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गंदे पानी की सप्लाई से टंकी भी हुई खराब, टोंटी भी हो गई जाम
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:18 AM IST
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भिवानी। पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी मेें लंबे समय से मुख्य पेयजल लाइन लीकेज की वजह से दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही है। एमपी की हिदायत के बावजूद जन स्वास्थ्य विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया। शुक्रवार को गुस्साई महिलाओं ने प्रदर्शन कर रोष जताया।
पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी मेनका गर्ग, अंजू, सुमित्रा देवी, शकुंतला, प्रियंका, शीला, मधु, रानीदेवी ने बताया कि गंदे पानी की वजह से घरों के अंदर बनी टंकी भी खराब हो गई हैं तो वहीं टोंटी भी जाम हो गई हैं। क्योंकि पानी के साथ कचरा भी घरों के नलों में टपकता है। गंदा पानी आर.ओ सिस्टम में भी साफ नहीं हो रहा है। जिसे पीकर बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। दूषित पानी की आपूर्ति से जलजनित बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि पिछले छह सात माह से पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अंदर पानी की मुख्य लाइन लीकेज हैं। रोजाना शाम को साढ़े पांच बजे जब पानी की सप्लाई आती है तो लाइन में लीकेज के कारण पानी का प्रेशर भी नहीं बन रहा है। जिसकी शिकायतें भी कई बार पब्लिक हेल्थ विभाग को दी जा चुकी है।
नरेश गर्ग ने बताया कि करीबन 40 साल पहले पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा इस इलाके में पानी की लाइन डाली गई थी। इसके बाद इस लाइन की फिर किसी ने भी सुध नहीं ली। अब खस्ताहाल पेयजल की मुख्य लाइन कई जगहों से लीकेज हो चुकी है, जिसमें सीवरेज का पानी भी मिक्स होकर घरों में पहुंच रहा है। उनकी मांग है कि पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अंदर बदली जाए। उन्होंने बताया कि सांसद धर्मबीर सिंह के समक्ष भी मामला उठाया था, जिस पर सांसद ने संज्ञान लेते हुए पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को उनके सामने ही फोन पर जल्द से जल्द समस्या समाधान की बात कही थी। लेकिन पब्लिक हेल्थ अधिकारियों ने मौके का मुआयना तो कराया, मगर समस्या का समाधान नहीं किया। उनका यह भी आरोप है कि पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी पेयजल लाइन में लीकेज नहीं होने का दावा भी कर रहे हैं, जबकि सप्लाई के समय जमीन से पानी की धार फूटकर दूर तक पानी व्यर्थ में ही बह जाता है।
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फोटो 37
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तहसीलदार ने किए पॉलिथीन बेचने पर 30 हजार के चालान
भिवानी। डीसी के निर्देश पर चल रहे पॉलीथिन मुक्त अभियान के तहत शुक्रवार को तहसीलदार नरेश ने अपनी टीम के साथ बाजारों में जांच अभियान चलाया और छह दुकानदारों के करीब 30 हजार के चालान किए।
तहसीलदार नरेश ने दोपहर के समय अपनी टीम के साथ जांच अभियान चलाया। उन्होंने तीन दुकानदारों केेे तीन-तीन हजार, एक दुकानदार का 20 हजार का और दो दुकानदारों के पांच-पांच सौ के चालान किए। उन्होंने बताया कि शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाया जाएगा। प्रतिबंध के बावजूद कुछ दुकानदार पॉलीथिन बेच रहे है जो कि गलत है।
पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी मेनका गर्ग, अंजू, सुमित्रा देवी, शकुंतला, प्रियंका, शीला, मधु, रानीदेवी ने बताया कि गंदे पानी की वजह से घरों के अंदर बनी टंकी भी खराब हो गई हैं तो वहीं टोंटी भी जाम हो गई हैं। क्योंकि पानी के साथ कचरा भी घरों के नलों में टपकता है। गंदा पानी आर.ओ सिस्टम में भी साफ नहीं हो रहा है। जिसे पीकर बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। दूषित पानी की आपूर्ति से जलजनित बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि पिछले छह सात माह से पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अंदर पानी की मुख्य लाइन लीकेज हैं। रोजाना शाम को साढ़े पांच बजे जब पानी की सप्लाई आती है तो लाइन में लीकेज के कारण पानी का प्रेशर भी नहीं बन रहा है। जिसकी शिकायतें भी कई बार पब्लिक हेल्थ विभाग को दी जा चुकी है।
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नरेश गर्ग ने बताया कि करीबन 40 साल पहले पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा इस इलाके में पानी की लाइन डाली गई थी। इसके बाद इस लाइन की फिर किसी ने भी सुध नहीं ली। अब खस्ताहाल पेयजल की मुख्य लाइन कई जगहों से लीकेज हो चुकी है, जिसमें सीवरेज का पानी भी मिक्स होकर घरों में पहुंच रहा है। उनकी मांग है कि पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अंदर बदली जाए। उन्होंने बताया कि सांसद धर्मबीर सिंह के समक्ष भी मामला उठाया था, जिस पर सांसद ने संज्ञान लेते हुए पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को उनके सामने ही फोन पर जल्द से जल्द समस्या समाधान की बात कही थी। लेकिन पब्लिक हेल्थ अधिकारियों ने मौके का मुआयना तो कराया, मगर समस्या का समाधान नहीं किया। उनका यह भी आरोप है कि पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी पेयजल लाइन में लीकेज नहीं होने का दावा भी कर रहे हैं, जबकि सप्लाई के समय जमीन से पानी की धार फूटकर दूर तक पानी व्यर्थ में ही बह जाता है।
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तहसीलदार ने किए पॉलिथीन बेचने पर 30 हजार के चालान
भिवानी। डीसी के निर्देश पर चल रहे पॉलीथिन मुक्त अभियान के तहत शुक्रवार को तहसीलदार नरेश ने अपनी टीम के साथ बाजारों में जांच अभियान चलाया और छह दुकानदारों के करीब 30 हजार के चालान किए।
तहसीलदार नरेश ने दोपहर के समय अपनी टीम के साथ जांच अभियान चलाया। उन्होंने तीन दुकानदारों केेे तीन-तीन हजार, एक दुकानदार का 20 हजार का और दो दुकानदारों के पांच-पांच सौ के चालान किए। उन्होंने बताया कि शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाया जाएगा। प्रतिबंध के बावजूद कुछ दुकानदार पॉलीथिन बेच रहे है जो कि गलत है।