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पशु चिकित्सकों ने होम टाउन लिया तो नहीं मिलेगा एचआरए

Sun, 21 Oct 2018 12:18 AM IST
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:18 AM IST
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पशु चिकित्सकों ने होम टाउन लिया तो नहीं मिलेगा एचआरए

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भिवानी। हाल ही में नवनियुक्त पशु चिकित्सकों को गृह जनपद में तैनाती पर एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस नहीं मिलेगा। ये आदेश पशु पालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दिए है। इस बारे में नियुक्ति लेने वाले चिकित्सकों से अंडर टेकिंग ली जा रही है। वहीं आदेशों पर विवाद शुरू हो गया है। रेजिस्टर्ड वेटनरी एसोसिएशन ने खुलकर इसका विरोध करते हुए इसे सर्विस रूल के खिलाफ लिया गया तुगलकी फरमान बताया है। साथ ही कृषि मंत्री से इस फैसले को रद्द करने की मांग की है।
पशु पालन विभाग ने 15 अक्तूबर को 223 नवचयनित पशु चिकित्सकों की लिस्ट जारी की है। जिनमें अधिकतर गृह जनपद पाने के लिए प्रयास कर रहे है। इसके अलावा कुछ को गृह जनपद मिला भी है। चिकित्सकों की जारी लिस्ट के साथ ही पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आदेश जारी किए है कि जिन चिकित्सकों को गृह जनपद मिला है या चाहते है, उन्हें एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस नहीं मिलेगा। इस फैसले से सभी हैरान है और सभी इसे सर्विस रूल के खिलाफ लिया गया फैसला बता रहे है। इस बारे में पशु चिकित्सकों की रजिस्टर्ड एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कृषि मंत्री से भी मिलने का निर्णय लिया है।
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तैनाती के समय ली गई अंडर टेकिंग
नवनियुक्त 223 पशु चिकित्सक को उनको दिए गए स्टेशनों पर नियुक्त कर रहे है। नियुक्ति के साथ ही चिकित्सकों से एक शपथ पत्र लिया जा रहा है कि वह गृह जिले में नियुक्ति ले रहा है और वह एचआरए नहीं लेंगे।
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आदेश सिर्फ नवनियुक्त 223 चिकित्सकों पर ही होगा लागू
कमाल की बात यह भी है कि ये आदेश सिर्फ नवनियुक्त 223 चिकित्सकों पर ही लागू होगा। ना पहले नियुक्त हुए चिकित्सकों पर लागू होंगे ना ही किसी अन्य पर। इस कारण भी ये आदेश चर्चा में है।

‘अतिरिक्त मुख्य सचिव ने ऐसे आदेश दिए हैं, जिनका सर्विस रूल में प्रावधान ही नहीं है। किसी भी विभाग में ऐसा नहीं किया जाता। एचआरए नहीं देने का एसोसिएशन कड़े शब्दों में विरोध करती है और कृषि मंत्री से मांग करती है कि इन आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए। एसीएस को यह आदेश देने के अधिकार भी नहीं है, क्योंकि यह सरकार का फैसला है और कैबिनेट मीटिंग में ही ऐसे निर्णय लिए जा सकते है।’
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