सुरक्षा के प्रबंध
Sat, 14 Jun 2025 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 14 Jun 2025 10:53 PM IST
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रोहतक गेट स्थित कोचिंग संस्थान में लगी आग को बुझाते दमकल विभाग के कर्मचारी।
भिवानी। शहर में 74 अवैध कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, जिनमें अधिकांश के अंदर आग से सुरक्षा के कोई प्रबंध तक नहीं हैं। जिससे विद्यार्थियों की जान पर भी जोखिम बढ़ रहा है। इतना ही नहीं कई हादसों के बाद भी जिला प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी भी एक माह पहले अवैध कोचिंग संस्थानों की सूची जारी कर कार्रवाई करना भूल गए हैं।
शनिवार को रोहतक गेट स्थित एक कोचिंग संस्थान के तीसरी मंजिल पर अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिस समय ये हादसा हुआ वहां बच्चों की कक्षाएं नहीं लगी थीं। जिससे जान का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि आग पर दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब एक घंटे में काबू पाया, तब तक कोचिंग अकादमी का फर्नीचर और सामान जलकर नष्ट हो चुका था। हालांकि बहुमंजिला भवन में फायर सेफ्टी प्रबंध भी बताए जा रहे थे, लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ नहीं होने और आग लगने के बाद बिजली गुल होने से ये सिस्टम भी फेल हो गया।
भिवानी शहर में करीब 74 कोचिंग अकादमियों की शिक्षा विभाग ने करीब एक माह पहले सूची जारी की थी। जिसमें बाकायदा उन सभी कोचिंग अकादमियों के नाम भी दर्शाये गए थे। जिन पर शिक्षा विभाग कार्रवाई की बात कह रहा था। लेकिन एक माह बाद भी शिक्षा अधिकारियों ने इन अवैध कोचिंग अकादमियों को बंद कराना तो दूर निरीक्षण कर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रबंध तक जांचना जरूरी नहीं समझा। ऐसे में अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। वहीं जिला प्रशासन भी आंख मूंद हाथ पर हाथ धरे बैठ इस तरह के हादसा होने पर केवल तमाशा देख रहा है।
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अधिकांश कोचिंग अकादमी या सेंटर ऐसी संकरी या बहुमंजिला इमारतों के ऊपरी हिस्सों में चल रहे हैं, जहां आग जैसी घटनाओं में जान बचा पाना भी मुश्किल हो जाता है। पहले हुए हादसों से भी अधिकारी और प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है। जबकि जिला दमकल विभाग के अधिकारी भी निरीक्षण कर इन्हें नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
पौना घंटे बाद ही कोचिंग अकादमी में शुरू होने थी विद्यार्थियों की कक्षाएं
रोहतक गेट स्थित तीसरी मंजिल पर बने कोचिंग अकादमी में शनिवार सुबह सात बजकर 45 मिनट पर अचानक आग लग गई। आग बिजली के शार्ट सर्किट से लगी बताई जा रही है। कोचिंग अकादमी में सुबह साढ़े आठ बजे विद्यार्थियों की कक्षाएं आरंभ हो जाती हैं। कोचिंग अकादमी में अंदर से भी रास्ता है और बाहर भी लोहे की फुटपाथ पर सीढि़यां बनाई गई हैं। ये सीढि़यां भी सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। हालांकि बहुमंजिला इमारत के अंदर फायर सेफ्टी प्रबंध भी बताए जा रहे हैं, लेकिन आग लगने के बाद इनका संचालन नहीं हो पाया, क्योंकि बिजली गुल हो गई और कर्मचारियों के भी हाथ पांव फूल गए। दमकल की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर करीब एक घंटे में काबू पाया। दमकल के दस कर्मचारी तीसरी मंजिल पर लगी आग को काबू पाने में जुटे रहे। कोचिंग अकादमी चारों तरफ से बंद थी, इसलिए घना धुआं अंदर छाया तो अंदर घुसकर आग पर काबू पाना भी मुश्किल हो रहा था। आग से फर्नीचर, एसी व अन्य सामान भी नष्ट हो गया।
