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Bhiwani News: इफको ई-बाजार केंद्र पर पहुंचे डीएपी के 600 कट्टे, किसानों को वितरण शुरू
Fri, 03 Jul 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:02 AM IST
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ढिगावामंडी के इफको ई-बाजार केंद्र पर खाद के लिए लगी किसानों की भीड़।
- फोटो : 1
ढिगावामंडी। कस्बे स्थित इफको ई-बाजार केंद्र पर डीएपी खाद की 600 कट्टों की खेप पहुंचने के बाद किसानों को वितरण शुरू कर दिया गया। आगामी रबी सीजन को देखते हुए किसान अभी से डीएपी खरीदकर भंडारण कर रहे हैं ताकि बिजाई के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने बताया कि हर वर्ष सरसों और गेहूं की बिजाई के दौरान डीएपी की किल्लत हो जाती है। किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है और कई बार पर्याप्त खाद नहीं मिल पाती। इसी आशंका के चलते किसान छह माह पहले ही 5 से 10 हजार रुपये तक की डीएपी खरीदकर घर में रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया का उपयोग आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए। सरकार ड्रोन के माध्यम से इसके छिड़काव को बढ़ावा दे रही है जिससे समय की बचत होती है और फसल को भी नुकसान नहीं पहुंचता। उन्होंने डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य टैगिंग कर बिक्री करने को गलत बताया।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बिजाई के समय खाद की कमी न हो। उन्होंने किसानों से अफवाहों से बचने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदने की अपील की।
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भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने बताया कि हर वर्ष सरसों और गेहूं की बिजाई के दौरान डीएपी की किल्लत हो जाती है। किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है और कई बार पर्याप्त खाद नहीं मिल पाती। इसी आशंका के चलते किसान छह माह पहले ही 5 से 10 हजार रुपये तक की डीएपी खरीदकर घर में रख रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया का उपयोग आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए। सरकार ड्रोन के माध्यम से इसके छिड़काव को बढ़ावा दे रही है जिससे समय की बचत होती है और फसल को भी नुकसान नहीं पहुंचता। उन्होंने डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य टैगिंग कर बिक्री करने को गलत बताया।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बिजाई के समय खाद की कमी न हो। उन्होंने किसानों से अफवाहों से बचने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदने की अपील की।