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Bhiwani News: पुराने जलघर के टैंकों में 60 फीसदी पानी का हुआ भंडारण, शहर में 20 मिनट बढ़ी जलापूर्ति
Sat, 01 Jul 2023 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 01 Jul 2023 11:50 PM IST
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पुराना जलघर स्थित वाटर टैंक में जमा पानी।
भिवानी। शहर की करीब साढ़े चार लाख की आबादी की प्यास बुझाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 20 मिनट जलापूर्ति का समय बढ़ा दिया है। जबकि पुराने जलघर के टैंकों में भी 60 फीसदी तक भंडारण हुआ है। बारिश के बाद नहरों में पानी का स्तर बढ़ा है, जिससे भी शहर को जल संकट से राहत मिलेगी।
दरअसल, पुराने जलघर के टैंक खाली होने के साथ ही करीब एक पखवाड़े तक शहर में पेयजल राशनिंग लोगों को झेलनी पड़ी। नहरों में पानी आने के बाद एक दिन छोडक़र एक दिन पानी की राशनिंग तो विभाग ने खत्म कर दी थी, मगर पेयजल आपूर्ति का समय घटा दिया था। इसकी वजह से टेल पर लगने वाले इलाकों के घरों तक पानी पहुंचने में भी दिक्कतें आ रही थी, मगर अब विभाग ने शहरी पेयजल आपूर्ति में 20 मिनट का समय और बढ़ा दिया है। जिसके बाद प्रत्येक जोन में जलापूर्ति का समय करीब डेढ़ घंटा हो गया है।
सामान्य तौर पर जनस्वास्थ्य विभाग प्रत्येक जोन में सवा से डेढ़ घंटे तक जलापूर्ति कराता है। इस लिहाज से रोजाना ही शहर में करीब 55 एमएलडी पानी की खपत होती है। शहरी दायरे में गर्मी के मौसम में लोगों की पेयजल के साथ साथ रोजमर्रा कार्यों में भी स्वच्छ जल की जरूरत बढ़ जाती है। इसी को लेकर गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत बनती है। हालांकि अब पूरे मानसून लोगों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति मिलने की उम्मीद है, क्योंकि नहरों में बारिश के साथ ही अतिरिक्त पानी का भी प्रबंध हो गया है। जिससे नहरी शेड्यूल के बाद भी अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है। पुराने जलघर के टैंकों में करीब 60 फीसदी तक भंडारण भी हो चुका है, जबकि बूस्टरों पर भी अब पानी की स्थिति काफी बेहतर है।
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शहरी दायरे में पेयजल आपूर्ति नियमित रूप से दी जा रही है। राशनिंग के बाद जलापूर्ति का समय बढ़ाया गया है। पुराने जलघर के टैंकों में भी 60 फीसदी पानी का भंडारण हुआ है, जबकि लगातार लिफ्ट कर नहर से टैंकों तक पानी पहुंचा रहे हैं। अतिरिक्त पानी मिला तो नया टैंक भी भरा जाएगा।
- सचिन तलेजा, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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दरअसल, पुराने जलघर के टैंक खाली होने के साथ ही करीब एक पखवाड़े तक शहर में पेयजल राशनिंग लोगों को झेलनी पड़ी। नहरों में पानी आने के बाद एक दिन छोडक़र एक दिन पानी की राशनिंग तो विभाग ने खत्म कर दी थी, मगर पेयजल आपूर्ति का समय घटा दिया था। इसकी वजह से टेल पर लगने वाले इलाकों के घरों तक पानी पहुंचने में भी दिक्कतें आ रही थी, मगर अब विभाग ने शहरी पेयजल आपूर्ति में 20 मिनट का समय और बढ़ा दिया है। जिसके बाद प्रत्येक जोन में जलापूर्ति का समय करीब डेढ़ घंटा हो गया है।
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सामान्य तौर पर जनस्वास्थ्य विभाग प्रत्येक जोन में सवा से डेढ़ घंटे तक जलापूर्ति कराता है। इस लिहाज से रोजाना ही शहर में करीब 55 एमएलडी पानी की खपत होती है। शहरी दायरे में गर्मी के मौसम में लोगों की पेयजल के साथ साथ रोजमर्रा कार्यों में भी स्वच्छ जल की जरूरत बढ़ जाती है। इसी को लेकर गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत बनती है। हालांकि अब पूरे मानसून लोगों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति मिलने की उम्मीद है, क्योंकि नहरों में बारिश के साथ ही अतिरिक्त पानी का भी प्रबंध हो गया है। जिससे नहरी शेड्यूल के बाद भी अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है। पुराने जलघर के टैंकों में करीब 60 फीसदी तक भंडारण भी हो चुका है, जबकि बूस्टरों पर भी अब पानी की स्थिति काफी बेहतर है।
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शहरी दायरे में पेयजल आपूर्ति नियमित रूप से दी जा रही है। राशनिंग के बाद जलापूर्ति का समय बढ़ाया गया है। पुराने जलघर के टैंकों में भी 60 फीसदी पानी का भंडारण हुआ है, जबकि लगातार लिफ्ट कर नहर से टैंकों तक पानी पहुंचा रहे हैं। अतिरिक्त पानी मिला तो नया टैंक भी भरा जाएगा।
- सचिन तलेजा, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।