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खरक के असिस्टेंट कमांडेंट गजेंद्र सिंह छतीसगढ़ में शहीद

Fri, 09 Mar 2018 12:57 AM IST
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:57 AM IST
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खरक के असिस्टेंट कमांडेंट गजेंद्र सिंह छतीसगढ़ में शहीद
- शहीद गजेंद्र सिंह का राजकीय सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी/चांग।
गांव खरक कलां निवासी बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट गजेंद्र सिंह छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर वीरवार रात तक गांव पहुंचने की उम्मीद है। अंत्येष्टि शुक्रवार सुबह होगी। गजेंद्र सिंह की शहादत की खबर के बाद गांव में मातम छा गया।
1998 में बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर भर्ती हुए गजेंद्र सिंह (42) दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित मसपुर गांव में नक्सली हमले में शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर बुधवार को परिजनों को मिली।
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गजेंद्र के चचेरे भाई सुरेंद्र ने बताया कि दो दिन पहले गजेंद्र सिंह अपनी बटालियन के साथ नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों ने बारुदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। नक्सलियों द्वारा अचानक किए गए इस विस्फोट में गजेंद्र सहित एक अन्य सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। गजेंद्र सिंह की शहादत की खबर के बाद गांव खरक कलां में गम में डूब गया। वीरवार को गांव की मार्केट बंद रही। शहीद परिवार को ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा रहा। शहीद गजेंद्र का शुक्रवार को खरक के रामबाग में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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सात महीने पहले जुडवां बेटियों ने लिया था जन्म
सुरेंद्र ने बताया कि शहीद अपने पीछे पत्नी मोनिका सहित अपनी बुजुर्ग मां व दो सात महीने की दो बेटियां छोड़ गए हैं। शहीद गजेंद्र सिंह के घर सात माह पूर्व ही दो जुड़वां बेटियों ने जन्म लिया था।
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सीआरपीएफ में सूबेदार थे गजेंद्र के पिता
शहीद के पिता दिवंगत मोती भी सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त हुए थे। गजेंद्र ने अपने पिता से प्रेरणा लेते हुए भारतीय फौजी में भर्ती होकर देश की सेवा करने का जुनून बचपन से ही था। उनको बचपन से ही तिरंगा झंडा अच्छा लगता था, सेना में भर्ती होने के बाद हमेशा अपने पास अपने देश का झंडा रखते थे। गजेंद्र वर्ष 1998 में छावला दिल्ली से बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे।

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रात को दिल्ली पहुंचेगा शव, सुबह साढ़े सात बजे होगी अंत्येष्टि
शहीद गजेंद्र का पार्थिव शरीर वीरवार रात करीब 9 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। गजेंद्र के बड़े भाई पवन व अन्य पारिवारिक सदस्य गजेंद्र की पार्थिव देह को लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। पवन ने बताया कि गजेंद्र सिंह की अंत्येष्ठि शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे होगी।
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