शहर के अंदर बहुमंजिला इमारतों में चल रहे कोचिंग अकादमियों व अन्य संस्थानों का सर्वेक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे। जिनमें यह भी बताया गया था कि जल्द से जल्द फायर सेफ्टी के प्रबंध कराकर जिला दमकल कार्यालय से एनओसी जारी करा लें। शिक्षण संस्थान, अस्पताल, कोचिंग अकादमी व अन्य बड़े संस्थानों सभी के लिए फायर सेफ्टी प्रबंध अनिवार्य किए हुए हैं।
-सुरेश कुमार जिला दमकल अधिकारी भिवानी।
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शनिवार को रोहतक गेट स्थित एक कोचिंग संस्थान के तीसरी मंजिल पर अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिस समय ये हादसा हुआ वहां बच्चों की कक्षाएं नहीं लगी थीं। जिससे जान का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि आग पर दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब एक घंटे में काबू पाया, तब तक कोचिंग अकादमी का फर्नीचर और सामान जलकर नष्ट हो चुका था। हालांकि बहुमंजिला भवन में फायर सेफ्टी प्रबंध भी बताए जा रहे थे, लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ नहीं होने और आग लगने के बाद बिजली गुल होने से ये सिस्टम भी फेल हो गया।
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भिवानी शहर में करीब 74 कोचिंग अकादमियों की शिक्षा विभाग ने करीब एक माह पहले सूची जारी की थी। जिसमें बाकायदा उन सभी कोचिंग अकादमियों के नाम भी दर्शाये गए थे। जिन पर शिक्षा विभाग कार्रवाई की बात कह रहा था। लेकिन एक माह बाद भी शिक्षा अधिकारियों ने इन अवैध कोचिंग अकादमियों को बंद कराना तो दूर निरीक्षण कर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रबंध तक जांचना जरूरी नहीं समझा। ऐसे में अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। वहीं जिला प्रशासन भी आंख मूंद हाथ पर हाथ धरे बैठ इस तरह के हादसा होने पर केवल तमाशा देख रहा है।
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अधिकांश कोचिंग अकादमी या सेंटर ऐसी संकरी या बहुमंजिला इमारतों के ऊपरी हिस्सों में चल रहे हैं, जहां आग जैसी घटनाओं में जान बचा पाना भी मुश्किल हो जाता है। पहले हुए हादसों से भी अधिकारी और प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है। जबकि जिला दमकल विभाग के अधिकारी भी निरीक्षण कर इन्हें नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
पौना घंटे बाद ही कोचिंग अकादमी में शुरू होने थी विद्यार्थियों की कक्षाएं
रोहतक गेट स्थित तीसरी मंजिल पर बने कोचिंग अकादमी में शनिवार सुबह सात बजकर 45 मिनट पर अचानक आग लग गई। आग बिजली के शार्ट सर्किट से लगी बताई जा रही है। कोचिंग अकादमी में सुबह साढ़े आठ बजे विद्यार्थियों की कक्षाएं आरंभ हो जाती हैं। कोचिंग अकादमी में अंदर से भी रास्ता है और बाहर भी लोहे की फुटपाथ पर सीढि़यां बनाई गई हैं। ये सीढि़यां भी सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। हालांकि बहुमंजिला इमारत के अंदर फायर सेफ्टी प्रबंध भी बताए जा रहे हैं, लेकिन आग लगने के बाद इनका संचालन नहीं हो पाया, क्योंकि बिजली गुल हो गई और कर्मचारियों के भी हाथ पांव फूल गए। दमकल की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर करीब एक घंटे में काबू पाया। दमकल के दस कर्मचारी तीसरी मंजिल पर लगी आग को काबू पाने में जुटे रहे। कोचिंग अकादमी चारों तरफ से बंद थी, इसलिए घना धुआं अंदर छाया तो अंदर घुसकर आग पर काबू पाना भी मुश्किल हो रहा था। आग से फर्नीचर, एसी व अन्य सामान भी नष्ट हो गया।
शहर के अंदर बहुमंजिला इमारतों में चल रहे कोचिंग अकादमियों व अन्य संस्थानों का सर्वेक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे। जिनमें यह भी बताया गया था कि जल्द से जल्द फायर सेफ्टी के प्रबंध कराकर जिला दमकल कार्यालय से एनओसी जारी करा लें। शिक्षण संस्थान, अस्पताल, कोचिंग अकादमी व अन्य बड़े संस्थानों सभी के लिए फायर सेफ्टी प्रबंध अनिवार्य किए हुए हैं।
-सुरेश कुमार जिला दमकल अधिकारी भिवानी।