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पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगा धरने पर बैठा मृतक बलजीत का परिवार
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:16 AM IST
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भिवानी। गत आठ जुलाई को चुनावी रंजिश में पिता-पुत्र की हत्या के मामले में परिजनों ने आरोपी पक्ष की ओर से जान का खतरा और पुलिस पर उन्हें सुरक्षा देने में विफल रहने का आरोप लगाया है। मृतक के परिजनों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना देते हुए कहा कि यदि पुलिस उन्हें न्याय नहीं दे सकती तो उन्हें जेल भेज दे, क्योंकि वे जेल में सुरक्षित रह सकते हैं। या फिर उन्हें इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए।
बडेसरा निवासी मृतक बलजीत के परिजन सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों का कहना है कि उन्हें दो महीनों बाद भी न्याय नहीं मिला है। मृतक बलजीत के बेटे विकास, बलजीत की बहन बिमला और उनके चाचा सूबे सिंह ने बताया कि जब से सरपंच के खिलाफ आरटीआई मांगी है, उनके साथ अन्याय हो रहा है। इसी को लेकर बीते आठ जुलाई को उनके परिवार के 6-7 लोगों पर सरपंच पक्ष के लोगों ने जानलेवा हमला किया था। इसमूें दो की जान चली गई थी। आज हालात ये हैं कि उनके परिवार को पुलिस के आश्वासन के बाद भी न्याय नहीं मिला और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि वो पुलिस व प्रशासन से न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होने कहा कि पुलिस उन्हें न्याय नहीं दे सकती तो उन्हे जेल भेज दे या इच्छा मृत्यु की इजाजत दे। मृतक बलजीत की बहन और चाचा सूबे सिंह ने बताया कि आज उनके परिवार को गांव में खतरा है। दूसरा पक्ष खुलेआम धमकी दे रहा है। उनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और बड़े लोग खेत नहीं कर पा रहे।
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ये था मामला
गत आठ जुलाई को बडेसरा गांव में हुए खूनी संघर्ष में बलजीत नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। तीन-चार दिन बाद हमले में घायल बलजीत के पिता भले राम की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस झगड़े में मृतक बलजीत के परिवार के कई लोगों को गंभीर चोटें भी आई थीं। बलजीत पक्ष का आरोप है कि सरपंच की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज आरटीआई से मांगे थे। इसके बाद सरपंच सस्पेंड हो गई और जेल जाना पड़ा। इसके बाद सरपंच पक्ष के लोगों ने उन पर हमला किया।
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बडेसरा निवासी मृतक बलजीत के परिजन सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों का कहना है कि उन्हें दो महीनों बाद भी न्याय नहीं मिला है। मृतक बलजीत के बेटे विकास, बलजीत की बहन बिमला और उनके चाचा सूबे सिंह ने बताया कि जब से सरपंच के खिलाफ आरटीआई मांगी है, उनके साथ अन्याय हो रहा है। इसी को लेकर बीते आठ जुलाई को उनके परिवार के 6-7 लोगों पर सरपंच पक्ष के लोगों ने जानलेवा हमला किया था। इसमूें दो की जान चली गई थी। आज हालात ये हैं कि उनके परिवार को पुलिस के आश्वासन के बाद भी न्याय नहीं मिला और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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उन्होंने कहा कि वो पुलिस व प्रशासन से न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होने कहा कि पुलिस उन्हें न्याय नहीं दे सकती तो उन्हे जेल भेज दे या इच्छा मृत्यु की इजाजत दे। मृतक बलजीत की बहन और चाचा सूबे सिंह ने बताया कि आज उनके परिवार को गांव में खतरा है। दूसरा पक्ष खुलेआम धमकी दे रहा है। उनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और बड़े लोग खेत नहीं कर पा रहे।
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ये था मामला
गत आठ जुलाई को बडेसरा गांव में हुए खूनी संघर्ष में बलजीत नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। तीन-चार दिन बाद हमले में घायल बलजीत के पिता भले राम की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस झगड़े में मृतक बलजीत के परिवार के कई लोगों को गंभीर चोटें भी आई थीं। बलजीत पक्ष का आरोप है कि सरपंच की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज आरटीआई से मांगे थे। इसके बाद सरपंच सस्पेंड हो गई और जेल जाना पड़ा। इसके बाद सरपंच पक्ष के लोगों ने उन पर हमला किया।